Home » Economy » Policyआरबीआई मार्च 2018 से पहले कर सकती है ब्याज दरो में कटोती - Finance Ministry Sources Says Government Want RBI to Rate Cut Before March 2017

मार्च से पहले ब्याज दरों में कटौती चाहती है सरकार, क्रूड बन सकता है मुसीबत

इकोनॉमी को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार इस लॉबिंग में है कि मार्च 2018 के पहले आरबीआई ब्याज दरों में कटौती करे।

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नई दिल्ली। देश की इकोनॉमी को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार इस लॉबिंग में लगी है कि मार्च 2018 के पहले आरबीआई ब्याज दरों में एक बार कटौती करे। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक केंद्र सरकार को लग रहा है कि क्रूड की बढ़ती कीमतों से महंगाई दर बढ़ सकती है, जिससे रेट कट मुश्किल हो जाएगा। इस वजह से सरकार जल्द रेट चाहती है, जिससे इकोनॉमी को रफ्तार मिलने के साथ लाखों नौकरियां देने का वादा भी पूरा हो पाए। 

 

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बता दें कि इसके पहले अक्टूबर की पॉलिसी मीटिंग में मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने रेपो रेट में बदलाव न करने का निर्णय लेते हुए इसे 6 फीसदी रहने दिया था। रेपो रेट का यह स्तर 7 साल का लो है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना था कि आरबीआई अगले साल की 2 तिमाही तक ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। 

 

सरकार नहीं चाहती है इंतजार


न्यूज एजेंसी के मुताबिक सूत्रों का कहना है कि केन्द्र सरकार ब्याज दरों में कटौती के लिए ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करना चाहती है। अगली पॉलिसी मीटिंग 5-6 दिसंबर को होने वाली है। जिसमें रेट कट के लिए आरबीआई पर दबाव बना सकती हे। अगर दिसंबर में ऐसा नहीं होता है तो अगले साल फरवरी में सरकार को उम्मीद होगी कि सेंट्रल बैंक ब्याज दरें घटाएगा। 

 

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क्रूड बन सकता है मुसीबत 


सूत्रों का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। महंगे क्रूड से देश में महंगाई दर बढ़ सकती है, जिससे रेट कट मुश्किल हो जाएगा। इस वजह से भी केंद्र सरकार चाहती है कि आरबीआई जल्द ब्याज दरों में कटौती करे। 

 

जॉब देने का वादा अधूरा 
बता दें कि मोदी सरकार ने देश में ज्यादा संख्‍या में नौकरियां देने का वादा किया था। लेकिन सुस्त इकोनॉमी की वजह से ऐसा नहीं हो पाया है। ऐसे में सरकार किसी भी तरह इकोनॉमी की रफ्तार तेज करना चाहती है। सरकार को यह भी लग रहा है कि ब्याज दरों में कटौती न होने से देश में ज्यादा नौकरियां पैदा करने के अपने वादे को पूरा करने में नाकामयाब हो जाएगी।

 

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