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एक्शन / दिल्ली, नोएडा, लखनऊ समेत 12 जगहों के भ्रष्ट इनकम टैक्स कमिश्नर को मोदी सरकार ने जबरन कार्यमुक्त किया

पद का दुरुपयोग करने और गैरकानूनी तरीकों से संपत्ति अर्जित करने के आरोप

Govt dismisses 12 senior I-T officers for corruption, misconduct
  • कमिश्नर और जॉइंट कमिश्नर रैंक के अधिकारी बर्खास्त किए गए

नई दिल्ली। सरकार ने भ्रष्टाचार और पेशेवर कदाचार के आरोप में आयकर विभाग के 12 वरिष्ठ अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इनमें कमिश्नर और जॉइंट कमिश्नर रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इस सूची में शामिल एक बर्खास्त जॉइंट कमिश्नर के खिलाफ स्वयंभू धर्मगुरु चंद्रास्वामी की मदद करने के आरोपी एक व्यवसायी से जबरन वसूली तथा भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायतें हैं। 

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नोएडा में तैनात यौन उत्पीड़न के आईआरएस अधिकारी को हटाया

सूत्रों ने बताया कि इसमें नोएडा में तैनात आयुक्त (अपील) पद के एक आईआरएस अधिकारी भी है। उस पर आयुक्त स्तर की दो महिला आईआरएस अधिकारियों के यौन उत्पीड़न का आरोप है। एक अन्य आईआरएस अधिकारी ने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर 3.17 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्ति अर्जित की थी। यह संपत्ति कथित तौर पर पद का दुरुपयोग करके और भ्रष्ट एवं गैर-कानूनी तरीकों से अर्जित की गई थी। इस अधिकारी को समय से पहले सेवानिवृत्ति लेने का निर्देश दिया गया है। आयकर विभाग के एक कमिश्नर के खिलाफ सीबीआई की भ्रष्टाचार रोधी शाखा ने आय से अधिक का मामला दर्ज किया था और उन्हें अक्टूबर 2009 में सेवा से निलंबित कर दिया था। उन्हें भी सरकार ने अनिवार्य सेवानिवृत्त लेने के लिए कहा है। 

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गलत आदेशों के जरिए वसूली करता था अधिकारी

एक अन्य अफसर जो भ्रष्टाचार और जबरन वसूली में लिप्त था और कई गलत आदेश पारित किए थे। इन आदेशों को बाद में अपीलीय प्राधिकरण ने पलट दिया था। उसे भी सेवा से बर्खास्त किया गया है। कमिश्नर रैंक के एक अन्य अधिकारी पर मुखौटा कंपनी के मामले में एक व्यवसायी को राहत देने के एवज में 50 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। इसके अलावा उसने पद का दुरुपयोग करके चल/अचल संपत्ति इकट्ठा करने का आरोप लगा था। उसे भी जबरिया सेवानिवृत्ति कर दिया गया है। 

नियम-56 के तहत किया कार्यमुक्त

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, इन अधिकारियों को नियम-56 के तहत कार्यमुक्त किया गया है। नियम 56 सार्वजनिक हित को देखते हुए प्रयोग में लाया जाता है जिसके माध्यम से नौकरशाहों की कार्यकाल को खत्म किया जाता है। यह  ज्यादातर भ्रष्टाचार के मामले में प्रयोग में आता है। इसमें 25 साल का कार्यकाल और 50 की उम्र को पार करने वालों का कार्यकाल खत्म कर उन्हें रिटायर कर दिया जाता है।

इन अधिकारियों को किया कार्यमुक्त

1- राजकुमार भार्गव, असिस्टेंट कमिश्नर इनकम टैक्स, लखनऊ
2- आलोक कुमार मित्र, इनकम टैक्स कमिश्नर, कोच्चि
3- संजय कुमार श्रीवास्तव, इनकम टैक्स कमिश्नर, नोएडा
4- अरुलप्पा बी, इनकम टैक्स कमिश्नर, कोच्चि
5- अजोट कुमार सिंह, इनकम टैक्स कमिश्नर, कोलकाता
6- बीबी राजेंद्र प्रसाद, इनकम टैक्स कमिश्नर, गुजरात
7- होमी राजवंश, इनकम टैक्स कमिश्नर, तमिलनाडु
8- डॉ. श्वेताभ सुमन, इनकम टैक्स कमिश्नर, गुवाहाटी
9- ए रविंदर, एडिशनल कमिश्नर इनकम टैक्स, भुवनेश्वर
10- विवेक बत्रा, एडिशनल कमिश्नर इनकम टैक्स, तमिलनाडु
11- अशोक अग्रवाल, ज्वाइंट कमिश्नर इनकम टैक्स नई दिल्ली
12- चंद्रसेन भारती, एडिशनल कमिश्नर इनकम टैक्स, इलाहाबाद

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