राहत /भारत ने चीन के लिए पर्यटक ई-वीजा में दी छूट

  • पांच वर्ष के लिए पर्यटक ई-वीजा के लिए लगभग 5,684 रुपए शुल्क का भुगतान करना होगा

Moneybhaskar.com

Oct 12,2019 03:18:00 PM IST

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शनिवार को अनौपचारिक वार्ता की और दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों को मजबूती देने के लिए ऐसी और अनौपचारिक वार्ता आयोजित करने पर सहमति जतायी। भारत ने चीनी नागरिकों के बहुप्रवेश पर पांच साल के लिए पर्यटक ई-वीजा देने की घोषणा की। यह घोषणा बीजिंग स्थित भारतीय मिशन ने की। उन्होंने कहा, ''दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध मजबूत करने के उद्देश्य से चीनी नागरिकों के लिए ई-वीजा में छूट दी जाएगी जिससे ज्यादा से ज्यादा चीनी पर्यटक भारत का दौरा कर सकें।''

पांच वर्ष के लिए पर्यटक ई-वीजा के लिए 80 डॉलर शुल्क का भुगतान करना होगा

उन्होंने कहा, ''इस वर्ष अक्टूबर से चीनी नागरिक बहुप्रवेश आगमन पर पर्यटक ई-वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं जिसकी वैधता पांच वर्षों की होगी। पांच वर्ष के लिए पर्यटक ई-वीजा के लिए 80 डॉलर (लगभग 5,684 रुपए) शुल्क का भुगतान करना होगा।'' इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच यहां हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक में दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने की वकालत की। दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक की शुरुआत करते हुए श्री मोदी ने कहा, ''चेन्नई भारत और चीन के बीच रिश्तों का साक्षी बना है और इस बैठक से दोनों देशों के बीच एक नया अध्याय शुरू हो रहा है।''

हम ऐसी अनौपचारिक वार्ता जारी रखेंगे

चीन के जिनपिंग ने कहा कि पिछले वर्ष वुहान में हुई पहली अनौपचारिक बैठक काफी सकारात्मक थी। उन्होंने कहा कि वह भारत में स्वागत से अभिभूत हैं और उनका यह भारत दौरा यादगार रहेगा। जिनपिंग ने कहा, ''अनौपचारिक बातचीत से दोनों देशों के रिश्तों में गरमाहट आयी है। भारत और चीन के बीच आपसी सहयोग बढ़ा है और यह आगे भी जारी रहेगा।'' अनौपचारिक वार्ता का प्रस्ताव देने पर श्री मोदी का धन्यवाद करते हुए जिनपिंग ने कहा कि यह दर्शाता है कि हमने सही निर्णय लिया और आगे भी हम ऐसी अनौपचारिक वार्ता जारी रखेंगे। उन्होंने कहा,''हमें ऐसी कई अनौपचारिक बैठकें आयोजित करनी चाहिए।''

वुहान में हुई पहली अनौपचारिक बैठक ने द्विपक्षीय रिश्ते को एक नया आयाम दिया

प्रधानमंत्री ने कहा कि वुहान में हुई पहली अनौपचारिक बैठक ने द्विपक्षीय रिश्ते को एक नया आयाम दिया। उन्होंने कहा, ''चेन्नई समिट हमारे बीच शुरु हुए नए अध्याय को गति देने में मदद करेगी।'' मोदी ने कहा कि भारत और चीन पिछले 2000 वर्षों से दुनिया का आर्थिक शक्ति रहे हैं और हम फिर से दुनिया की आर्थिक शक्ति बनेंगे। भारत और चीन के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक में भारत की तरफ से प्रधानमंत्री मोदी के अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव विजय गोखले भी शामिल थे। चीन की तरफ से जिनपिंग के साथ चीन के विदेश मंत्री वांग यी भी इस बैठक में मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच शुक्रवार को रात्रि भोज के दौरान काफी लंबी बातचीत हुई थी।

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