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बाजार में बिक रहा है आपका डाटा, 2-3 रुपए प्रति डाटा लगती है कीमत

नाेएडा पुलिस का खुलासा, ऐसे देते थे चोरी को अंजाम

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नई दिल्ली। एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने डेटा हैक कर आॅनलाइन शाॅपिंग व इंश्योरेंस के नाम का लालच देकर लगभग 200 करोड़ की ठगी कर चुके गैंग का खुलासा किया है। इसके सरगना को नोएडा के सेक्टर-142 स्थित उसके आॅफिस से गिरफ्तार किया है। आरोपी से कई ऑनलाइन शाॅपिंग से संबंधित 14 लाख ग्राहकों का अनाधिकृत डेटा भी बरामद किया गया है। पूछताछ में एसटीएफ को पता चला है कि आरोपी पहले हैकर्स के माध्यम से शाॅपिंग कंपनियों की वेबसाइट हैक कर चुराते थे जिसे आगे महंगे दामों पर ठगी करने वाले काॅल सेंटरों को बेच देते थे। बता दें कि आरोपी की पहचान बिहार के रहने वाले नंदन राव पटेल के रूप में हुई है। 

 

ऑनलाइन शाॅपिंग करने वालों का डेटा करते थे चोरी

ये गैंग आॅनलाइन शाॅपिंग करने वाले लोगों के पास लकी ड्राॅ में कार का इनाम, इनकम टैक्स, जीएसटी रजिस्ट्रेशन की जानकारी जुटाने और विभिन्न प्रकार का लालच देकर धोखे से उनकी कार्ड डिटेल्स लेकर रुपए चुराते थे।

 

ऐसे करते थे ठगी

 

आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि वो हैकर्स से आॅनलाइन शाॅपिंग कंपिनयों की वेबसाइट से एप्लिकेशन व साफ्टवेयर को हैक कराके ग्राहकों का डेटा चोरी कराता था। इसके बदले में वे हैकर्स को 2-3 रुपए प्रति डेटा दिया जाता था।

इन डेटा को दिल्ली-एनसीआर समेत कई बड़े शहरों में संचालित काॅल सेंटरों को बेचते थ। जहां से काॅल कर धोखे से उनके कार्ड्स के डिटेल लेकर पैसा ट्रांसफर कर लेते थे।

 

बैंक वाले देते थे किराए के अकाउंट

 

आरोपी के मुताबिक, इसके लिए वे बैंक कर्मियों से मिलकर फर्जी नाम पते के खोले गए बैंक किराए पर लेते थे। इसी तरफ पेटीएम क्यूआर कोड, फोन पे, तेज समेत कई ऐप पर भी किराए के अकाउंट मिलते थे। जिनमें ठगी कर रकम को ट्रांसफर किया जाता था। जिस रकम को बैंक के कर्मचारी अपनी कमीशन काटकर उन्हें देते थे।

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