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Home » Economy » PolicyIn the palace of the richest candidate of the sixth phase Jyotiraditya is decorated with gold paint on the walls, silver train is served food

हलफनामा / छठे चरण के सबसे अमीर प्रत्याशी ज्योतिरादित्य के महल में दीवारों पर सोने का पेंट, चांदी की ट्रेन में परोसा जाता है खाना

सन 1874 में यूरोपियन शैली में बने कुल 400 कमरे वाले इस महल का नाम जयविलास पैलेस है

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कुलदीप सिंगोरिया. नई दिल्ली
भाजपा से राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के भतीजे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे स्व. माधवराव सिंधिया के बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया लोकसभा चुनाव के छठवें चरण के सबसे अमीर प्रत्याशी हैं। वे मध्य प्रदेश के गुना से सांसद हैं और अब पांचवी बार फिर से यहां से किस्मत आजमा रहे हैं। वे हाल ही में तब चर्चा में आए जब विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने जीत हासिल की। तब उनका नाम मुख्यमंत्री पद के लिए उछला था। सिंधिया के पास पैतृक संपत्ति में 40 एकड़ में फैला ग्वालियर का जय विलास पैलेस है। इस महल का वैभव पूरे भारत में मशहूर है। इसकी दीवारों पर सोने से पेंट किया गया है। इसकी खासियत ऐसी हैं कि आप भी दांतों तले अंगुली चबा जाएं। राजसी वैभव से भरे इस महल में भोजन परासने के लिए चांदी से बनी ट्रेन चलती है। ऐसी ही कई खासियतों से आपको हम रूबरू करा रहे हैं। 

 


3500 किलों चांदी के झूमर है दरबार हॉल की खासियत

 

  • महल का निर्माण 1874 में जीवाजी राव सिंधिया ने करवाया था। लेफ्टिनेंट कर्नल सर माइकल फिलोज ने  डिजाइन तैयार किया गया था। 
  •  महल की छतों पर सोना लगा है। इसके 40 कमरों में अब म्यूजियम है।
  •  पैलेस में रायल दरबार हॉल है, जो 100 फीट लंबा-50 फीट चौड़ा और 41 फीट ऊंचा है। इसकी छत पर 140 सालों से 3500 किलो के दो झूमर टंगे हैं। इसे टांगने के लिए इंजीनियरों ने छत पर 10 हाथियों को 7 दिनों तक खड़ा रखा था। 
  •  इन झूमरों को बेल्जियम के कारीगरों ने बनाया था। पैलेस के डाइनिंग हॉल में चांदी की ट्रेन है जो खाना परोसने के काम आती है।
  • 1,240,771 वर्ग फीट के क्षेत्र में महल फैला हुआ है। माना जाता है कि जिस वक्त इस महल का निर्माण किया गया था, तब इसकी कीमत 1 करोड़ थी, लेकिन आज इस विशाल और आकर्षक महल की कीमत अरबों में है।

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सिंधिया के पास 1960 मॉडल की एक पैतृक बीएमडब्ल्यू कार 


जयविलास पैलेस के अलावा सिंधिया के पास महाराष्ट्र में श्रीगोंड़ा में 19 एकड़ और लिंबन गांव मे 53 एकड़ जमीन है। इसके साथ ही रानी महल, हिरनवन कोठी, रैकेट कोर्ट, शांतिनिकेतन, छोटी विश्रांति, विजय भवन, पिकनिक स्पॉट, बूट बंगला, रेलवे कैरिज घंटी घर, इलेक्ट्रिक पॉवर हाउस रोशनी घर आदि रिहायशी संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों की बाजार कीमत 2,97,00,48,500 रुपये है। सिंधिया ने अपने शपथ-पत्र में बताया है कि उनके पास 301,87,000 रुपये से ज्यादा की एफडीआर, और 3,33,39,827 रुपये की चल संपत्ति है। सिंधिया की ओर से बीते वर्ष दाखिल आयकर रिटर्न में उनकी वार्षिक आमदनी 151,56,720 रुपये है। वहीं उनकी पत्नी प्रियदर्शिनी राजे की वार्षिक आय 250,400 रुपये है। ज्योतिरादित्य के मुम्बई में दो आवास हैं, जो समुद्र महल में हैं। इनकी बाजार कीमत 31,97,70,000 रुपये है। शपथ-पत्र के अनुसार, पैतृक संपत्ति जीवाराव एम. सिंधिया से प्रतिवर्ष आय 467,410 रुपये है। उनके पास 2,066 ग्राम जेवरात है। कुल जेवरात जिसमें गोल्ड कप आदि शामिल है, उसकी कीमत 8,68,53,219 रुपये है। सिंधिया के पास 1960 मॉडल की एक पैतृक बीएमडब्ल्यू कार है। यह भी पढ़ें : नेताओं ने शेयरों से की तौबा, बैंक पर भरोसा, सोने की भी चमक फीकी

 

 

 

दस साल की उम्र में ही लग गया था कार रेसिंग का शौक 

 

  •  12 दिसंबर, 1994 में सिंधिया की प्रियदर्शनी राजे से शादी हुई। प्रियदर्शनी बड़ौदा के गायकवाड़ घराने की राजकुमारी हैं। उनका एक बेटा महा आर्यमन और बेटी अनन्या राजे हैं।
  •  महाआर्यमन अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं, बेटी अनन्या दिल्ली के ब्रिटिश स्कूल से पढ़ाई कर रही हैं।
  •   शपथ-पत्र के अनुसार, सिंधिया ने देहरादून के दून स्कूल से स्कूली शिक्षा अर्जित की है और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी यूएसए से बीए अर्थशास्त्र और स्टानफोर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिस्ट्रेशन की डिग्री ली है.
  •  स्कूल के दिनों में ही ज्योतिरादित्य ने शूटिंग और आर्चरी का शौक पूरा किया। पिता की तरह उनकी भी क्रिकेट में रुचि थी, जो आज तक बरकरार है। 10 साल के थे, जब उन्हें कार रेसिंग का शौक लगा।

 

 

 

 

ऐसा है पॉलिटिकल सफर

 

 

  •  30 सितंबर, 2001 को ज्योतिरादित्य के पिता माधवराव सिंधिया का एक प्लेन हादसे में निधन हो गया था। इसके बाद ही ज्योतिरादित्य ने राजनीति में कदम रखा।
  •  फरवरी, 2002 में गुना सीट पर उपचुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे। 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में इसी सीट से दोबारा चुने गए।
  •  28 अक्टूबर, 2012 से 25 मई, 2014 तक पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री रहे।

संपत्ति पर है परिवार में खींचतान 

 

करीब 40 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति के लिए सिंधिया राजवंश के वर्तमान प्रमुख ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं के बीच जमकर खींचतान चल रही है। मामले कोर्ट में हैं। इसी बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यामन ने भी अपने को वारिस बताते हुए कोर्ट में अर्जी दी, लेकिन वह खारिज हो गई।

 

40 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की है संपत्ति

 

 

  • सिंधिया राजवंश की संपत्ति कितनी है, इसका अंदाजा लगाना तो मुश्किल है, लेकिन इसे 40 हजार करोड़ रुपए का बताया जाता है। इसमें कई शहरों में बने हुए पैलेस और जमीनें शामिल हैं।
  • इस संपत्ति में ग्वालियर का जयविलास पैलेस, दिल्ली में 32 एकड़ में फैली सिंधिया विला और ग्वालियर हाउस के अलावा, मुंबई में वसुंधरा बिल्डिंग, पुणे के पद्म विलास पैलेस, शिवपुरी का जर्ज कैसल और माधव विला पैलेस, उज्जैन का कालियादेह पैलेस सहित कई शहरों में मंदिर भी हैं।

 

  •  सबसे ज्यादा विवाद ग्वालियर के जयविलास पैलेस को लेकर है। इस पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के विरोध में उनकी बुआएं दावा करती हैं। इस मामले में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कोर्ट में तर्क दिया है कि राजवंश में राजा की गद्दी का कानून चलता है और वे इसके अकेले वारिस हैं। इसलिए पूरी संपत्ति पर उनका ही अधिकार है।

 

 

 

 

 

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