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Moody's रेटिंग अपग्रेड से सरकार के रिफॉर्म्‍स पर मुहर लगी: अरुण जेटली

जेटली ने कहा कि सरकार के फैसलों का असर दिखाई देने लगा है हालांकि रिफॉर्म्‍स समझने में मूडीज से देरी हुई।

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नई दिल्‍ली. फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली ने कहा है कि मूडीज के रेटिंग अपग्रेड करने से सरकार के इकोनॉमिक रिफॉर्म्‍स पर मुहर लग गई है। हम मूडीज की रेटिंग बढ़ाने का स्‍वागत करते हैं। इससे साफ है कि पिछले कुछ सालों में सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों से इकोनॉमी को मजबूती मिली है। जेटली ने कहा कि सरकार के फैसलों का असर दिखाई देने लगा है, हालांकि रिफॉर्म्‍स समझने में मूडीज से देरी हुई। बता दें, शुक्रवार को मूडीज की ओर से भारत की सॉवरेन रेटिंग रेटिंग बीएए3 से बढ़ाकर बीएए2 कर दी। 

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GST, नोटबंदी सही फैसले साबित हुए

अरुण जेटली ने कहा कि आज सुबह 13 साल के बाद इंडियन इकोनॉमी की सॉवरेन रेटिंग को मूडीज का अपग्रेड मिला है। बीते सालों में हुए सरकार के फैसलों से अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। हमने स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स के लिए जो कदम उठाए जैसे कि आधार को खातों से जोड़ना, बैंकरप्सी कोड, डिजिटाइजेशन, जीएसटी जैसे कदम उठाए, मूडीज की अपग्रेडिंग सरकार के फैसलों पर मुहर लगाती है।

 

रेटिंग में सुधार का मतलब देश की इकोनॉमी अनुशासन में

जेटली ने कहा कि रेटिंग में सुधार बताता है कि देश की इकोनॉमी अनुशासन में है। इकोनॉमी के लिए सकारात्‍मक कदम उठाए जाने के बाद ही रेटिंग इस तरह अपग्रेड होती है। यह भारत में हुए खासकर पिछले 3-4 साल में, रिफॉर्म्‍स व प्रॉसेस पर अंतरराष्‍ट्रीय मान्‍यता है। बता दें कि Moody's ने भारत की क्रेडिट रेटिंग बढ़ने की वजह यहां इकोनॉमिक और इंस्टीट्यूशनल रिफॉर्म्स को बताया है। 2004 में Moody's ने भारत को Baa3 रेटिंग दी थी। इसे सबसे निचला इन्वेस्टमेंट ग्रेड माना जाता है।

 

जिन्‍हें संदेह था वह मंथन करें

जेटली ने कहा कि कई लोगों के मन में भारत के रिफॉर्म प्रॉसेस पर संदेह था, उनके लिए यह संदेश है कि वे अब अपनी स्थिति को लेकर खुद ही आत्‍ममंथन करें। इसके साथ ही, जेटली ने इशारों-इशारों में पूर्व फाइनेंस मिनिस्‍टर और बीजेपी के सीनियर लीडर यशवंत सिन्हा पर भी निशाना साधा।

 

अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर मान्‍यता मिलना उत्‍साहजनक

फाइनेंस मिनिस्‍टर जेटली ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सरकार के कदमों की मान्यता मिलना काफी उत्साहजनक है। इससे हमें अपने रिफॉर्म एजेंडे को जारी रखने का हौसला मिलेगा। जेटली ने कहा कि हालांकि मूडीज की ओर से रेटिंग में सुधार भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास की कोई इकलौती मान्‍यता नहीं है। मोदी सरकार के सत्ता संभालने के बाद से वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में भारत 42 पायदान चढ़ा है। उन्होंने मोदी सरकार के आर्थिक सुधारों की आलोचना करनेवालों पर भी निशाना साधा।

 

रेटिंग अपग्रेड देश में हो रहे इकोनॉमिक रिफॉर्म्‍स हैं: मूडीज

Moody's ने अपने स्टेटमेंट में कहा कि भारत की रेटिंग अपग्रेड होने की वजह वहां देश में हो रहे इकोनॉमिक रिफॉर्म्स हैं। जैसे-जैसे वक्त बीतता जाएगा, भारत की ग्रोथ में इजाफा होगा। इस बात की भी संभावना है कि मीडियम टर्म में सरकार पर कर्ज का भार भी कम होता जाए। हमारा मानना है कि रिफॉर्म्स को सही तरीके से लागू करने पर कर्ज के तेजी से बढ़ने और ग्रोथ कम होने का खतरा कम होगा। हालांकि Moody's ने ये भी सलाह दी है कि भारत को ये भी ध्यान रखना चाहिए कि भारत का ज्यादा कर्ज कहीं उसका क्रेडिट प्रोफाइल खराब न कर दे।

 

FY19  में 7.5% की रफ्तार पकड़ लेगी इकोनॉमी

मूडीज के अनुमान के मुताबिक, मोदी सरकार की ओर उसे उठाए गए कदमों का पॉजिटव असर वक्‍त के साथ और गहरा होता जाएगा। रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, जीएसटी और नोटबंदी का असर इस वित्‍त वर्ष में रहेगा और इंडियन इकोनॉमी 6.7 फीसदी की दर से ग्रोथ करेगी। हालांकि 2018-19 में यह रफ्तार पकड़ेगी और ग्रोथ रेट बढ़कर 7.5 फीसदी हो जाएगी। मूडीज ने अगले FY में भी इसी रफ्तार का अनुमान लगाया है।

 

क्‍या है Baa3 से Baa2 होने का मतलब?

Baa3 रेटिंग मूडीज की लोवेस्‍ट रेटिंग में एक है। बुनियादी तौर पर यह जंक स्‍टेट की ग्रेड से थोड़ा ऊपर होती है। ऐसी ग्रेडिंग वाले इकोनॉमी में इन्‍वेस्‍टमेंट प्रोस्‍पेक्टिव कम होता है। वहीं Baa2 की रेटिंग बेहतर इकोनॉमिक और इन्‍वेस्‍टमेंट के माहौल को दर्शाती है। माना जा रहा है कि रेटिंग बढ़ने का मार्केट और इकोनॉमी दोनों पर पॉजिटव असर होगा। देश में इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लो और तेज होगा।  

 
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