लोक सभा चुनाव 2019 /डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रचार के खर्च में भाजपा सबसे आगे, कांग्रेस से 400 फीसदी ज्यादा किया खर्च

  • चुनावों के लिए देश की सभी पार्टियों ने प्रचार पर पानी की तरह पैसा बहाया है।
  • हालांकि प्रचार पर खर्च के मामले में भाजपा सबसे आगे रही है।
  • भाजपा ने WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म्स का भी भरपूर इस्तेमाल किया है।

Money Bhaskar

May 16,2019 06:57:29 PM IST

नई दिल्ली.

लोक सभा चुनाव 2019 में अंतिम चरण का मतदान 19 मई को होना है। 11 अप्रैल से शुरू हुए चुनावों के लिए देश की सभी पार्टियों ने प्रचार पर पानी की तरह पैसा बहाया है। प्रचार पर खर्च के मामले में भाजपा सबसे आगे रही है। प्रचार के अन्य माध्यमों के साथ डिजिटल माध्यम पर ऐड देने में भाजपा ने सबसे ज्यादा पैसा खर्च किया है। Google, Facebook और उसके अंतर्गत आने वाली कंपनियों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रचार में भाजपा ने 20 करोड़ रुपए से भी ज्यादा रुपए खर्च किए। कांग्रेस ने इसके मुकाबले 400 फीसदी तक कम खर्च किया।

खर्च करने में दूसरे नंबर पर DMK

Google, YouTube और गूगल की अन्य पार्टनर साइट्स पर कुल पॉलिटिकल ऐड पर 27 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इसमें से 60 फीसदी (17 करोड़ रुपए) भाजपा की हिस्सेदारी रही। कांग्रेस ने सिर्फ 2.7 करोड़ रुपए खर्च किए, जो कि भाजपा के मुकाबले 500 फीसदी कम रहे। गूगल पर भाजपा के बाद द्रविड मुनेत्र कजघम पार्टी 4 करोड़ रुपए खर्च के साथ दूसरे नंबर पर रही। फेसबुक पर भाजपा ने फरवरी से 11 मई तक, तकरीबन 4 करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि इस दौरान कांग्रेस ने महज 1.3 करोड़ रुपए खर्च किए। भाजपा का खर्च कांग्रेस के मुकाबले 200 फीसदी ज्यादा रहा। दोनों प्लेटफॉर्म पर कुल मिलाकर भाजपा ने कांग्रेस से 400 फीसदी ज्यादा खर्च किया।

भाजपा ने WhatsApp का भी किया भरपूर इस्तेमाल

इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक फरवरी से अब तक फेसबुक पर भारत के मन की बात, माई फर्स्ट वोट फॉर मोदी और नेशन विद नमो अकाउंट्स पर सबसे ज्यादा 4.5 करोड़ रुपए खर्च किए गए। मोगे मीडिया एजेंसी के फाउंडर संदीप गोयल के मुताबिक 2014 में नरेंद्र मोदी का जो सोशल मीडिया बेस था वह 2019 तक और भी बढ़ गया है। यही वजह है कि कांग्रेस और भाजपा के विज्ञापन खर्च में भारी अंतर है। ऐड स्पेंड के अलावा भाजपा ने WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म्स का भी भरपूर इस्तेमाल किया है, जो पेमेंट बेस्ड मीडियम नहीं है।

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कहीं ज्यादा हो सकते हैं असल आंकड़े

मीडिया और डिजिटल मार्केटिंग कंपनी Dentsu Aegis Network के साउथ एशिया डिविजन के सीईओ आशीष भसीन के मुताबिक पार्टियों के फेसबुक पेजों और ट्विटर अकाउंट्स को हैंडल करने के लिए हजारों लोगों को काम पर लगाया गया है। लिहाजा सिर्फ विज्ञापनों में खर्च ही सोशल मीडिया पर किया गया असल खर्च नहीं है। असल खर्च इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।

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