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एक्शन प्लान 2022 /चीनी कंपनियों को मात देने वाली भेल सैन्य हथियार और मेट्रो कोच भी बनाएगी

money bhaskar

May 31,2019 03:34:00 PM IST

नई दिल्ली. महारत्न कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) की जल्द ही पहचान बदल जाएगी। वह न केवल इलेक्ट्रिकल्स उपकरण बनाएगी बल्कि सैन्य हथियार, बुलेट व मेट्रो ट्रेन के कोचों का भी निर्माण करेगी। इसके लिए भेल की मैनेजिंग कमेटी ने स्ट्रेटजिक प्लान 2022 तैयार किया है। भेल की मदर यूनिट भोपाल में हुई एक बैठक में सीएमडी अतुल सोबती ने प्लान का खुलासा किया। मनी भास्कर ने उनसे बात कर जानी प्लान की खासियतें।

अगले एक साल में नए सेक्टर्स में उतरने का है प्लान

प्लान के मुताबिक भेल अब नई संभावनाओं पर काम करेगा। इसमें मेट्रो ट्रेन के कोच और सैन्य हथियार शामिल हैं। बैठक में भाग लेने के लिए सभी यूनिटों के शीर्ष अधिकारी आए थे। पहले दिन भोपाल में और दूसरे दिन सांची में यह बैठक हुई थी। बैठक में कंपनी के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक(सीएमडी) अतुल सोबती सहित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के सदस्य डीके बंदोपाध्याय, सुबोध गुप्ता, एस.बालाकृष्णन, मनोज वर्मा, कमलेश दास, एमसीएम कमेटी के सदस्य व भोपाल के ईडी डीके, ठाकुर सहित सभी यूनिटों के ईडी थे। भेल अगले एक साल में नए सेक्टरों में व्यापक ढंग से उतरने की तैयारी कर रहा है।

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चीनी कंपनियों से छीने हैं आर्डर

सोबती ने एक सवाल के जवाब में बताया कि भेल को निजी हाथों में सौंपने का फैसला लेने का काम केंद्र सरकार का है। हम अच्छी मेहनत कर रहे हैं। भारत ऐसा देश है, जो पावर सेक्टर में अफ्रीका को पीछे छोड़ चुका है। भेल ने देश-विदेश में एक लाख 83 हजार मेगावॉट के पावर प्लांट स्थापित किए हैं। वहीं अफ्रीका ने अब तक एक लाख 60 हजार मेगावॉट के पावर प्लांट लगाए हैं। ऑर्डरों की प्रतिस्पर्धा में बीएचईएल चीन को मात दे रहा है। कंपनी ट्रैक्शन मोटर, डिफेंस के क्षेत्र में बेहतर काम कर रही है। चेन्नई के एक ऑर्डर को प्राप्त कर बीएचईएल ने चीन को मात दी है। यह भी पढ़ें : मोदी सरकार के कैबिनेट मंत्रियों को मिले यह मंत्रालय, देखिए पूरी सूची

बुलेट व मेट्रो ट्रेन के कोच से लेकर सैन्य हथियार बनाने की रणनीति

सोबती ने बताया कि बुलेट ट्रेन और मेट्रो को लेकर जापानी कंपनी कावासाकी के साथ समझौता हो चुका है। अब जल्दी ही भेल बुलेट ट्रेन और मेट्रो के उपकरणों के साथ सैन्य हथियारों के उपकरण भी बनाने लगेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भेल के भोपाल कारखाने में डिफेंस के उपकरण और बुलेट ट्रेन के कोच बनेंगे। कावासाकी कंपनी के टेंडर होने के बाद काम शुरू होगा। यह भी पढ़ें :शिवराज को लगातार तीन बार सीएम बनवाने की भूमिका अदा करने वाले तोमर दोबारा केंद्रीय मंत्री बने

तीन साल पहले था घाटे में थी भेल, अब 1215 करोड़ रुपए का मुनाफा

सीएमडी सोबती के मुताबिक भेल कोयले पर आधारित पावर प्रोजेक्ट की जगह दूसरे क्षेत्रों में संभावनाएं तलाश रही है। भेल को वर्ष 2010 के बाद 2015 तक मंदी का दौर कोयले के कारण ही देखना पड़ा था। इसके चलते भेल को वर्ष 2015-16 में 877 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। नई संभावनाओं के तहत रेलवे उपकरण, न्यूक्लियर व हाइड्रो टरबाइन की तरफ ज्यादा ध्यान देने से वर्ष 2015-16 से भेल लगातार मंदी के दौर से उभरकर लाभ की दिशा में बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष-2018-19 में 1215 करोड़ रुपए के हुए मुनाफा हुआ है। यह भी पढ़ें : इंदिरा गांधाी के बाद देश को मिली महिला वित्त मंत्री, कांग्रेस नेता के बेटे से हुआ है निर्मला का विवाह

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