विज्ञापन
Home » Economy » PolicyChina ready for Wuhan style summit meet with India despite differences over BRI

प्रभाव / भारत की आर्थिक ताकत से डरा चीन, PM मोदी के साथ वार्ता की लगाई गुहार

भारत के BRF में हिस्सा लेने के बहिष्कार से घबराया पड़ोसी देश

1 of

नई दिल्ली। अरबों डॉलर के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) की सफलता के लिए एक बार फिर बेल्ट एंड रोड फोरम (BRF) बैठक करने जा रहा है। दूसरी बार होने जा रही इस बैठक का भारत बहिष्कार करने का ऐलान कर चुका है। एशिया की प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में उभरे भारत को अब चीन नकारने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में चीन ने BRF से इतर भारत के साथ वुहान जैसी शिखर वार्ता करने की योजना बनाई है। 

CPEC का विरोध कर रहा है भारत
भारत ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) के विकास की 60 अरब डालर की परियोजना से अपने संप्रभु अधिकारों को नुकसान होने की चिंताओं को लेकर बेल्ट एंड रोड फोरम (BRF) की 2017 में हुई पहली बैठक से भी अपने को दूर रखा था। सीपीईसी की योजना पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर से जाती है। दूसरी बैठक चीन में 25 से 27 अप्रैल तक चलेगी। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने संवाददाताओं को बताया कि इस सम्मेलन में 150 देशों और 90 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के 5,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने आने की पुष्टि कर दी है। इनमें 37 देशों राष्ट्राध्यक्ष या शासन प्रमुख शामिल हैं। आपको बता दें कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साउथ ईस्ट एशिया, सेंट्रल एशिया, गल्फ कंट्रीज, अफ्रीका और यूरोप के देशों को सड़क और समुद्री रास्तों के जरिए जोड़ने के उद्देश्य से 2013 में बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का ऐलान किया था।

पिछले साल पीएम मोदी ने वुहान में की थी चीनी राष्ट्रपति से वार्ता


चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने प्रधानमंत्री मोदी को पिछले वर्ष अपने यहां अघोषित एजेंडा की बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। दोनों नेताओं ने पर्यटनस्थल वुहान में एक अनौपचारिक वातावरण में बिना सहयोगियों की मदद के मुक्त चर्चा की थी। चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिस्री ने चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स से पिछले महीने कहा था कि सबसे बढ़ के बात यह है कि सम्पर्क मार्ग की किसी भी पहल को इस तरह से आगे बढ़ाया जाना चाहिए जिसमें देशों की संप्रभुता, समानता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान बना रहे। कोई भी देश ऐसी किसी पहल में शामिल नहीं हो सकता जो उसकी संप्रभुता और भौगोलिक अक्षुण्णता की उपेक्षा करती हो।

दोनों देशों के बीच संबंधों की संभावनाएं उज्जवल: वांग


सम्मेलन में भारत के न आने के निर्णय की चर्चाओं के बारे में यह पूछे जाने पर कि क्या इससे मोदी-शी के वुहान सम्मेलन के बाद द्विपक्षीय संबंधों में आयी नई गति की उपेक्षा नहीं होगी तो वांग ने कहा दोनों नेताओं की वुहान में बैठक बहुत सफल रही थी। उन्होंने कहा कि खास कर दोनों नेताओं ने नेतृत्व के स्तर पर परस्पर विश्वास स्थापित किया और भारत चीन संबंध को सुधारने तथा मजबूत बनाने की भविष्य की योजना का निर्धारण किया। उन्होंने कहा कि वुहान के बाद दोनों देशों के बीच सभी क्षेत्रों में प्रगति हुई है और दोनों के बीच संबंधों की संभावनाएं उज्जवल हैं। हम अब अपने नेताओं की अगली शिखर बैठक की योजना बना रहे हैं। उन्होंने इस बैठक के समय आदि के बारे में कोई संकेत नहीं दिया। 
 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन