विवाद /अमेरिका की धमकी पर भारतीय नेता बिफरे, कहा- मोदी सरकार न माने अमेरिकी फरमान

  • सीपीआई एम ने कहा कि अमेरिका ने एकतरफा इन अवैध प्रतिबंधों को लागू किया है, इसलिए भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को इन प्रतिबंधों को अस्वीकार करना चाहिए

money bhaskar

Apr 23,2019 02:59:56 PM IST

नई दिल्ली. दो मई के बाद किसी भी देश को ईरान से क्रूड आयात की छूट बंद करने के अमेरिकी फैसले पर भारत में भी राजनीति गर्मा गई है। भारतीय नेताओं ने अमेरिकी फैसले को एकतरफा बताते हुए इसका विरोध किया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (CPI-M) ने सरकार से आग्रह किया कि अमेरिका के किसी भी देश पर प्रतिबंध लगाने की धमकी के बावजूद ईरान से तेल खरीदना जारी रखा जाए। पार्टी ने अपने बयान में कहा कि चूंकि अमेरिका ने एकतरफा इन अवैध प्रतिबंधों को लागू किया है, इसलिए भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को इन प्रतिबंधों को अस्वीकार करना चाहिए और ईरान से तेल खरीदना जारी रखना चाहिए जो देश के हितों में है।

यह दी है धमकी

ईरान से तेल खरीदने की हिमाकत यदि कोई देश करता है तो अमेरिका उस पर भी प्रतिबंध लगाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऑफिस की तरफ से सोमवार को इस सिलसिले में बयान जारी किया गया था। गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने नवंबर 2018 में ईरान के क्रूड निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था। लेकिन उसने भारत समेत 8 देशों को विकल्प तलाशने के लिए 180 दिनों की मोहलत दी थी। ग्रीस, इटली और ताइवान ईरान से तेल खरीदना बंद कर चुके हैं। भारत, चीन, तुर्की, जापान और दक्षिण कोरिया अभी ईरान से आयात कर रहे हैं। ईरान से सबसे ज्यादा तेल का आयात चीन और भारत करते हैं। अगर ये अमेरिका की बात नहीं मानते हैं तो उसके साथ द्विपक्षीय व्यापार प्रभावित हो सकता है।

यह भी पढ़ें : गाय के सरंक्षण के लिए बड़ा कदम, कंपनियों के लिए 10 प्रतिशत खाद गोबर से बनाना होगा जरूरी

भारत को यह नुकसान

भारत अपनी जरूरत का 80% क्रूड आयात करता है। भारत, इराक और सऊदी अरब के बाद ईरान से ही सबसे ज्यादा तेल खरीदता है। ईरान से भारत को कम दामों में तेल मिलता है। यानी यदि ईरान से भारत ने तेल आयात बंद किया तो दूसरे देशों से महंगा तेल खरीदना पड़ेगा। इससे भारत में महंगाई बढ़ सकती है।

यह भी पढ़ें : ट्रंप चप्पल, ओबामा अनाज की तरह भारत में भी तंज कसने वाली प्रचार सामग्री के लिए दंपति ने शुरू किया स्टार्टअप

यह विकल्प भी

भारत सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि ईरान पर प्रतिबंध से सप्लाई में कमी नहीं आएगी। सऊदी अरब, कुवैत, यूएई और मेक्सिको से ज्यादा तेल खरीदने का विकल्प है। हालांकि दाम पर क्या असर होगा, यह नहीं कह सकते।

यह भी पढ़ें : दिग्विजय परिवार के पास साध्वी से 855 गुना ज्यादा है दौलत

ग्लोबल मार्केट क्रूड के दाम 6 माह में सबसे ज्यादा


ईरान पर प्रतिबंध की खबर के बाद ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम सोमवार को 3% से ज्यादा बढ़ गए। ब्रेंट क्रूड की कीमत 74.31 डॉलर प्रति बैरल हो गई। यह 1 नवंबर के बाद सबसे ज्यादा है। विश्लेषकों का कहना है कि दाम 85 डॉलर तक जा सकते हैं। प्रतिबंध से पहले ईरान ओपेक देशों में चौथा सबसे बड़ा तेल उत्पादक था। अप्रैल 2019 में वह रोजाना 31 लाख बैरल क्रूड निर्यात करता था।

यह भी पढ़ें - मोबाइल, लैपटॉप हैक या करप्ट हो जाए तो साइबर बीमा से लें क्लेम

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.