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नोटबंदी के एक साल: PM मोदी ने गिनाए 6 बड़े फायदे

नोटबंदी के एक साल पूरे होने पर बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने इसे ऐतिहासिक रूप से सफल बताया है।

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नई दिल्‍ली. नोटबंदी के एकसाल बाद इसकी सफलता और असफलता को लेकर बहस जारी है। मोदी सरकार इसे सफल बता रही है और विपक्ष ने इसे संगठित लूट और कानूनी डाका कहा है। अब बात करते हैं नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री के नजरिए की। नोटबंदी के एक साल पूरे होने पर बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने इसे ऐतिहासिक रूप से सफल बताया है। उन्‍होंने कहा कि ब्‍लैकमनी पर लगाम लगाने से लेकर अर्गनाइज्‍ड सेक्‍टर में गरीबों के लिए नोटबंदी से रोजगार के अवसर बने। पीएम ने न्‍यूजपेपर्स के जरिए बकायदा आंकड़ों में बात की है। आइए जानते हैं पीएम मोदी ने आंकड़ों के जरिए नोटबंदी का ऐतिहासिक सफल बताया...

 

 

1. सबसे ज्‍यादा ब्‍लैकमनी का खुलासा

- पीएम मोदी ने दावा किया है कि नोटबंदी के चलते देश के इतिहास में सबसे ज्‍यादा कालेधन का पर्दाफाश हुआ है।

- देश की जनसंख्‍या के 0.00011 फीसदी लोगों ने देश में उपलब्‍ध कुल कैश का 33 फीसदी जमया किया।

- 17.73 लाख संदिग्‍ध मामलों का पता चला। 23.22 लाख खातों में लगभग 3.68 लाख करोड़ रुपए का सदिंग्‍ध कैश जमा हुआ।

- 6 लाख करोड़ रुपए के हाई वैल्‍यू नोट प्रभावी रूप से कम हुए।

 

2. आतंकवाद और नक्‍सलवाद पर करारी चोट

- नोटबंदी के चलते कश्‍मीर में पत्‍थरबाजी की घटनाएं 75 फीसदी तक घट गईं।

- वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में 20 फीसदी से ज्‍यादा की कमी आई।

- 7.62 लाख जाली नोट पकड़े गए।

 

आगे पढ़ें... नोटबंदी और कहां हुई सफल 

3. क्‍लीन इकोनॉमी की ओर मजबूत कदम

- नोटबंदी से कालेधन में डील करने वाली शेल कंपनियों का बड़ा गोरखधंधा उजागर हुआ।

- शेल कंपनियों पर हुई सर्जिकल स्‍ट्राइक से 2.24 लाख कंपनियों पर ताला लगा।

- नोटबंदी के बाद 35 हजार शेल कंपनियों द्वारा करीब 58 हजार बैंक खातों में 17 हजार करोड़ रुपए जमा किए गए और निकाले गए।

 

4. रोजगार के अवसर बने

- पीएम मोदी के दावे के अनुसार, नोटबंदी से कर्मचारियों के पूरे वेतन का भुगतान सीधे उनके बैंक अकाउंट में होने लगा।

- 1.01 करोड़ नए EPFO रजिस्‍ट्रेशन हुए। 1.3 करोड़ कर्मचारी ESIC में रजिस्‍टर्ड, सभी को सोशल सिक्‍युरिटी और हेल्‍थ फैसेलिटी सुनिश्चित हुई।

 

 

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5. टैक्‍स बेस बढ़ा

- पीएम मोदी के दावे के अनुसार, टैक्‍सपेयर्स की संख्‍या में 26.60 फीसदी की बढ़ोत्‍तरी हुई। 2015-16 में यह संख्‍या 66.53 और 2016.17 में बढ़कर 84.21 लाख हुई।

- ई-रिटर्न की संख्‍या में 27.95 फीसदी की बढ़ोत्‍तरी हुई। 2016-17 में 2.35 करोड़ बढ़कर 2017-18 में 3.01 करोड़ हो गई।

 

6. कैशलेस इकोनॉमी की ओर मजबूत कदम

- अगस्‍त 2016 में 87 करोड़ डिजिटल ट्रांजैक्‍शन हुआ था। वहीं, अगस्‍त 2017 में यह संख्‍या बढ़कर 138 करोड़ हो गई। यानी इसमें 58 फीसदी की बढ़ोत्‍तरी हुई।

- अबतक 15.11 लाख पीएसओ मशीनें चलन में थी। नोटबंदी के सिर्फ 1 साल में 13 लाख से अधिक पीओएस मशीनें इनमें और जुड़ गईं। 

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