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सरकार ऑर्गेनिक कृषि के लिए किसानों को प्रति एकड़ देगी 20 हज़ार रुपए

Economy Team

Jan 17,2016 09:06:00 PM IST
गंगटोक। केंद्र सरकार ने ऑर्गेनिक कृषि के लिए किसानों को प्रति एकड़ 20 हज़ार रुपए देने की घोषणा की। देशभर में ऑर्गेनिक प्रोडक्‍ट्स की मांग को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने इसकी घोषणा की। ताकि देशभर के किसान ऑर्गेनिक कृषि की ओर रुख करें। उन्‍होंने किसानों को उपज का सही मूल्य दिलाने और कृषि मंडियों को जोड़ने के लिए एक अप्रैल 2016 से ई-ट्रेडिंग प्लेटफार्म योजना शुरू करने की भी घोषणा की।
तीन वर्ष के दौरान 5 लाख एकड़ जैविक कृषि विकसित होगा
सिंह ने कहा कि तीन वर्ष के दौरान 5 लाख एकड़ जैविक कृषि विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्‍होंने कहा कि जैविक कृषि को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा और रेनफेड और पर्वतीय क्षेत्रों में खास तौर पर इसे अपनाया जाएगा। जैविक कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि मंत्रालय ने राष्ट्रीय कृषि सतत मिशन के तहत परंपरागत कृषि विकास योजना लागू की है।
चार फीसदी ग्रोथ हासिल करना चाहती है सरकार
एग्रीकल्‍चर की चार फीसदी ग्रोथ हासिल करने के लिए इस सेक्‍टर से जुड़े केंद्र और राज्‍यों की स्‍कीमों के बीच कन्‍वर्जेंस जरूरी है। केंद्र और राज्‍य दोनों की कई स्‍कीमें एक जैसी हैं, जिससे एग्रीकल्‍चर से जुड़े कुछ एक्टिविटी पर जहां अधिक फोकस रहता है, वहीं कुछ उपेक्षित रह जाते हैं। इस सेक्‍टर की ग्रोथ को गति देने के लिए हमें सरकारी और निजी दोनों सेक्‍टर के इन्‍वेस्‍टमेंट की जरूरत है। यूनियन एग्रीकल्‍चर मिनिस्‍टर राधा मोहन सिंह ने रविवार को ये बातें कहीं।
सिक्किम में एग्रीकल्‍चर पर कॉन्‍फ्रेंस
‘सस्‍टेनेबल एग्रीकल्‍चर और फार्मर्स वेल्‍फेयर’ विषय पर आयोजित एक नेशनल कॉन्‍फ्रेंस में सिंह ने कहा कि इस सेक्‍टर में अधिक इन्‍वेस्‍टमेंट से प्रोडक्‍शन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के बेहतर होने के अलावा बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज का निर्माण भी होगा।
सरकारी से अधिक निवेश कर रहा है प्राइवेट सेक्‍टर
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2004-05 से लेकर 2012-13 के बीच एग्रीकल्‍चर सेक्‍टर में प्राइवेट सेक्‍टर की तुलना में सरकारी निवेश में कमी आई। सरकारी निवेश में जहां 11.42 फीसदी की ग्रोथ रही, वहीं प्राइवेट इन्‍वेस्‍टमेंट में 19.81 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई।
दो स्रोतों से होती है फाइनेंशिंग
इस समय इस सेक्‍टर की फाइनेंशिंग फाइनेंशियल इंस्‍टीट्यूशंस और राज्‍य तथा केंद्र सरकारों के बजटीय समर्थन से होती है। चूंकि केंद्र और राज्‍य दोनों की एक जैसी फाइनेंशिंग इन्‍वेस्‍टमेंट स्‍कीमें होती हैं, ऐसे में डुप्‍लीकेशन के साथ ही किसी खास क्षेत्र में क्रियाकलापों की अधिकता हो जाती है। इसलिए केंद्र और राज्‍य सरकारों के संसाधनों को मिलकर खर्च किए जाने से ही बेहतर नतीजे आ सकते हैं।
दूसरी स्‍लाइड में जानें किस तरह सिक्किम बना पूरी तरह ऑर्गेनिक फार्मिंग वाला स्‍टेट...
नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट की स्थापना का सुझाव तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस में राज्यों के कृषि मंत्रियों और अधिकारियों से इस मामले में विस्तृत बातचीत की जाएगी। जो सुझाव इस कॉन्फ्रेंस से निकलकर सामने आएंगे, उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा जाएगा। कुछ सुझावों को अगले केंद्रीय बजट में भी जगह मिल सकती है। एग्रीकल्चर सेक्टर की बेहतरी के लिए फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट की स्थापना के भी सुझाव सामने आए हैं। लैंड लीज मामला भी अहम सिंह ने कहा कि लैंड लीज से जुड़े मामले भी महत्वपूर्ण हैं। लीज लेने वालों को बैंकों और सरकारों से कोई सहायता नहीं मिल पाती है। इससे उत्पादकता पर असर पड़ता है। सिक्किम में पूरी तरह होती है ऑर्गेनिक फार्मिंग इस अवसर पर सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने कहा कि सिक्किम देश का पहला राज्य है, जहां पर पूरी तरह से ऑर्गेनिक फार्मिंग की जाती है। हमने 2003 में इसकी शुरुआत की थी और जमकर तरक्की की है। उन्होंने केंद्र से वैल्यू चेन, कंज्यूमर्स के साथ उत्पादकों को जोड़ने, बीजों के वितरण में मदद, सर्टिफिकेशन, कलेक्शन के लिए सुविधाओं का निर्माण के साथ प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर बल दिया।
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