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मैगी मामला: अब ब्रांड एम्‍बैसडर पर लगाम कसने की तैयारी

Company Team

Jun 14,2015 09:42:00 PM IST
नई दिल्‍ली। मैगी नूडल्‍स मामले पर देशभर में हंगामे और प्रतिबंध के बाद प्रोडक्‍ट के ब्रांड एम्बैसडर पर लगाम कसने की मांग तेजी होने लगी है। ट्रेडर्स यूनियन सीएआईटी ने मांग की है कि सरकार प्रोडक्‍ट एंडोर्स करने वाले ब्रांड एम्‍बैसडर के लिए भी नियम और दिशानिर्देश जारी करे।
मैगी के ब्रांड एम्‍बैसडर अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की मांग की जा चुकी है।
यूनियन ने उपभोक्‍ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान से कहा है कि ब्रांड एम्‍बैसडर के लिए भी नियम और दिशानिर्देश बनाए जाने चाहिए। कॉन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने कहा कि यह साफ हो चुका है कि एंडोर्समेंट मुख्‍य रूप से किसी प्रोडक्‍ट की बिक्री को बढ़ाने के लिए किया जाता है। ऐसे में ब्रांड एम्‍बैसडर भी उस प्रोडक्‍ट के सेल्‍स कैंपेन का एक अभिन्‍न हिस्‍सा होता है।
यूनियन ने कहा कि चूंकि विज्ञापन का उपभोक्‍ता की च्‍वाइस पर खासा असर पड़ता है और ब्रांड एम्‍बैसडर कोई चैरिटी नहीं कर रहा होता है, ऐसे में वे अपनी जिम्‍मेदारी से नहीं भाग सकते हैं।
इससे पहले, प्रतिबंध के खिलाफ नेस्ले इंडिया को बंबई उच्च न्यायालय से भी राहत नहीं मिली थी। न्यायालय ने खाद्य विभाग द्वारा मैगी के 9 वैरियंट पर लगाए गए प्रतिबंध के आदेश पर स्टे लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने नेस्ले इंडिया की याचिका पर फूड सेफ्टी ऐंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया और महाराष्ट्र सरकार को दो सप्ताह के भीतर शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए थे।
नेस्ले इंडिया ने हाल में भारतीय खाद्य नियामक और महाराष्ट्र की खाद्य सुरक्षा इकाई के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। नेस्ले इंडिया ने मैगी पर प्रतिबंध के आदेश के खिलाफ स्टे लगाने की मांग की थी।
एफएसएसएआई ने नेस्ले के प्रोडक्ट मैगी नूडल्स के सभी नौ वैरियंट्स को भारतीय बाजार में बैन करने का आदेश दिया था। वहीं नेस्ले का कहना है कि मैगी को बैन करना और नेस्ले को अपने प्रोडक्ट मार्केट से वापस लेने का आदेश देना दोनों ही गलत हैं।
नेस्ले इंडिया के वकील ने सुनवाई के दौरान सामने पुनरीक्षा याचिका (दिल्ली और महाराष्ट्र के अधिकारियों द्वारा जारी आदेश के खिलाफ अपील) का उल्लेख किया था। वकील ने अदालत से तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया था, क्योंकि कंपनी को खाद्य नियामक के आदेशों के कारण नुकसान झेलना पड़ा।
खाद्य नियामक ने पिछले सप्ताह आदेश जारी कर नेस्ले इंडिया के मैगी नूडल्स के सभी वैरियंट पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी करते हुए इसे खाने के लिए असुरक्षित और खतरनाक बताया था। परीक्षणों में मैगी में स्वाद बढ़ाने वाले मोनोसोडियम ग्लूटामेट तथा सीसा तय मात्रा से अधिक पाया गया था।
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