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पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, बेनामी प्रॉपर्टी के खि‍लाफ आधार को बनाएंगे हथि‍यार

मोदी ने कहा कि‍ स्वतंत्रता के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब भ्रष्टाचारियों को कालेधन के लेन-देन से पहले डर लग रहा है।

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नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि‍ स्वतंत्रता के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब भ्रष्टाचारियों को कालेधन के लेन-देन से पहले डर लग रहा है। उनमें पकड़े जाने का भय आया है। नोटबंदी के बाद वह कालाधन जो पैरलल इकोनॉमी का हि‍स्‍सा था अब औपचारि‍क इकोनॉमी का हि‍स्‍सा बन चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि‍ बेनामी प्रॉपर्टी का पता लगाने के लि‍ए आधार को एक औजार के तौर पर इस्‍तेमाल होगा।

 
 

 

गुरुवार को एक मीडिया समि‍ट में मोदी ने कहा, 2014 में जब हम आए तो वि‍रासत में क्‍या मि‍ला, अर्थव्‍यवस्था की हालत, गवर्नेंस की हालत, बैंकिंग सि‍स्‍टम की हालत सब बि‍गड़ी हुई थी। आज वि‍देशों में रह रहे भारतीय अपना सि‍र गर्व से ऊपर करते हैं। अबकी बार कैमरून सरकार, अबकी बार ट्रंप सरकार जैसे नारे इस बात का सबूत हैं कि‍ भारत का दर्जा वि‍श्‍व में बढ़ रहा है।

 

15 करोड़ से ज्यादा गरीब बीमा योजनाओं से जुड़े

प्रधानमंत्री ने कहा कि‍ देश के 15 करोड़ से ज्यादा गरीब सरकार की बीमा योजनाओं से जुड़ चुके हैं। इन योजनाओं के तहत गरीबों को लगभग 1800 करोड़ रुपए की क्‍लेम राशि दी जा चुकी है। इतने रुपए किसी और सरकार ने दिए होते तो उसे मसीहा बनाकर प्रस्तुत कर दिया गया होता। ये भी एक सच है जिसे मैं स्वीकार करके चलता हूं।

 

पहले की सरकार में जो LED बल्ब 300-350 का बिकता था, वो अब एक मध्यम वर्ग के परिवार को लगभग 50 रुपए में उपलब्ध है। उजाला योजना शुरू होने के बाद से देश में अब तक लगभग 28 करोड़ LED बल्ब बिक चुके हैं। इन बल्बों से लोगों को 14 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की अनुमानित बचत हो चुकी है।

 

पहले ही सरकारों को ऐसा करने से किसी ने रोक रखा था या नहीं, ये मैं नहीं जानता। लेकिन इतना जानता हूं कि सिस्टम में स्थाई परिवर्तन लाने फैसले लेने से, देशहित में फैसला लेने से, किसी के रोके नहीं रुकेंगे। इसलिए इस सरकार की अप्रोच इससे बिल्कुल अलग है।

 

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देश का हर व्यक्ति चिंता में था

अब तक बांस को देश के एक कानून में पेड़ माना जाता था। इस वजह से बांस काटने को लेकर किसानों को बहुत दिक्कत आती थी। अब सरकार ने बांस को पेड़ की लिस्ट से हटा दिया है। इसका फायदा देश के दूर-दराज इलाके और खासकर उत्तर पूर्व के किसानों को होगा। हमारी सरकार में holistic approach के साथ फैसले लिए जाते हैं। इस तरह के फैसले पहले नहीं लिए जा रहे थे, इसलिए देश का हर व्यक्ति चिंता में था। वो देश को आंतरिक बुराइयों से मुक्त देखने के साथ ही, नई व्यवस्थाओं के निर्माण को भी होते हुए देखना चाहता था।

 

हमारे यहां जो सिस्टम था उसने भ्रष्टाचार को ही शिष्टाचार बना दिया था। 2014 में देश के सवा सौ करोड़ों ने इस व्यवस्था को बदलने के लिए वोट दिया था, वोट दिया था देश को लगी बीमारियों के परमानेंट इलाज के लिए, उन्होंने वोट दिया था न्यू इंडिया बनाने के लिए। आगे पढ़ें - हर कीमत चुकाने को तैयार हूं 

 

 

आधार एक शक्‍ति‍ है

आधार एक ऐसी शक्ति है जिससे ये सरकार गरीबों के अधिकार को सुनिश्चित कराना चाहती है। सस्ता राशन, स्कॉलरशिप, दवाई का खर्च, पेंशन, सरकार की तरफ से मिलने वाली सब्सिडी, गरीबों तक पहुंचाने में आधार की बड़ी भूमिका है। आधार के साथ मोबाइल और जनधन की ताकत जुड़ जाने से एक ऐसी व्यवस्था का निर्माण हुआ है, जिसके बारे में कुछ साल पहले तक सोचा भी नहीं जा सकता था। पिछले 3 वर्षों में आधार की मदद से करोड़ों फर्जी नाम सिस्टम से हटाए गए हैं। अब बेनामी संपत्ति के खिलाफ भी ये एक बड़ा हथियार बनने जा रहा है।

 

मोदी ने कहा कि‍ जिस दिन देश में ज्यादातर खरीद-फरोख्त, पैसे के लेन-देन का एक टेक्‍नि‍कल और डि‍जि‍टल एड्रेस होने लग गया, उस दिन से संगठि‍त भ्रष्‍टाचार काफी हद तक थम जाएगा। मुझे पता है, इसकी मुझे राजनीतिक तौर पर कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन उसके लिए भी मैं तैयार हूं।

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