प्लान  /जेवर में बनने जा रहे देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट में अब छह की बजाय आठ रनवे होंगे, सीएम ने दी मंजूरी 

Moneybhaskar.com

Jun 18,2019 02:57:00 PM IST

नई दिल्ली. दिल्ली से 70 किमी दूर स्थित देश के सबसे बड़े जेवर एयरपोर्ट पर अब छह की बजाय आठ रन वे होंगे। इससे एयरपोर्ट की क्षमता एक घंटे में 102 विमानों के उड़ने की हो जाएगी। वर्ष 2022 से एयरपोर्ट के दो रनवे शुरू होने की उम्मीद है। एक समीक्षा बैठक में आए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो और रनवे बढ़ाने की इजाजत दे दी। इसके लिए प्रस्तावित स्थल के पास जमीन उपलब्ध है।

अतिरिक्त जमीन की वजह से मिली मंजूरी


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 14 जून को तीनों प्राधिकरण की समीक्षा बैठक करने आए थे। बैठक में जेवर एयरपोर्ट की भी समीक्षा हुई। बैठक में बताया गया कि दो रनवे के साथ एयरपोर्ट शुरू होगा। 4 रनवे का टेक्निकल इकोनॉमिकल फिजबिलिटी रिपोर्ट( टीईएफआर) बन रही है। इसका काम पीडब्ल्यूसी कंपनी को दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित एयरपोर्ट के पास जमीन पर्याप्त है। इसलिए दो और रनवे का काम भी साथ-साथ चल सकता है। इस पर मुख्यमंत्री ने सहमति दे दी। अब नियाल के अधिकारी इसका प्रस्ताव भेजेंगे और शासन इसको हरी झंडी दे देगा। इसके बाद टीईएफआर में दो और रनवे जोड़ दिए जाएंगे। इस तरह अब यह एयरपोर्ट 8 रनवे का हो जाएगा।

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अगले साल से शुरू होगा काम


जेवर एयरपोर्ट के टेंडर निकाल दिया गया है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जनवरी 2020 तक कंपनी का चयन कर निर्माण शुरू कराने का लक्ष्य है। अब तक 7 से अधिक देशी-विदेशी कंपनियों ने नियाल से संपर्क साधा है।

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1334 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा एयरपोर्ट



पीपीपी मॉडल पर बनने वाले जेवर एयरपोर्ट पर 15754 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जेवर एयरपोर्ट 1334 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा। इसमें 1239 हेक्टेयर जमीन किसानों से ली जा रही है। 95 हेक्टेयर ग्राम समाज की जमीन है। इस परियोजना में 2637 परिवारों को शिफ्ट किया जाएगा। जमीन खरीदने व परिवारों को शिफ्ट करने में 4086 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि विस्थापन पर 894 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

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चार चरणों में होगा निर्माण


एयरपोर्ट का निर्माण चार चरणों में होगा। पहले चरण में एक रनवे, टैक्सी वे, 2750 यात्रियों के लिए टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी बिल्डिंग, कार्गो टर्मिनल बिल्डिंग, मेन्टिनेंस बिल्डिंग, मैनेजमेंट बिल्डिंग, फायर व बिजली का सब स्टेशन बनेगा। दूसरे चरण में एक और रनवे समेत अन्य सभी सुविधाएं होंगी। तीसरे चरण में 3500 और चौथे चरण में 3 हजार यात्रियों की क्षमता वाले टर्मिनल व अन्य सुविधाएं विकसित होंगी।

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दुनिया के 73 शहरों में हैं दो-दो एयरपोर्ट


दुनिया में ऐसे 73 शहर हैं, जहां दो एयरपोर्ट काम कर रहे हैं। वहीं 14 शहरों में तो तीन-तीन एयरपोर्ट हैं। शिकागों में तीन एयरपोर्ट ओहारे, मिड-वे और रॉकफोर्ड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। इनमें ओहारे और मिड-वे एयरपोर्ट के बीच की दूरी 41 किलोमीटर है। दोनों को जोड़ने के लिए रेपिड ट्रांजिट ट्रेन चलती है। रैपिड ट्रांजिट ट्रेन ओहारे और मिड-वे एयरपोर्ट के बीच की दूरी महज 22 मिनट में तय करती है। दो या तीन ही नहीं दुनिया के कई शहरों में तो पांच और सात एयरपोर्ट भी हैं। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में सात एयरपोर्ट हैं। सारे एयरपोर्ट को आपस में जोड़ने के लिए विशेष बसें चलती हैं जो तीन से पांच घंटे में एक एयरपोर्ट से दूसरे तक पहुंचाती हैं। न्यूयॉर्क के एल्बैनी, जॉन एफ कैनेडी एयरपोर्ट, लैग्वार्डिया और नेवार्क एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए शटल चलती हैं। इसी तरह लंदन के दो बड़े हीथ्रो और गेटविक एयरपोर्ट के बीच करीब 61 किलोमीटर की दूरी है।
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