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  • Kashmir kaleen export increase by 1500 crore in two years

मनी भास्कर खास /दो साल में 1500 करोड़ रुपए का हो सकता है कश्मीर का कालीन उद्योग

  • जम्मू-कश्मीर में 370 हटाए जाने से कालीन निर्यात के बूम करने की संभावना
  • कालीन निर्यात बढ़ने से कश्मीर की महिलाओं को होगा फायदा

Moneybhaskar.com

Aug 05,2019 04:57:42 PM IST

नई दिल्ली। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने एवं धारा 35ए खत्म करने की घोषणा से कश्मीर के कालीन निर्यात में भारी उछाल की संभावना है। कालीन निर्यातकों का कहना है कि अगले दो साल में कम से कम कालीन निर्यात में वर्तमान निर्यात के मुकाबले 200 फीसदी का इजाफा होगा। कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन सिद्ध नाथ सिंह ने मनी भास्कर को बताया कि सरकार के आज के फैसले से कश्मीर से होने वाला कालीन निर्यात अगले दो साल में कम से कम 1500 करोड़ रुपए का हो जाएगा। अभी कश्मीर से लगभग 500 करोड़ रुपए का कालीन निर्यात किया जाता है।

फिलहाल देश के कुल निर्यात में कश्मीर की 5 फीसदी हिस्सेदारी

सिंह ने मनी भास्कर को बताया कि फिलहाल देश के कुल कालीन निर्यात में कश्मीर की हिस्सेदारी 5 फीसदी है जो कि अगले दो साल में आसानी से 15 फीसदी के स्तर को छू सकता है। भारत से सालाना 10500 करोड़ रुपए का कालीन निर्यात किया जाता है। दुनिया के बाजार में भारत के कालीन को मुख्य रूप से ईरान के कालीन से मुकाबला मिलता है। सिंह ने मनी भास्कर को बताया कि कश्मीर में कालीन बनाने का काम मुख्य रूप से घाटी में होता है। इस काम में 90 फीसदी महिलाएं हैं क्योंकि कश्मीर के पुरुष अधिकतर टूरिज्म के कारोबार में व्यस्त होते हैं। घर में महिलाएं अन्य काम के साथ कालीन बनाने का काम करती है। उन्होंने बताया कि कश्मीर का कालीन खूबसूरत होने के साथ काफी महंगा होता है, इसलिए इसकी खरीदार कम होते जा रहे हैं। लेकिन जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने से वहां का कारोबारी दरवाजा सबके लिए खुलेगा। इससे कालीन के निर्यात में हर हाल में भारी बढ़ोतरी होगी।

कश्मीर में अपना ऑफिस खोल पाएंगे कारोबारी

सिंह ने बताया कि अभी अगर वह कश्मीर में अपना कारोबारी ऑफिस खोलना चाहें तो उन्हें किसी कश्मीरी को पार्टनर बनाना होगा चाहे वह पार्टनरशिप 5 फीसदी का ही क्यों न हो। लेकिन अब हर कारोबारी वहां अपना ऑफिस खोल सकेगा, जमीन खरीद सकेगा, निर्माण कर सकेगा। ऐसे में कारोबारियों का कश्मीर के प्रति लगाव बढ़ेगा। लोग वहां निवेश करना शुरू कर देंगे। इससे रोजगार में बढ़ोतरी होगी। सिंह ने बताया कि अभी कश्मीर की घाटी में कालीन का निर्माण होता है और उसकी मार्केटिंग निर्यातक करते हैं। मार्केटिंग के लिए अब धड़ल्ले से कारोबारी अपना ऑफिस कश्मीर में खोल पाएंगे।

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