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15वें फाइनेंस कमीशन के गठन को मंजूरी, केंद्र व राज्‍यों में रेवेन्‍यू के बंटवारे पर देगी सुझाव

इसकी सिफारिशें 1 अप्रैल 2020 से लागू होंगी।

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नई दिल्‍ली. यूनियन कैबिनेट ने बुधवार को 15वें फाइनेंस कमीशन के गठन को मंजूरी दे दी। इसकी सिफारिशें 1 अप्रैल 2020 से लागू होंगी। इसके साथ ही कैबिनेट ने अगली कमीशन द्वारा विचार करने योग्‍य मामलों को अंतिम रूप देने का भी फैसला किया। यह जानकारी वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने दी। नए फाइनेंस कमीशन का गठन जुलाई से लागू हुए GST से इनडायरेक्‍ट टैक्‍स सिस्‍टम में आए बदलाव को ध्यान में रखते हुए हुए किया गया है। यह कमीशन 31 मार्च 2020 को 14वें फाइनेंस कमीशन के समाप्‍त हो जाने के बाद केंद्र और राज्‍यों के बीच पांच साल के लिए रेवेन्‍यू के बंटवारे को लेकर सुझाव देगा। 

 

जल्‍द होगी सदस्‍यों की नियुक्ति 
कैबिनेट मीटिंग के बाद जेटली ने बताया कि आम तौर पर फाइनेंस कमीशन को अपना काम पूरा करने में लगभग 2 साल लगते हैं। 15वें कमीशन की सिफारिशों को 1 अप्रैल 2020 से लागू किया जाएगा। उन्‍होंने यह भी कहा कि जल्‍द ही इस कमीशन के सदस्‍यों की नियुक्ति की जाएगी। 

 

GST आने के बाद बदल गया है टैक्‍स का पैटर्न 
जेटली ने आगे कहा कि केंद्र और राज्‍यों के बीच वैसे तो खर्च के पैटर्न को लेकर तालमेल है लेकिन GST एक नया सिस्‍टम है। GST लागू होने के बाद इनडायरेक्‍ट टैक्‍स सिस्‍टम का पैटर्न केंद्र व राज्‍यों दोनों के लिए पहले जैसा नहीं रहा है। 15वां फाइनेंस कमीशन रेवेन्‍यू पर जीएसटी के प्रभाव का अध्‍ययन करेगा। 

 

लिए गए कुछ और बड़े फैसले 
यूनियन कैबिनेट द्वारा बुधवार को लिए गए अन्‍य प्रमुख फैसलों में इन्‍सॉल्‍वेंसी और बैंकरप्‍सी कानून में बदलाव भी शामिल रहा। इन बदलावों को अध्‍यादेश के जरिए पेश किया जाएगा। 

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