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बजट 2019  /मेक इन इंडिया के लिए सरकार स्टार्टअप्स में फूंकेगी नई जान, खुलेगा रियायतों का पिटारा

Moneybhaskar.com

Jun 20,2019 05:26:04 PM IST

नई दिल्ली. मोदी सरकार के अपने दूसरे कार्यकाल में बेरोजगारी के आरोपों से निपटने के लिए बड़ी तैयारी कर रही है। सरकार देश में उद्यमिता (आंत्रप्रेन्योरशिप) और रोजगार बढ़ाने के लिए बजट में नए प्रावधान कर सकती है। यही नहीं, स्टार्टअप्स के लिए रियायतों का पिटारा खोल सकती है। टैक्स छूट की नई खुराक पिला सरकार इन्हें बढ़ावा देने की कोशिश करेगी।

कर्मचारियों को मिलने वाले शेयर पर कैपिटल गेंस टैक्स से मिल सकती है छूट

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) और राजस्व विभाग ने आगामी बजट में टैक्स प्रोत्साहनों के पैकेज के बारे में चर्चा की है। इस बैठक में शेयरों की बिक्री के समय इम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन स्कीम्स (ESOPs) पर टैक्स वसूलने के नियमों को सरल बनाने पर भी बातचीत हुई। अभी ESOP पर तब टैक्स लगता है कि जब कर्मचारी इस ऑप्शन का इस्तेमाल करता है। इससे हुए मुनाफे पर टैक्स लगाने के लिए ईसॉप्स में शेयर की कीमत और बाजार में शेयर की कीमत का फर्क निकाला जाता है। फिर अंतिम रूप से शेयर को बेचने पर कैपिटल गेंस टैक्स लगता है। काफी समय से स्टार्टअप दलील देते आए हैं कि प्रतिभावान कर्मचारियों को रोककर रखने के लिए ईसॉप्स उनके लिए महत्वपूर्ण जरिया हैं। इन पर टैक्स लगाना सही नहीं है।

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एंजेल टैक्स बेनिफिट भी मिल सकता है

DPIIT कैटेगरी टू के अल्टरनेट इंवेस्टमेंट फंडों (AIF) को एंजेल टैक्स बेनिफिट देने की संभावनाओं पर भी चर्चा कर रहा है। इस तरह की छूट अभी कैटेगरी वन के कुछ निवेशकों को उपलब्ध है। विभाग AIF को अन्य बेनिफिट देना चाहता है ताकि स्टार्टअप को प्रोत्साहित किया जा सके। उदाहरण के लिए उसने सुझाव दिया है कि जिस तरह लिमिटेड पार्टनरों के लिए AIF का मुनाफा जाने दिया जाता है। ठीक यही बर्ताव नुकसान के साथ भी होना चाहिए। इसी तरह भारत में स्थित फंड मैनेजरों के लिए जीएसटी में छूट का प्रस्ताव है। कारण है कि ऑफशोर फंड मैनेजरों से टैक्स नहीं वसूला जाता है। लेकिन, इस प्रस्ताव के स्वीकार किए जाने के आसार कम हैं। वैसे, भी जीएसटी से जुड़े मुद्दे अब बजट के दायरे से बाहर हैं। इन पर जीएसटी पर‍िषद फैसला करती है।

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