बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Policyहर तरफ खा रहे थे मात, पीएम मोदी के लिए ऐसे लकी साबित हुआ नवंबर

हर तरफ खा रहे थे मात, पीएम मोदी के लिए ऐसे लकी साबित हुआ नवंबर

नवंबर में ऐसी कई खबरें आईं, जिन्‍होंने मोदी सरकार के आलोचकों का मुंह बंद कर दिया...

1 of

नई दिल्‍ली. हाल के कुछ महीनों में देखा गया कि पीएम मोदी और उनकी सरकार कई मोर्चों पर बुरी रह से मात खा रही थी।  मोदी की सबसे बड़ी ताकत ही उनकी कमजोरी बनती जा रही थी। जीएसटी नोटबंदी के चलते सुस्‍त हुई इकोनॉमिक रफ्तार की वजह से विपक्ष के अलावा खुद पार्टी के भीतर भी सरकार अलोचना का शिकार हो रही थी। पार्टी के वरिष्‍ट नेता यशवंत सिन्‍हा ने खुले तौर पर जीएसटी लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए थे। GDP की सुस्‍ती की वजह से भारत ने सबसे तेज उभरती हुई बड़ी इकोनॉमी का तमगा भी खा दिया था। उसे चीन के हाथों मात खानी पड़ी थी।  

 

लकी साबित हुआ नवंबर 

इकोनॉ‍मी के मोर्चे पर बुरी तरह से घिरी मोदी सरकार के लिए नवंबर लकी साबित हुआ। इसमें सबसे बड़ा हाथ हाल में आए जीडीपी के पॉजिटिव नतीजों और वर्ल्‍ड की रिपोर्ट का रहा। मोदी ने पिछले साल नवंबर में ही नोटबंदी भी लागू की थी। आलोचक उसे मोदी की लाइफ का सबसे बुरा नवंबर कह रहे थे। हालांकि मोदी ने यूपी चुनाव जीतकर उसे गलत साबित कर दिया था। इस मोदी फिर से घिरे तो नवंबर में आए आंकड़ों ने ही फिर से उनके अलोचकों की जुबान बंद करने का काम किया। आइए जानते हैं कि मोदी के लिए नंबर कैसे लकी रहा...  

ईज आफ डूइंग बिजनेस में भारत पहली बार टॉप-100 में पहुंचा 

 

तरीख: 01 नवंबर 

 

आरोप: पीएम मोदी के लिए यह पहली बड़ी खबर थी। यह आरोप ऐसे वक्‍त लगा, जब विपक्ष आरोप लगा रहा था कि मोदी अपनी नीतियों के चलते इकोनॉमी को बर्बाद करने पर तुले हैं। 

 

हुआ क्‍या: वर्ल्‍ड बैंक की यह रिपोर्ट 31 अक्‍टूबर की रात को आई और भारत के आखबारों में एक नवंबर को छपी। इस रिपोर्ट में भारत ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मोर्चे पर 30 अंको की बड़ी छलांग लगाई थी और भारत 130 से 100वीं रैंक पर आ गया। यह अभी तक किसी बड़ी इकोनॉमी की ओर से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में लगाई गई सबसे लंबी छलांग थी। इससे पहले 2016 में भारत की रैकिंग मात्र एक‍ पायदान बढ़ी थी। 

मूडीज ने बढ़ाई भारत की रेटिंग 

 

तारीख: 17  नवंबर 

 

आरोप: इससे पहले कई रेटिंग एजेंसी और जानकार इंडियन इकोनॉमी के और पीछे जाने की बात कर रहे थे। यहां तक की नोटबंदी के एक साल पूरे होने पर पूर्व प्रधानमंत्री मनामोहन सिंह ने भी मोदी के फैसलों को इकोनॉमी के लिए नुकसान दायक बनाया था 

 

क्‍या हुआ: दुनिया की प्रतिष्ठित रेटिंग एजेंसी ने भारत की  मूडीज ने करीब 13 साल बाद भारत की रेटिंग Baa3 से बढ़ाकर Baa2 कर दी है। इससे पहले मूडीज ने 2004 में भारत की रेटिंग अपग्रेड की थी।

5 तिमाही के बाद देश की जीडीपी ग्रोथ ने पकड़ी रफ्तार 

 

तारीख: 30 नवंबर 

 

आरोप: इस मोर्चे पर सबसे बड़ी अलोचना पूर्व वित्‍त मंत्री पी चिदंबरम की ओर से आ रही थी। चिदंबर लगातार जीएसटी लागू करने और नोटबंदी के तुक पर सवाल उठा रहे थे। उनका दावा था कि आने वाले समय में इकोनॉमी की चाल सरकार की नीतियों की वजह से और सुस्‍त होगी। 

 

क्‍या हुआ: करीब 5 तिमाही के बाद पिछली जुलाई सितंबर तिमाही के दौरान देश की जीडीपी ग्रोथ 6.3 फीसदी दर्ज की गई। इससे पहले जून में खत्‍म तिमाही में यह 5.7 दर्ज की गइ थी, जो पिछले 3 साल का सबसे लो लेवल थी। बता दे कि इस साल जुलाई में ही जीएसटी लागू हुआ है।   

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट