मनी भास्कर खास /नीचे खेत, ऊपर सोलर पावर प्लांट, किसानों के लिए सरकार की नई स्कीम

  • 500 किलोवाट से लेकर 2 मेगावाट तक का होगा सोलर पावर प्लांट
  • एक साथ कई किसान मिलकर भी लगा सकते हैं प्लांट
  • डिस्कॉम खरीदेगी बिजली, 25 साल का होगा करार

Moneybhaskar.com

Jul 27,2019 02:34:51 PM IST

मनी भास्कर

नीचे खेत, ऊपर सोलर पावर प्लांट। किसानों के लिए सरकार की यह नई स्कीम आई है। ताकि वे अपनी आय को दोगुना कर सके। अभी तक सोलर पावर प्लांट गैर खेती वाली भूमि पर लगाए जाते हैं। लेकिन किसान चाहे तो स्टिल्ट तरीके से खेत के ऊपर 500 किलोवाट से लेकर 2 मेगावाट तक का सोलर प्लांट लगा सकता है। यह प्लांट बिजली वितरण कंपनी से जुड़ा होगा और इस प्लांट में उत्पादित बिजली डिस्कॉम के पास चली जाएगी। इसलिए किसानों का सोलर पावर प्लांट बिजली कंपनी के सब स्टेशन से पांच किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए ताकि ट्रांसमिशन की ऊंची लागत से बचा जा सके। डिस्कॉम को हर हाल में किसान के सोलर पावर प्लांट से उत्पादित बिजली को खरीदना होगा। बिजली खरीदारी के लिए किसान और डिस्कॉम के बीच 25 साल के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट किया जाएगा। किसानों की बिजली खरीदने वाली डिस्कॉम को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) सब्सिडी के तौर पर 40 पैसे प्रति यूनिट का भुगतान करेगा।

खेती वाली जमीन के ऊपर स्ट्रक्चर खड़ा करके किसान सोलर पावर प्लांट लगा सकेंगे

एमएनआरई के मुताबिक ऐसा नहीं है कि पावर प्लांट कोई अकेला किसान लगाएगा। कई किसान या किसानों की सोसायटी, पंचायत, कार्पोरेटिव कोई भी इस सोलर पावर प्लांट को लगा सकता है। अमूमन सोलर प्लांट गैर उपज वाली जमीन पर लगाए जाते हैं, लेकिन खेती वाली जमीन के ऊपर स्ट्रक्चर खड़ा करके किसान सोलर पावर प्लांट लगा सकेंगे। लेकिन किसान को यह सुनिश्चित करना होगा कि इससे खेती प्रभावित नहीं होगी। उन्हें भी सरकार की तरफ से पूरी मदद मिलेगी। जो किसान अकेले या समूह में इस काम को करने में सक्षम नहीं है, वे सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए डेवलपर्स की मदद ले सकते हैं। किसान चाहे तो अपनी जमीन को लीज रेंट पर भी डेवलपर्स को दे सकता है। बदले में किसानों को फिक्स इनकम होती रहेगी। उत्पादित बिजली की दर तय करने के लिए डिस्कॉम बिडिंग प्रक्रिया की मदद ले सकती है। लेकिन पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) 25 साल के लिए होगा।

सोलर पावर प्लांट की स्थापना के लिए लेटर ऑफ एश्योरेंस जारी करने के नौ माह के भीतर प्लांट को स्थापित करना होगा। इस काम में दो माह से अधिक की देरी पर पीपीए की अवधि कम की जा सकती है। बिजली खरीद करने वाली डिस्कॉम को एमएनआरई की तरफ से पांच साल के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट दिए जाएंगे।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.