दो-टूक /छोटे उद्योगों को जल्द भुगतान करें सभी मंत्रालय : सीतारमण

  • प्रमुख मंत्रालयों के सचिवों और वित्त सलाहकारों को वित्त मंत्रालय का निर्देश

Moneybhaskar.com

Sep 27,2019 05:30:00 PM IST

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सभी मंत्रालयों को पूंजीगत व्यय बढ़ाने तथा छोटे उद्योगों का बकाया भुगतान जल्द चुकाने का निर्देश दिया। सीतारमण ने दिल्ली में प्रमुख मंत्रालयों के सचिवों और वित्तीय सलाहकारों के साथ एक बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। यह बैठक चालू वित्त वर्ष में अब तक कुल पूंजीगत व्यय और तीसरी तथा चौथी तिमाही में संभावित पूंजीगत व्यय की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी।

कुछ दिनों में शुरू हो जाएगी भुगतान प्रक्रिया

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सभी मंत्रालयों को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम स्तर के उद्योगों का बकाया भुगतान शीघ्र से शीघ्र करने को कहा गया है। अगले कुछ दिनों में छोटे उद्योगों का बकाया चुकाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। छोटे उद्योगों के विकास के लिए पूंजी की उपलब्धता एक प्रमुख समस्या मानी जा रही है। कई छोटे उद्योग कार्यशील पूंजी की कमी के कारण भारी संकट का सामना कर रहे हैं। इससे पहले हाल में वित्त मंत्री ने कहा था कि छोटे उद्योगों की भुगतान की समस्या पर ध्यान दिया जाएगा। छोटे उद्योगों को रोजगार सृजन का मुख्य जरिया माना जाता है। सीतारमण ने बैठक में चालू वित्त वर्ष के पूंजीगत व्यय के लक्ष्य को भी पूरा करने पर जोर दिया। इसके लिए सभी मंत्रालयों की भविष्य की योजनाओं की समीक्षा की गई।

कल पीएसयू और अन्य एजेंसियों के साथ होगी बैठक

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अर्थव्यवस्था को गति देने और मांग में तेजी लाने के लिए सरकार की ओर से सभी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी दिशा में शनिवार को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) और अन्य एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.