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  • Gautam Gambhir told the computer, Diggi generator But Modi, Shah and Gandhi did not tell the valuables of the house

हलफनामा /गंभीर और दिग्गी ने घर के सामान की कीमत बताई पर मोदी, शाह और राहुल समेत दूसरे प्रत्याशियों ने किया परहेज

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी समेत अन्य नेताओं ने घर के सामान बताने से परहेज किया है। 
  • जानकार बताते हैं कि जब आयोग संपत्ति के डिक्लयरेशन की बात कहता है तो उसमें घर की सभी कीमती चीजें भी आनी चाहिए। आयोग को इस बारे में स्वत: संज्ञान लेना चाहिए

money bhaskar

May 02,2019 03:18:01 PM IST

कुलदीप सिंगोरिया. नई दिल्ली

लोकसभा चुनाव के लिए अब लगभग सभी सीटों पर नामांकन दाखिल हो चुके हैं। नामांकन के साथ दिए गए हलफनामें में उम्मीदवारों ने संपत्ति की जानकारी भी दी है। दिलचस्प बात यह है कि हलफनामे में नेताओं ने जमीन-जायदाद, कैश, बैंक व शेयरों में निवेश से लेकर हर बात की जानकारी दी है लेकिन घर के समानों की कीमत नहीं बताई है। भोपाल से चुनाव लड़ रहे दिग्विजय सिंह ने जनरेटर और दिल्ली से उम्मीदवार गौतम गंभीर ने कंप्यूटर और घर के सामान की कुल कीमत छह लाख रुपए बताई है। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी समेत अन्य नेताओं ने घर के सामान बताने से परहेज किया है।

घर के सामान की जानकारी क्यों उजागर नहीं करते नेता

चुनाव आयोग ने हलफनामे में घर के सामान के लिए कोई अलग कॉलम नहीं बनाया है। जबकि चल व अचल संपत्ति में जमीन, मकान, जेवरात, बैंक, कैश इन हैंड आदि के कॉलम हैं। इसी वजह से नेता सिर्फ वहीं जानकारी देते हैं जो पूछी गई है। हालांकि सामाजिक कार्यकर्ता अजय दुबे का मानना है कि उम्मीदवार जब गाड़ियों और सोने-चांदी की डिटेल दे सकता है तो इसी में घर के सामान की कुल कीमत भी बता सकता है। उनके मुताबिक जब आयोग संपत्ति के डिक्लयरेशन की बात कहता है तो उसमें घर की सभी कीमती चीजें भी आनी चाहिए। आयोग को इस बारे में स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। घर के सामान के बाद जोड़ने के बाद ही किसी उम्मीदवार की संपत्ति का सही खुलासा हो सकता है।

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कीमती पेंटिंग से लेकर महंगे होम एप्लायंस का जिक्र ही नहीं

आरटीआई एक्टिविस्ट नितिन सक्सेना बताते हैं कि जब कोई उम्मीदवार डेढ़ लाख रुपए के आभूषणों की जानकारी बता सकता है तो वह फिर महंगे आईफोन का उल्लेख क्यों नहीं कर सकता है। सक्सेना बताते हैं उम्मीदवारों के पास होम एप्लायंस, पेटिंग, महंगे गिफ्ट व एंटीक पीस आदि भी करोड़ों रुपए में होते हैं। ऐसे में घर के सामान की भी जानकारी देना अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि संपत्ति की सही स्थिति जनता के सामने आ सके। आखिर जनता का यह जानने का भी तो हक है कि जिस उम्मीदवार को वो वोट दे रहा है उसका रहन सहन कैसा है?

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अरबों की प्रॉपर्टी पर कीमती सामानों गायब

मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ, उनके बेटे नकुलनाथ, कांग्रेस उम्मीदवार उर्मिला मातोंडकर, शीला दीक्षित, भाजपा के नतिन गडकरी, हेमामालिनी समेत अरबपति उम्मीदवारों की लंबी फेहरिस्त है। इनके घर भी ऑलीशान है लेकिन होम एप्लायंस की कोई जानकारी नहीं दी गई। वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ गुप्ता बताते हैं कि हलफनामे में दी गई जानकारी स्वैच्छिक होती है। इसी वजह से घर के सामान की जानकारी न देने पर उम्मीदवारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकती है।

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