Home » Economy » Policyअक्टूबर महीने में GST कलेक्शन 12 हज़ार करोड़ रुपए घटा - वित्त मंत्रालय

GST पर अपना ही फैसला मोदी पर पड़ा भारी, लगा 12 हजार करोड़ का झटका

जीएसटी कलेक्‍शन के रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंचने के पीछे सरकार का अपना ही फैसला है।

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नई दिल्‍ली. जीएसटी को लेकर मोदी सरकार का अपना ही फैसला भारी पड़ रहा है। इसके चलते उसे थोड़ा-मोड़ा नहीं बल्कि एक महीने में 12 हजार करोड़ का झटका लगा है। दरअसल अक्‍टूबर में GST कलेक्‍शन अपने रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंच गया। अक्टूबर में रेवेन्‍यु 83,346 करोड़ रुपए रहा, जो इससे एक महीने पहले यानी सितंबर में 92 हजार करोड़ रुपए था।  जीएसटी लागू होने के ठीक अगले महीने यानी जुलाई में उसे GST के जरिए 95 हजार करोड़ रुपए के लेवल पर था। मतलब अगर जुलाई के हिसाब से देखा जाए तो सरकार को जीएसटी कलेक्‍शन में सीधा-सीधा 12 हजार करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। 

 

अपना ही फैसला पड़ा भरा

 जीएसटी कलेक्‍शन के रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंचने के पीछे सरकार का अपना ही फैसला है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले माह GST रेट्स में कमी के चलते यह गिरावट दर्ज की गई है। सरकार ने इस फैसले के तहत 275 में से सिर्फ 50 आइटम्‍स को जीएसटी के टॉप 28 फीसदी के ब्रैकेट में छोड़कर बाकी को बाहर कर दिया था। इसी के चलते सरकार के कलेक्‍शन में यह कमी देखी गई है। आने वाले समय में सरकार कुछ और चीजों के टैक्‍स में कटौती कर सकती है।  

 

फायनेंस मिनिस्‍ट्री ने जारी किए आंकड़े

27 नवंबर तक GST के रूप में 83,346 करोड़ रुपए का रेवेन्‍यु मिला है। यह कलेक्‍शन अक्‍टूबर माह का है। इस दौरान 50.1 लाख कारोबारियों ने रिटर्न दाखिल किया। यह जानकारी फायनेंस मिनिस्‍ट्री ने दी है।

 

आगे पढ़ें- कैसे घटती गई कमाई.....
 

 
 

अभी तक मिला GST से रेवेन्‍यु

 

जुलाई: 95 हजार करोड़ रुपए
अगस्‍त: 91 हजार करोड़ रुपए
सितंबर: 92,150 करोड़ रुपए
 
GSTR 3B रिटर्न का डाटा

जुलाई: 58.7 लाख

अगस्‍त: 58.9 लाख

सितबंर: 57.3 लाख
अक्‍टूबर: 50.1 लाख  

 

 

राज्‍यों को कम्‍पशेसन 
- अगर राज्‍यों को GST के टैक्‍स कलेक्‍शन में नुकसान होता है तो GST में प्रावधान है उनके घाटे के भरपाई की जाएगी। इसके तहत जहां जुलाई और अगस्‍त के लिए 10,806 करोड़ रुपए जारी किए गए थे, वहीं सितबंर और अक्‍टूबर के लिए 13,695 करोड़ रुपए जारी किए गए। 
 
राज्‍यों के नुकसान भरपाई का है नियम
- राज्‍यों को जो रेवेन्यू 2015-16 में मिल रहा था उस पर 14 फीसदी की ग्रोथ रेट के हिसाब से रेवेन्‍यु मिलने की गारंटी GST में दी गई है। अगर किसी राज्‍य को इससे कम रेवेन्‍यु मिलता है तो उस घाटे की भरपाई की जाती है।

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