Home » Economy » Policyजनधन-आधार-मोबाइल से कम हुआ भ्रष्‍टाचार घटा - Jan Dhan, Aadhar, Mobile

जनधन-आधार-मोबाइल से करप्‍शन घटा, अबतक 65 हजार करोड़ रुपए बचे: नरेंद्र मोदी

पीएम मोदी ने गुरुवार को साइबर स्‍पेस पर ग्‍लोबल कॉन्‍फ्रेंस के इनॉगरेशन किया।

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नई दि‍ल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत में जन धन-आधार-मोबाइल (JAM) ने लोगों के लिए नए रास्ते खोले हैं। जैम की पावर से करप्शन घटा और सिस्टम में ट्रांसपरेंसी आई है। इससे अबतक 10 अरब डॉलर (करीब 65 हजार करोड़ रुपए) की लीकेज रोकी जा सकी है। पीएम मोदी ने गुरुवार को साइबर स्पेस पर ग्लोबल कॉन्फ्रेंस के इनॉगरेशन किया। उन्‍होंने कहा कि पिछले दो दशक में साइबर स्पेस के क्षेत्र में काफी बदलाव आए हैं। पहले फोन आया, फिर मोबाइल और अब सोशल मीडिया ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी को काफी बढ़ावा दिया है।
 
नरेंद्र मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी बैरियर खत्म करती है। टेक्नोलॉजी ने भारत के 'वसुधैव कुटुम्बकम' के सिद्धांत को सही साबित किया है। आज दुनिया ग्लोबल विलेज बन गई है। डिजिटल टेक्नोलॉजी ने सर्विस डिलिवरी और गवर्नेंस के काम को आगे बढ़ाया है। भारत की आईटी प्रतिभाओं को दुनिया में काफी सम्मान की नजर से देखा जाता है।
 

भारतीयों के लिए एमपॉवर

पीएम मोदी ने कहा कि हमने टेक्‍नोलॉजी के मानवीय पहलू को प्राथमिकता दी है। इसे और बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं जिसे हम 'इज ऑफ लिविंग' कहते हैं। हम अपने नागरिकों को सशक्त करने के लिए मोबाइल पावर यानी एमपॉवर का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि हमने तीन तरीके से फाइनेंशियल इन्क्लूजन को अंजाम दिया है। पहला जन धन अकाउंट, दूसरा आधार प्लेटफॉर्म और तीसरा मोबाइल फोन। इन तीनों से हमने करप्शन कम किया है और सिस्टम में काफी हद तक ट्रांसपरेंसी लाई है।

 

डिजिटल टेक्‍नोलॉजी से बढ़ रही किसानों की इनकम

 

पीएम मोदी ने कहा कि  आज भारत का किसान भी टेक्नोलॉजी के जरिए कई चीजें ऑपरेट कर लेता है। डिजिटल टेक्‍नोलॉजी किसानों की इनकम बढ़ाने में अहम रोल अदा कर रही है। एक छोटा व्यापारी भी सरकारी ई-मार्केटप्लेस पर रजिस्‍टर करा सकता है और सरकार को अपने सामान की सप्लाई के लिए बोली लगा सकता है।  आज पेंशनर्स को जीवन का प्रमाण पत्र देने के लिए बैंक अफसर के सामने जाकर खड़ा नहीं होना पड़ता है।
 

भारतीय अपना रहे हैं कैश लेस ट्रांजैक्शन

 

मोदी ने कहा कि भारत के नागरिक कैश लेस ट्रांजैक्शन को अपना रहे हैं। इसके लिए हमने भारत इंटरफेस फार मनी यानी बीम ऐप तैयार किया है। इस एेप से लेस कैश इकोनॉमी की तरफ आगे बढ़ने और करप्शन फ्री सोसायटी तैयार करने में मदद मिल रही है।
 

प्रगति सेशन से फैसलों में तेजी आई

 

पीएम मोदी ने कहा, हर महीने के आखिरी बुधवार को मैं केंद्र और राज्‍य सरकारों के आला अफसरों से प्रगति सेशन के लिए मीटिंग मरता है। टेक्‍नोलॉजी ने इसे मुमकिन बनाया है। सभी अपने-अपने आफिस में बैठक साइबर वर्ल्ड के जरिए एकदूसरे से जुड़ जाते हैं। हम गवर्नेंस के मह्त्वपूर्ण मसलों पर चर्चा करते हैं और उनका समाधान तलाशते हैं। मुझे यह बताते हुए खुशी है कि प्रगति सेशन के जरिए सहमति से फैसले लेने में तेजी आई है, जोकि  देश के हित में है। प्रगति के जरिए लाखों डॉलर के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्‍ट ट्रैक पर आए हैं, जो लाल फीताशाही के चलते अटके थे।
 

सम्मेलन में किस पर चर्चा होगी?

 

साइबर फॉर डिजिटल इन्क्लूजन, साइबर फॉर इनक्लूसिव ग्रोथ, साइबर फॉर सिक्योरिटी और साइबर फॉर डिप्लोमेसी पर चर्चा की जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये और खुद इसमें मौजूद रहकर फ्रांस, जापान, इजरायल और ब्रिटेन सहित 120 देशों के करीब 10 हजार रिप्रेजेंटेटिव शामिल होंगे। इससे पहले सम्मेलन लंदन और बुडापेस्ट में हो चुका है।
 

साइबर सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा

 

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को बताया, इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर साइबर डिप्लोमेसी तेजी से उभर रही है। इसलिए सम्मेलन में साइबर सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा होगा। भारत डिजिटल इनक्लूजिव प्रोग्राम को बढ़ावा देना चाहता है।

 
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