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कूटनीति /चीनी दूध को मोदी सरकार की ना, बढ़ाया प्रतिबंध

  • चीन से दूध उत्पादों पर रोक तब लगाई गई थी जब उसकी कुछ दूध सामग्री में मेलामीन रसायन होने की आशंका हुई थी।

money bhaskar

Apr 24,2019 11:51:00 AM IST

नई दिल्ली. भारत सरकार ने एक बार फिर चीनी दूध के आयात को नामंजूर कर दिया है। चीन से आने वाले दूध, चाकलेट आदि पर भारत का प्रतिबंध जारी रहेगा। आतंकी मसूद के मामले में चीन के साथ न देने से खफा मोदी सरकार अब कूटनीतिक तरीके से चीन को जवाब दे रही है।

चीन दूध में खतरनाक मेलामीन होने की आशंका

चीन से आयात होने वाले चॉकलेट, दूध और इसके उत्पादों के आयात पर रोक की अवधि को नए आदेश जारी होने तक के लिए बढ़ा दिया गया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा है कि चीन से चॉकलेट, चॉकलेट उत्पादों, कैंडीज, कन्फेक्शनरी, दूध और दूध उत्पादों से तैयार खाद्य सामग्री के आयात पर लगी रोक तब तक जारी रहेगी जब तक कि ऐसी सामग्री के देश में प्रवेश वाले बंदरगाहों पर स्थित प्रयोगशालाओं को मेलामीन जैसे रसायन का परीक्षण करने में सक्षम नहीं बना दिया जाता है। चीन से दूध उत्पादों पर रोक तब लगाई गई थी जब उसकी कुछ दूध सामग्री में मेलामीन रसायन होने की आशंका हुई थी। मेलामीन एक खतरनाक जहरीला रसायन है। इसका इस्तेमाल प्लास्टिक और उर्वरक बनाने में किया जाता है। यही वजह है कि भारत चीन से दूध और दूध उत्पादों का आयात नहीं करता है।

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लगातार डेडलाइन बढ़ रही है

नए आदेश में भी भारत ने कोई समयसीमा का जिक्र नहीं किया गया है। पहली बार सितंबर 2008 में लगी थी रोक खाद्य क्षेत्र के नियामक एएसएसएआई ने चीन से दूध उत्पादों के आयात पर लगाई गई रोक को बंदरगाहों पर स्थिति प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाये जाने तक बढ़ाने की सिफारिश की थी। चीन से दूध एवं दुग्ध उत्पादों के आयात पर सबसे पहले सितंबर 2008 में रोक लगाई गई थी। इसके बाद से इस रोक को लगातार समय-समय पर आगे बढ़ाया जाता रहा है।

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अमेरिका भी चाहता है कि भारत दूध का आयात करे

अमेरिका भी चाहता है कि भारत दूध का आयात करे। इसके लिए अमेरिका ने जीएसपी खत्म करने का नोटिस तक दे डाला। लेकिन भारत ने साफ कह दिया कि मांसाहारी गायों के दूध का वह आयात नहीं करेगा। हालांकि अर्थशास्त्री इसकी बड़ी वजह भारत में ही दूध का उत्पादन अधिक होना बताते हैं। उनके मुताबिक दूसरे देश से सस्ते दूध के चक्कर में भारतीय सरकार अपने ही देश के पशुपालकों को नाराज नहीं करना चाहती है। गौरतलब है कि देश में सालाना 15 करोड़ टन दूध का उत्पादन होता है। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन होता है। उसके बाद राजस्थान और गुजरात का स्थान है।

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