संघर्ष /नागालैंड के शिजामी गांव ने पेश की मिसाल, यहां महिलाओं को मिलता है पुरुषों के बराबर वेतन

 

  • शिजामी गांव में 600 घर हैं और इनमें लगभग 5,000 लोग रहते हैं।

Moneybhaskar.com

Jun 26,2019 12:07:27 PM IST

नई दिल्ली। समान वेतन पर विश्व में बहुत से देश ऐसे में जो काफी लंबे समय से फ्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि समान काम के लिए पुरुषों और महिलाओं को समान वेतन मिलना चाहिए। हाल ही में समान वेतन को लेकर स्विटजरलैंड की महिलओं ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि जहां एक ओर महिलाएं अपने हक के लिए लड़ रही हैं वहीं दूसरी ओर भारत के नागालैंड के एक गांव में महिलाओं को बीते तीस सालों से वह सब मिला हुआ है जो उन्होंने चाहा। नगालैंड के फेक जिले में शिजामी की हिम्मत वाली महिलाओं ने आठ साल की लड़ाई के बाद, 2015 में पुरुष के बराबर वेतन पाने में सफल हुईं। इस लड़ाई में कई संवेदनशील पुरुषों ने भी उनका साथ दिया। लेकिन उनकी लड़ाई अब तक खत्म नहीं हुई है।

भारत दौरा / माइक पोम्पिओ और जयशंकर की मीटिंग आज; आतंकवाद, H-1B और ईरान तेल जैसे मुद्दे एजेंडे में टॉप पर

पुरुषों की तरह ही खेतों पर लगातार बैठकर काम करती हैं महिलाएं


शिजामी की महिला किसानों ने बताया कि पुरुषों को यह कहते हुए ज्यादा भुगतान किया गया कि वह खेतों पर ज्यादा मेहनत करते हैं। गांव के महिला संगठन की अध्यक्ष केंजुन्यपी यू सुहा ने बताया कि महिलाओं ने तर्क दिया कि महिलाएं वह कर सकती हैं जो पुरुष नहीं कर सकते। वह पूरा दिन पुरुषों की तरह ही खेतों पर लगातार बैठकर काम करती हैं। गांव में सीढ़ीदार खेतों में ये महिलाएं हैं बिना किसी यांत्रिक सहायता के अधिकांश खेत में काम करती हैं। वह कहती हैं कि हमने 2007 से सात साल के लिए ग्राम परिषद और उसके कल्याण मंच के साथ समान मजदूरी के विचार को आगे बढ़ाया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। कुछ पुरुष हमारे साथ आए और हमारा समर्थन किया।

धान रोपाई के समय 450 रुपये प्रति दिन और बाकी साल 400 रुपये मजदूरी निर्धारित


इस गांव में सभी प्रकार के गैर-विशिष्ट कृषि और मैनुअल काम के लिए समान मजदूरी लागू होती है। धान रोपाई के समय यानी 1 जून से मध्य जुलाई तक के दौरान 450 रुपये प्रति दिन और बाकी साल 400 रुपये मजदूरी निर्धारित है। बादाम और ओक के पेड़ों वाले पहाड़ों से घिरे शिजामी गांव में 600 घर हैं और इनमें लगभग 5,000 लोग रहते हैं। लगभग 20-30 फीसदी परिवार अपने पारिवारिक क्षेत्रों में काम करने के अलावा खेतों पर मजदूरी करते हैं।


X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.