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घर की छत पर लगाएं सौर ऊर्जा प्‍लांट, मिलेगी इनकम टैक्‍स में छूट

छत पर सौर ऊर्जा प्‍लांट लगाकर जहां आप बिजली बेच सकते हैं, वहीं आपको इनकम टैक्‍स में छूट भी मिल सकती है।

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नई दिल्‍ली। छत पर सौर ऊर्जा प्‍लांट लगाकर जहां आप बिजली बेच सकते हैं, वहीं आपको इनकम टैक्‍स में छूट भी मिल सकती है। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने वित्‍त मंत्रालय से इस आशय की सिफारिश करते हुए कहा है कि देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए इस प्रस्‍ताव पर विचार किया जाए।
 
एमएनआरई ने वित्‍त मंत्रालय के राजस्‍व विभाग को पत्र में कहा है कि जो लोग अपने घर की छत पर ग्रिड कनेक्‍टेड सोलर रूफटॉप प्‍लांट लगाते हैं, उन्‍हें इनकम टैक्‍स में छूट प्रदान की जाए।
 
होम लोन की दर पर मिलेगा लोन
 
इसके अलावा मंत्रालय ने पब्लिक सेक्‍टर बैंकों से भी निवेदन किया है कि जो लोग छ‍त पर सोलर प्‍लांट लगाने के लिए लोन लेना चाहते हैं तो उन्‍हें होम लोन या होम इंप्रूवमेंट लोन की दरों पर लोन उपलब्‍ध कराया जाए। मंत्रालय के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय के प्रयासों के चलते भारत सरकार के फाइनेंसियल सर्विस डिपार्टमेंट ने बैंकों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है और नौ बैंक इनमें स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, देना बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सिंडिकेट बैंक ने मंत्रालय के इस प्रस्‍ताव को मान लिया है।
 
15 फीसदी मिलेगी केंद्रीय वित्‍तीय सहायता
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना चाहते हैं। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल इस क्षेत्र में तेजी से काम कर रहे हैं। उनके ही प्रयासों से एमएनआरई ने जून 2014 में ग्रिड कनेक्‍टेड रूफटॉप एंड स्‍माल सोलर पावर प्‍लांट प्रोग्राम लांच किया था। इसके तहत एक किलोवॉट से लेकर 500 किलोवॉट तक के प्‍लांट लगाने वाले घरों, दुकानों और संस्‍थानों को प्‍लांट की कैपिटल कॉस्‍ट को 30 फीसदी केंद्रीय वित्‍तीय सहयोग (सीएफसी) देने की बात कही गई थी, जिसे घटाकर अब 15 फीसदी किया जा रहा है। इसके अलावा प्‍लांट के लिए आयात शुल्‍क व उत्‍पादन शुल्‍क में छूट का भी प्रावधान किया गया है।
 
राज्‍यों से कहा, जल्द बनाएं सोलर पॉलिसी  
 
इसके अलावा मंत्रालय ने शेष बचे राज्‍य सरकारों और नियामक आयोगों से अपील करने का निर्णय लिया है कि वे अपने अपने राज्‍यों में सौर ऊर्जा पालिसी बना कर ग्रिड कनेक्‍टेड रूफटॉप सोलर प्रोजेक्‍ट्स तैयार करें। अब तक 13 राज्‍य आंध्रप्रदेश, छतीसगढ़, दिल्‍ली, गुजरात, कर्नाटक, केरल, हरियाणा, राजस्‍थान, तमिलनाडु, पंजाब, उत्‍तराखंड, उत्‍तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल ने अपनी सौर ऊर्जा पॉलिसी में ग्रिड कनेक्‍टेड रूफटॉप सोलर प्रोजेक्‍ट्स को शामिल कर लिया है, जबकि 17 राज्‍यों के नियामक आयोगों ने इस संदर्भ में उपयुक्‍त नियामक आदेश जारी कर दिए हैं।
 
आगे की स्लाइड में जानिए क्‍या है ग्रिड कनेक्‍टेड सौर ऊर्जा प्‍लांट...
 
नोटः तस्वीरों का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।
 
क्‍या है ग्रिड कनेक्‍टेड सौर ऊर्जा प्‍लांट
 
सौर ऊर्जा विशेषज्ञ तिलक मोहन शर्मा मंत्रालय के इस प्रस्‍ताव का स्‍वागत करते हुए बताते हैं कि ग्रिड कनेक्‍टेड प्‍लांट से आशय आपके घर की छत पर लगे सोलर पैनल को ग्रिड की लाइन से जोड़ दिया जाएगा और आपके घर पर एक मीटर लगा होगा। जिसमें यह देखा जाएगा कि कितनी बिजली ग्रिड में जा रही है। इसके बाद सरकार द्वारा निर्धारित दर पर आपके सोलर पैनल से पैदा हुई बिजली की कीमत आपको मिलने लगी है।
 
क्‍या आएगी लागत
 
शर्मा बताते हैं कि एक 250 वर्ग गज वाली छत पर सोलर पैनल लगाकर 10 किलोवाट बिजली पैदा की जा सकती है। ऐसे में वर्तमान दरों के मुताबिक 10 किलोवाट वाली क्षमता का प्‍लांट लगाने में 8 से 10 लाख रुपये तक एक बार का खर्च आएगा। इसके बाद चार-पांच साल में बैटरी बदलने के अलावा कोई खर्च नहीं होगा।
 
यह है लक्ष्‍य
 
मोदी सरकार का लक्ष्‍य है कि अगले सात साल में रिन्‍यूएबल पावर प्रोडक्‍शन का लक्ष्‍य 1,75,000 मेगावाट रखा है। 2022 तक के लिए तय इस लक्ष्‍य में सोलर पावर से 1 लाख मेगावाट, विंड पावर से 60,000 मेगावाट, बायोमास एनर्जी से 10,000 मेगावाट और स्‍मॉल हाइड्रो प्रोजेक्‍ट्स से 5,000 मेगावाट बिजली का उत्‍पादन किया जाना है। अभी देश में सोलर पावर की उत्‍पादन क्षमता 2700 मेगावाट, विंड पावर की 21,000 मेगावाट, स्‍मॉल हाइड्रो की 3,800 मेगावाट और बायोमास की 4,100 मेगावाट है। वर्तमान में कुल बिजली उत्‍पादन में रिन्‍यूएबल एनर्जी की हिस्‍सेदारी 6.5 फीसदी है, जिसे अगले तीन साल में बढ़ाकर 12 फीसदी करने का लक्ष्‍य है।
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