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चुनौती /आसान नहीं होगी नई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की राह, सरकारी योजनाओं को पूरा करने के लिए जुटाने होंगे अधिक संसाधन

  • अमित शाह नए गृह मंत्री बने हैं, वहीं राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्री का पद सौंपा गया है।
  • पीयूष गोयल को रेलवे एवं वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है। 

Money Bhaskar

May 31,2019 02:53:00 PM IST

नई दिल्ली.

मोदी मंत्रिमंडल ने गुरुवार शाम को शपथ ले ली। आज सरकार की पहली कैबिनेट बैठक से पहले मंत्रियों को उनका मंत्रालय सौंप दिया है। वित्त मंत्री पद के लिए अमित शाह और पीयूष गोयल के नामों का कयास लगाए जा रहा था, लेकिन यह मंत्रालय निर्मला सीतारमण को सौंपा गया है। अमित शाह नए गृह मंत्री बने हैं, वहीं राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्री का पद सौंपा गया है। पीयूष गोयल को रेलवे एवं वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है। आज शाम पांच बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार पहली कैबिनेट बैठक होने जा रही है। नई वित्त मंत्री के सामने कई चुनौतियां होंगी। इसमें सबसे बड़ी चुनौती होगी भाजपा की महत्वाकांक्षी योजनाओं को पूरा करने के लिए अधिक संसाधनों को जुटाना। भाजपा ने अपने घोषणापत्र में सोशल सेक्टर में कई स्कीम्स लॉन्च करने और इन्वेस्टमेंट बढ़ाने का ऐलान किया था।

सामने है फिस्कल डेफिसिट की चुनौती

यह दिखाने के लिए कि फिस्कल डेफिसिट का टार्गेट आंशिक रूप से घटा है, सरकार ने कई भुगतान नहीं किए। इसमें फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का भुगतान भी शामिल है, जिसका कर्ज काफी बढ़ गया है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, डायरेक्ट टैक्स या जीएसटी में कटौती करने से इस समस्या का हल नहीं निकलेगा। विभाग के अधिकारियों का सुझाव है कि सरकार टैक्स, खासतौर से इनडायरेक्ट टैक्स की चोरी करने वालों के खिलाफ सख्ती दिखाए।

बजट से होंगी उम्मीदें

जुलाई में पेश होने वाले बजट से लोगों को कई उम्मीदें हैं। इस बजट में सरकार विकास को बढ़ावा देने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में खपत और निवेश बढ़ाने के अपने प्लान को सामने लाएगी। सरकार से उम्मीद है कि जरूरी संसाधन बढ़ाने के लिए राज्यों द्वारा संचालित कंपनियों के असेट बेचने में ध्यान देगी। एयर इंडिया की बिक्री इस सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी। इस एयरलाइंस को इस वित्त वर्ष में बेचने के लिए प्लान तैयार हो चुका है।

सुधारनी होगी बैंकों की दशा

मोदी सरकार के लिए बैंकों की दशा सुधारना महत्वपूर्ण लक्ष्य होगा। इसके लिए सरकार पहले भी कई कदम उठा चुकी है। इसमें इंसॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड को लागू करना शामिल है। इसके नतीजे भी अच्छे रहते हैं और सीतारमण से उम्मीद की जाएगी कि वे इस सफलता को बनाए रखेंगी। रिजर्व बैंक के साथ सरकार बैठाना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। रिजर्व बैंक के अतिरिक्त रिजर्व को खर्च करने के मामले में बिमल जालान पैनल की रिपोर्ट भी आने वाली है। यह रिपोर्ट सरकार के काम आएगी।

काले धन के खिलाफ लड़ाई रखनी होगी जारी

नई सरकार को काले धन के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखनी होगी। नोटबंदी के बाद टैक्स रिटर्न फाइलिंग में इजाफा हुआ है। नए वित्त मंत्री से उम्मीद होगी कि वे ऐसे कदम उठाती रहेंगी जिससे रिटर्न फाइल में इजाफा होता रहे। हालांकि देश की इकोनॉमी 7 फीसदी की दर से बढ़ने की उम्मीद है। यानी भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनी रहेगी। इसके बावजूद मोदी सरकार को कई प्रमुख सेक्टरों में आई गिरावट को रोकने के लिए कई कदम उठाने होंगे।

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