रणनीति /एयर इंडिया के निजीकरण से होगा फायदा, विनिवेश को तैयार है सरकार : पुरी 

  • नागर विमानन मंत्री बोले- भारतीय को ही बेचने का रहेगा प्रयास

Moneybhaskar.com

Jul 11,2019 02:14:50 PM IST

नई दिल्ली। सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि वह सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के विनिवेश के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि जेट एयरवेज के विमानन क्षेत्र से हट जाने के बावजूद घरेलू विमानन बाजार में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है तथा उड़ानों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। जेट एयरवेज के हटने के कारण खाली पड़ी स्लॉटों में अन्य विमानन कंपनियों ने परिचालन शुरू कर दिया है, इसलिए उड़ानों की उपलब्धता पर कोई बहुत फर्क नहीं हुआ है।

एयर इंडिया का विनिवेश लोगों के लिए फायदेमंद

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने एयर इंडिया के निजीकरण का फैसला कर लिया है और यह लोगों के लिए फायदेमंद रहेगा। उन्होंने कहा कि हम एयर इंडिया का निजीकरण करेंगे और हमारा यह प्रयास रहेगा कि इसका नियंत्रण भारतीयों के ही हाथों में हो। उन्होंने कहा कि विनिवेश के साथ ही सरकार ने एयर इंडिया के लिए एक रिवावइल प्लान भी तैयार किया है। इसके तहत एयरलाइन को वित्तीय सहायता देकर प्रतियोगी और लाभ वाली कंपनी बनाने की योजना है। उन्होंने कहा कि आज एयर इंडिया के साथ अधिकांश एयरलाइन कंपनियां वित्तीय संकट का सामना कर रही हैं।

जेट एयरवेज के मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी सरकार

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार किसी निजी विमानन कंपनी के परिचालन या अन्य देनदारियों के मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी। एयर इंडिया के विनिवेश संबंधी एक सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एयर इंडिया ने भारत और विदेशों में बगैर इस्तेमाल वाली अचल परिसम्पत्तियों की बिक्री से 534 करोड़ 65 लाख रुपए और किराए से 314 करोड़ रुपए अर्जित किए हैं। उन्होंने बताया कि 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष के दौरान एयर इंडिया को 7,365 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

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