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Economy /5 साल से पहले PF निकालने पर भरना पड़ता है टैक्स, रखें 10 बातों का ध्यान

  • इन बिंदुओं को ध्यान में रखना जरूरी

Money Bhaskar

Apr 29,2019 05:00:14 PM IST

नई दिल्ली। इम्प्लॉय प्रोविडेंट फंड का पैसा कर्मचारी की सैलरी से काटा जाता है। हर महीने आपकी बेसिक सैलरी से 12% पीएफ काटा जाता है। यह हिस्सा आपके और संस्थान दोनों की तरफ से जमा होता है। एक तीसरा हिस्सा पेंशन फंड के रूप में जमा किया जाता है। यह एम्प्लॉयर के खाते से जाने वाले पीएफ में से कटता है। अब यदि कर्मचारी चाहे तो आसानी से अपना पीएफ का पैसा निकाल सकता है। अब कर्मचारी ऑनलाइन भी अपना पीएफ निकाल सकते हैं। ईपीएफओ ने पीएफ निकालने का समय भी काफी कम कर दिया है।

पीएफ को तुरंत निकालना समझदारी नहीं है


दिसंबर 2018 में, ईपीएफओ ने ग्राहकों को नौकरी छोड़ने के एक महीने के बाद जमा ईपीएफ कॉर्पस के 75% तक वापस लेने की अनुमति देने के लिए अपने नियमों में संशोधन किया। इसके अलावा ग्राहक दो महीने से अधिक समय तक बेरोजगारी के बाद शेष 25% को वापस निकाल सकते है। लेकिन फाइनेंशियल प्लेनर का कहना है कि कर्मचारी अगर नौकरी छोड़ते हैं या उन्हें कंपनी से निकाला भी जाता है तो भी पीएफ को तुरंत निकालना समझदारी नहीं है। इसे तभी निकाले जब आपको इसकी सख्त जरूरत हो। आपको बता दें कि नौकरी छोड़ने के बाद भी पीएफ पर ब्याज मिलता रहता है और नया रोजगार मिलने के साथ ही उसे नई कंपनी में स्थानांतरित कराया जा सकता है। इसी तरह आयकर कानून भी जल्द पीएफ निकासी के लिए लिए मना करता है। तो यदि अगर आप भी अपना पीएफ निकालना चाहते हैं तो आपको

इन बिंदुओं को ध्यान में रखना जरूरी

- यदि कोई कर्मचारी 5 साल की अवधि से पहले अपना पीएफ निकाल लेता है तो उसे ईपीएफ निकालते समय टैक्स भरना पड़ता है।

- नौकरी बदलने के केस में कर्मचारी की EPF दूसरे इम्प्लॉयर में ट्रांसफर हो जाएगा। ऐसे में कर्मचारी का कंटीनुअस पीरियड कैलकुलेट करते समय नए इम्पलॉयर का पीरियड भी जोड़ा जाएगा।

- यदि नौकरी की कुल अवधि पांच साल से कम होती है तो पीएफ निकालते समय कर्मचारी को टैक्स भरना होता है।

- यह ध्यान देने वाली बात है कि किसी भी ईपीएफ योगदान के चार भाग हैं - कर्मचारी योगदान, नियोक्ता योगदान और नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के योगदान पर अर्जित ब्याज।

- आप पांच साल किसी एक नियोक्ता के साथ काम करें या कई इम्पलॉयर के साथ, अगर आप पांच साल तक EPF में योगदान के बाद रकम निकालते हैं, तो इस रकम पर कोई टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा।

- पीएफ में ग्राहक के अपने योगदान पर टैक्स नहीं लिया जाता। लेकिन अगर ग्राहक ने अपने योगदान पर धारा 80 सी के तहत कटौती का दावा किया हुआ है , तो इसपर टैक्स लिया जाएगा। ईपीएफओ के प्रति ईपीएफओ ग्राहक का अपना योगदान आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कटौती के लिए पात्र है।

- पांच साल की निरंतर सेवा से पहले निकासी पर, टीडीएस 10% लगाया जाएगा।

- यदि राशि 50,000 रुपये से कम है या नियोक्ता व्यवसाय बंद कर रहा है, तो टीडीएस नहीं लगाया जाता है।

-यदि राशि 50,000 रुपये से अधिक है, और सेवा की अवधि पांच साल से कम है, तो ग्राहक उन मामलों में टीडीएस से बचने के लिए फॉर्म 15G / 15H जमा कर सकते हैं।

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