विज्ञापन
Home » Economy » PolicyIndia to reduce interest rates to take advantage of US-China war: FICCI chief

सलाह / अमेरिका-चीन की लड़ाई का फायदा उठाने के लिए ब्याज दरें कम करे भारत: फिक्की प्रमुख

ब्याज दरों में 100 या 150 बैसिस प्वॉइंट्स की कमी लाने की जरूरत

India to reduce interest rates to take advantage of US-China war: FICCI chief
  • भारत की ब्याज दरें जीवन काल के उच्च स्तर पर हैं।
  • चीनी मशीनरी निर्माताओं को भारत में संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। 

नई दिल्ली। फिक्की के प्रेसीडेंट संदीप सोमानी ने शनिवार को कहा कि भारतीय निर्यातकों को मौजूदा अमेरिकी-चीन व्यापार युद्ध का लाभ उठाने में सक्षम बनाने के लिए भारत को ब्याज दरों में और कटौती करनी चाहिए। साथ ही कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए बेहतर नीतियों को अपनाना चाहिए। वर्तमान में, चीन की व्यापारिक यात्रा पर गए सोमानी ने यह भी कहा कि एनडीए सरकार को अपने दूसरे कार्यकाल में चीन से बड़े टिकट निवेश पर ध्यान देना चाहिए। विशेष रूप से पूंजीगत वस्तु के क्षेत्र में। इसके साथ ही चीनी मशीनरी निर्माताओं को भारत में संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। नरेंद्र मोदी की अगुवाई में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार दोबारा सत्ता में आ रही है। लोकसभा चुनाव में राजग को प्रचंड बहुमत मिला है। इस जीत पर देश के कारोबारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बधाईयां दी हैं। 

अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर से भारतीय निर्यात को हो सकता है फायदा


पीटीआई से बातचीत के दौरान सोमानी ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर जारी है जिसके चलते दोनों देशों ने एक-दूसरे के निर्यात पर अरबों डॉलर के टैरिफ लगा दिए हैं, भारतीय निर्यातों के लिए यह एक बड़ा अवसर है।  भारत के दूसरे सबसे बड़े निर्माता एचएसआईएल लिमिटेड के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रहे सोमानी ने चीन में भारतीय राजदूत विक्रम मिश्री और एशिया के लिए चीन के बोआओ फोरम के सचिव ली बाओदोंग से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर जारी रहता है तो यह कुछ क्षेत्रों में भारतीय निर्यात के लिए अच्छे अवसर प्रदान कर सकता है।

ब्याज दरों में 100 या 150 बैसिस प्वॉइंट्स की कमी लाने की जरूरत - सोमानी


सोमानी कहा कि यदि आप प्रतिस्पर्धी हैं, तो हम कई जगहों पर चीन का स्थान ले सकते हैं। लेकिन सरकार को इसके लिए समर्थन करना होगा। सोमानी ने कहा, ''हमारी ब्याज दरें उच्च स्तर पर हैं, जो हमारे माल को प्रतिस्पर्धी नहीं बनाती है। यह एक बड़ा मुद्दा है। हमारी मुद्रास्फीति की दर लगभग 3 प्रतिशत चल रही है जो काफी कम है।  ब्याज दरों में 100 या 150 बैसिस प्वॉइंट्स की कमी लाने की जरूरत है।''

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन