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मोदी के लिए थोड़ी देर में आ सकती है अच्‍छी खबर, इन इंडीकेटर से GDP में सुधार की उम्‍मीद

मोदी के लिए आज अच्‍छी खबर आ सकती है। GDP में लगातार 5 तिमाही से चल रही गिरावट में इस बार सुधार दिख सकता है।

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नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के लिए आज अच्‍छी खबर आ सकती है। GDP में लगातार 5 तिमाही से चल रही गिरावट में इस बार सुधार दिख सकता है। चालू वित्‍तीय वर्ष की पहली तिमाही में GDP 5.7 फीसदी पर आ गई थी। एसबीआई ने माइक्रो इकोनॉमिक इंडीकेटर के विश्‍लेषण के बाद कहा है कि सभी इंडीकेटर पॉजिटिव हैं, जिसका असर GDP के आंकड़े में दिख सकता है। एसबीआई कम्‍पोजिट इंडेक्‍स नवंबर में 53 अंक पर रहा, जो अच्‍छी ग्रोथ का संकेत करता है। आईआईपी मैन्‍युफैक्‍चरिंग आउटपुट बढ़कर 3.4 फीसदी, माइनिंग में बढ़त 9.4 फीसदी और बिजली उत्‍पादन में 7.9 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। नोटबंदी से प्रभावित सेक्‍टरों जैसे ट्रेड, होटल और ट्रांसपोर्ट में अब उबरने के संकेत दिख रहे हैं। पहली तिमाही में इनमें 11.1 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है।

 

 

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एसबीआई की रिपोर्ट में GDP में अच्‍छी बढ़त की उम्‍मीद

एसबीआई की रिपोर्ट में बताया गया है कि दूसरी तिमाही में GDP में अच्‍छी बढ़त दिख सकती है। यह 6.3 से 6.4 फीसदी (जीवीए के आधार पर 6.1 से 6.2 फीसदी ) के बीच रह सकती है।

 

आंकड़े दिखे पॉजिटिव

इस रिपोर्ट के अनुसार लिस्‍टेड 2795 कंपनियों के दूसरी तिमाही के आंकड़ों के आधार पर पॉजिटिव राय बनी है। पहली तिमाही में इन कंपनियों के जीवीए नंबर - 8.4 फीसदी था, जिसमें दूसरी तिमाही में सुधार दिखा है। कार्पोरेट जीवीए और मैन्‍युफैक्‍चरिंग जीवीए के संयुक्‍त आंकड़े देख कर लगता है यह पहली तिमाही के 1.2 फीसदी के आंकड़े से अच्‍छे रह सकते हैं।

 

एयर ट्रांसपोर्ट सेक्‍टर में दिखा उछाल

हालांकि कई सेक्‍टराें में सुधार दिखा है, लेकिन एयर ट्रांसपोर्ट सेक्‍टर में उछाल जैसी स्थिति है। दूसरी तिमाही में यहां पर टॉप लाइन और बॉटम लाइन में क्रमश 28 फीसदी और 231 फीसदी का उछाल दिखा है। इसके अलावा नॉन फेरा मेटल, माइनिंग, ऑटोमोबाइल्‍स, एग्रो कैमिकल जैसे सेक्‍टर ने भी अच्‍छा प्रदर्शन किया है।

 

दूसरी तिमाही में दिख सकती है GDP में बढ़त

पिछले वित्‍त वर्ष की अंतिम तिमाही में GDP की दर 6.1 फीसदी और चालू वित्‍तीय वर्ष की पहली तिमाही में यह दर 5.7 फीसदी रही थी। लेकिन एसबीआई की इस रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि चालू वर्ष की दूसरी तिमाही में GDP में बढ़त दिख सकती है। रिपोर्ट में स्‍लोडाउन का कारण स्‍लो कंजंप्‍शन डिमांड, मैन्‍युफैक्‍चरिंग गतिविधियों में कमी और GST की शुरुआती दिक्‍कत को बताया गया है। लेकिन हालिया माइक्रो इकोनॉमिक इंडीकेटर में रिकवरी के संकेत दिखे हैं। आईआईपी मैन्‍युफैक्‍चरिंग आउटपुट बढ़कर 3.4 फीसदी, माइनिंग में बढ़त 9.4 फीसदी और बिजली उत्‍पादन में 7.9 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। नोटबंदी से प्रभावित सेक्‍टरों जैसे ट्रेड, होटल और ट्रांसपोर्ट में अब उबरने के संकेत दिख रहे हैं। पहली तिमाही में इनमें 11.1 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है।

 

रिवीजन में सुधर सकता है GDP का आंकड़ा

देश में GDP के आंकड़ों का तीन बार रिवीजन किया जाता है। सीएसओ की कोशिश रहती है कि अंतिम डाटा पूरी तरह से सही हो। पिछले 6 वित्‍तीय सालों में रिवीनज के बाद GDP के आंकड़ों में 20 से लेकर 60 बेसिस प्‍वाइंट का अपवर्ड रिवीजन (वित्‍त वर्ष 14 को छोड़कर जब यह रिवीजन 50 बेसिस प्‍वाइंट का डाउनवर्ड हुआ) हुआ है। सीएसओ ने वित्‍तीय वर्ष 17 के लिए वार्षिक GDP की दर 7.1 फीसदी का अनुमान जताया है, लेकिन एसबीआई को उम्‍मीद है कि यह 6.5 फीसदी के नजदीक रह सकती है।  

 

 

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