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Business / अगर आप भी चाहते हैं नौकरी या अपना कारोबार तो MSME में हैं संभावनाओं का संसार

अगले 4-5 वर्षों में तकरीबन 1 करोड़ नए रोजगार के मौके बन सकते हैं।

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नई दिल्ली। रोजगार क्षेत्र में सुस्ती के बावजूद मध्यम वर्ग में उभार और खर्च करने लायक आमदनी में बढ़ोतरी की बदौलत हमारा देश अच्छी खपत वाला बाजार बना हुआ है। हालांकि देश में होने वाली कुल खपत का केवल 15 प्रतिशत ही घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री पूरा कर पाती है। ऐसे में भारत के हाथ से बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने का मौका निकल रहा है। माना जा रहा है कि अगर एमएमएमई पर समुचित तरीके से ध्यान दिया जाता है तो यह यह सेक्टर इस अंतर को तेजी से काम कर सकता है और अगले 4-5 वर्षों में तकरीबन 1 करोड़ नए रोजगार के मौके बन सकते हैं।

आइए जानते हैं एमएमएमई में रोजगार बढ़ाने की कितनी संभावनाएं हैं।

 

जरूरत है क्षमता बढ़ाने की…

एक रिपोर्ट के अनुसार, भार में विभिन्न समूहों में मैन्यूफैक्चर होने वाले प्रोडक्ट्स ग्रुप के अध्ययन से पता चलता है कि अगर एमएसएमई पर समुचित ध्यान दियाजाए तो अगले 4-5 साल में 75 लाख से 1 करोड़ अतिरिक्त रोजगार पैदा किए जा सकते हैं। एमएसएमई के लिए बाजार आधारित रणनीति को अपनाकर यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इससे संगठित निजी क्षत्र की कंपनियां एमएसएमई के क्षमता निमार्ण और बढ़ोतरी में निवेश करेंगी।

 

तीव्र विकास के लिए अवरोध हो दूर

एमएसएमई आधारित घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने की राह में अभी भी बहुत सारे अवरोध हैं, जिन्हें नीतिगत उपायाें और ब्यूरोक्रेसी के अडंगे को कम करके दूर किया जा सकता है।

 

इंडस्ट्री भी करें पहल

बेशक नीतियां बनाना, उन पर अमल करना और ब्यूरोक्रेसी की बाधाएं दूर करना सरकार का काम है, लेकिन पहले से मौजूद और मजबूत इंडस्ट्री को भी सिर्फ मुनाफे के लिए काम करने की बजाय देशहित से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान देने की पहल करनी चाहिए।

खुद को बनाएं स्किल्ड

सरकारें अपने स्तर पर प्रयास करेंगी और कर भी रही हैं, लेकिन युवाओं को भी चाहिए कि वे खुद को इंडस्ट्री की मांग के अनुसार स्किल्ड बनाने का हरसंभव प्रयास करें। इंडस्ट्री को पहले दिन ही आउटपुट देने वाले लोग चाहिए होते हैं, जिनसे वह त्वरित उत्पादन में सहयोग ले सकें। युवा और उनके अभिभावक जॅाब मार्केट की बदलती जरूरतों के प्रति जागरूक रहें। युवाओं को उससे संबंधित उनकी पसंद के क्ष्ेत्र में आवश्यक स्किल ट्रेनिंग दिलाने का प्रयास करें।

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