Home » Economy » PolicyUP govt appeals to corporate sector for support to Kumbh Mela

इलाहाबाद कुंभ को लेकर योगी का मेगा प्‍लान, प्राइवेट कंपनि‍यों के सहारे हिट करने का इरादा

योगी सरकार ने CSR एक्टिविटी के लिए प्राइवेट सेक्‍टर से मांगे आवेदन, 15 जनवरी से शुरू होगा कुंभ मेला

1 of

नई दिल्‍ली. जनवरी से इलाहाबाद में शुरू हो रहे अर्ध कुंभ मेले को हिट करने के लिए योगी सरकार प्राइवेट कंपनियों का सहारा लेगी। योगी सरकार ने प्राइवेट कंपनियों से आवेदन मांगे हैं कि वे CSR एक्टिविटीज के तौर पर कुंभ मेले को ऑर्गनाइज करने में राज्‍य सरकार के साथ भागीदारी करे। इसके लिए बाकायदा प्रयाग राज मेला अथॉरिटी ने एक विज्ञापन जारी कर प्राइवेट कंपनियों से कहा है कि वे मेले के इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के साथ-साथ वहां सर्विसेज प्रोवाइड कराने और फैसिलिटी मुहैया कराने के लिए आगे आ सकती हैं। 

 

पहली बार होगा ऐसा 
प्रयाग राज मेला अथॉरिटी ने कॉरपोरेट समूहों से कहा है कि ऐसा पहली बार हो रहा है, इसलिए उन्‍हें इस मौके का फायदा उठाना चाहिए, क्‍योंकि मेले में देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोग आते हैं। ऐसे में, कंपनियों को अपनी ब्रांडिंग करने का मौका मिलेगा। अथॉरिटी ने कहा है कि वे CSR या पार्टनरशिप के अलावा ऐड या दान देकर भी मेले के आयोजन में अपनी भागेदारी निभा सकती हैं। 

 

क्‍या है CSR 
CSR यानी कॉरपोरेट सोशल रिस्‍पॉन्‍सबिलिटी के तहत कंपनियों को अपने प्रॉफिट का ए‍क निश्चित हिस्‍सा सामाजिक कार्यों पर खर्च करना होता है। पहले यह हिस्‍सा प्रॉफिट का एक फीसदी था, जिसे वर्तमान मोदी सरकार ने साल 2014-15 में बढ़ाकर 2 फीसदी कर दिया। इस नियम के मुताबिक, 500 करोड़ रुपए नेटवर्थ या 1000 करोड़ टर्नओवर या फिर कम से कम 5 करोड़ रुपए प्रॉफिट करने वाली कंपनियों के लिए ऐसा करना जरुरी है।

 

क्‍या होगा फायदा 
CSR पर खर्च करने वाली कंपनियों को यह फायदा होता है कि वे इस राशि को अपने प्रॉफिट से कम कर देती हैं और उन्‍हें CSR पर खर्च की गई राशि पर किसी तरह का कोई टैक्‍स नहीं देना पड़ता। 

 

 

आगे पढ़ें - मेले में क्‍या करेंगी कंपनियां 

मेले में क्‍या करेंगी कंपनियां 
विज्ञापन के मुताबिक, CSR या पार्टन‍रशिप के तहत कंपनियों को वेस्‍ट मैनेजमेंट और सेनिटेशन, सिविल सप्‍लाई, वाटर एटीएम, सिक्‍योरिटी एवं सर्विलांस ( खोया व पाया सर्विसेज), वेंडर्स, वॉलियंटर व सर्विस प्रोवाइडर्स को ट्रेनिंग, हेल्‍थ केयर सर्विसेज व हेल्‍थ कैंप, श्रद्धालुओं के लिए खाना बनाना, महिलाओं के लिए जन सुविधाएं, सौंदर्यीकरण अभियान जैसे पेंट माई सिटी व ग्रीन ड्राइव, मेले स्‍थल में अस्‍थायी रिहाइश उपलब्‍ध कराना, हैरिटेज कंजर्वेशन, पब्लिक को मोबिलाइज करने वाले वॉलियंटर्स को असिस्‍टेंस प्रोवाइड कराने का काम करना होगा। 

 

अभी कहां खर्च हो रहा है CSR का पैसा 
कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्‍ट्री की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियां CSR का करीब 67 फीसदी पैसा हेल्थ, एजुकेशन, गरीबी दूरने के अभियान, भूख दूर करने , दिव्यांगों के लिए चले जा  रहे कामों पर खर्च कर रही हैं। इसके तहत कंपनियों ने दिसंबर 2016 तक 6190 करोड़ रुपए खर्च किए। जबकि रुरल डेवलपमेंट पर 1051 करोड़ रुपए कंपनियों ने खर्च किए। 
 

सेक्टर  कुल खर्च
हेल्थ, गरीबी, पानी सहित दूसरे सेक्टर 3117 करोड़
एजुकेशन, जीवनयापन आदि 3073 करोड़
रुरल डेवलपमेंट 1051 करोड़
पर्यावरण , प्रकृति संरक्षण  923 करोड़
स्वच्छ भारत कोष  355 करोड़
स्वच्छ गंगा कोष 3 करोड़


आगे पढ़ें .... 

 

15 जनवरी से 4 मार्च तक होगा मेला 
इलाहाबाद में 15 जनवरी 2019 से अर्धकुंभ मेला शुरू होगा। 15 जनवरी को मकर संक्राति पर पहला शाही स्‍नान होगा। जबकि 21 जनवरी को पौष पूर्णिमा, 4 फरवरी को मौनी अमावस पर दूसरा शाही स्नान,‍ जिसे मुख्‍य स्‍नान कहा जाता है होगा। 10 फरवरी को बसंत पंचमी पर तीसरा शाही स्‍नान, 19 फरवरी को माघी पूर्णिमा और 4 मार्च को महाशिवरात्रि होगी।

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट