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मनी भास्कर खास /त्योहारी सीजन में गरीबों पर पड़ेगी महंगाई की मार

  • रुपये में कमजोरी से दैनिक उपयोग वाले कई सामान हो जाएंगे महंगे

Moneybhaskar.com

Aug 23,2019 02:59:07 PM IST

संजय कुमार साह. नई दिल्ली. रुपये में हाल के दिनों में आई गिरावट की मार देश के गरीबों पर पड़ने वाली है, क्योंकि दैनिक जीवन की कई चीजें महंगी हो सकती हैं। अमीरों के पास तो इतना पैसा होता है कि किसी भी वस्तु के महंगा हो जाने से उनकी जेब पर कोई असर नहीं पड़ता। लेकिन गरीबों के पास रोज की जरूरत को पूरी कर पाने की भी क्षमता नहीं होती। ऐसे में थोड़ी-सी महंगाई भी उनके बजट को बिगाड़ देती है। पिछले तीन सप्ताह में रुपये में डॉलर के मुकाबले 4.25 फीसदी कमजोरी आ चुकी है। यह उभरते बाजार की सबसे खराब प्रदर्शन वाली मुद्राओं में शामिल है। शुक्रवार को रुपये ने इंट्राडे कारोबार में इस साल का निचला स्तर छू लिया है।

आयात की जाने वाली सभी वस्तुएं होंगी महंगी

रुपये में कमजोरी आने से आयात की जाने वाली सभी वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। क्योंकि विदेश में खरीदारी के लिए अधिक रुपये खर्च करने पड़ते हैं। कच्चे तेल के मामले में तो देश की 80 फीसदी से अधिक जरूरतों की पूर्ति आयात से ही होती है। इसी तरह से खाद्य तेल की भी 70 फीसदी जरूरतों की पूर्ति आयात से होती है। इस लिहाज से पेट्रोल-डीजल और खाद्य तेल में महंगाई का सामना करना पड़ेगा।

चिकित्सा का बढ़ेगा खर्च

गरीबों के लिए चिकित्सा महंगी हो जाएगी। क्योंकि चिकित्सा के अधिकतर उपकरणों का आयात किया जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक हॉस्पीटल के बिल में करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी अत्याधुनिक उपकरणों पर होने वाले खर्च की होती है। इस तरह के 80 फीसदी उपकरणों का देश में आयात होता है।

ये चीजें भी होंगी महंगी

कारोबारियों के मुताबिक आयातित उपकरणों का उपयोग करने वाले सामान महंगे हो जाएंगे। कार, टेलीविजन, मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप, कंप्यूटर में बड़े पैमाने पर आयातित सामानों का इस्तेमाल होता है। सोना-चांदी की भी कीमत बढ़ सकती है। महंगी धातुओं का भी देश में बड़े पैमाने पर आयात होता है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों का धक्का लगेगा, क्योंकि आयातित पूर्जों का उपयोग करने वाले इस सेक्टर पर भी रुपये की कमजोरी की मार पड़ेगी ओर ई-वाहन महंगे हो सकते हैं।

रुपये में कमजोरी के कुछ लाभ भी हैं

कारोबारियों ने कहा कि रुपये में कमजोरी से भारतीय पर्यटन उद्योग को लाभ मिलेगा। देश में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। विदेशी सैलानियों के लिए देश में घूमना और यहां कोई भी चीज खरीदना सस्ता हो जाएगा। पर्यटन क्षेत्र बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाला क्षेत्र है। मुद्रा में गिरावट से निर्यात को बढ़ावा मिलता है, क्योंकि भारतीय वस्तुओं की कीमत विदेशी बाजार में कम हो जाती है। ऐसी स्थिति में निर्यात क्षेत्र में रोजगार बढ़ सकता है। इस तरह से रुपये की गिरावट में रोजगार बढ़ने का अवसर छुपा हुआ है।

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