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Home » Economy » PolicyVPR and PPF: Tax, Investment planning for FY 2019-20

नौकरीपेशा लोगों के लिए खुशखबरी, VPF में PPF से पहले डबल हो जाएगा आपका पैसा

पीपीएफ की तुलना में मिलता है ज्यादा रिटर्न

VPR and PPF: Tax, Investment planning for FY 2019-20
  • कितना भी कर सकते हैं निवेश

नई दिल्ली। ज्यादातर नौकरीपेशा लोग निवेश के लिए पीपीएफ का सहारा लेते हैं क्योंकि इसमें निवेश किया गया पैसा सुरक्षित रहता है। लेकिन अगर आप अपने जमा किए हुए पैसे पर ज्यादा रिटर्न चाहते हैं तो पीपीएफ को भूल जाइए। यदि आप ज्यादा रिटर्न पाना चाहते हैं तो हम आपके लिए वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) बेहतर विकल्प है। इसमें पीपीएफ की तुलना में ज्यादा रिटर्न मिलता है और 9 महीने पहले आपका पैसा दोगुना हो जाता है। आइए जानते हैं वीवीएफ के बारे में।

वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड में निवेश का तरीका

वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड में निवेश करने के लिए आपको अलग से अकाउंट खोलने की कोई जरूरत नहीं होती है। दरअसल यह EPFO की ही एक नई योजना है। इस योजना में पैसे लगाने वाले लोग अपनी इच्छा से वेतन का कोई भी हिस्सा खाते में जमा कर सकते हैं। लेकिन यह राशि सरकार की तरफ से तय की गई 12 प्रतिशत पीएफ की अधिकतम सीमा से ज्यादा होनी चाहिए।


कितना भी कर सकते हैं निवेश


VPF ही पीपीएफ की ही तरह रिस्क-फ्री होता है। इसके अलावा पीपीएफ की ही तरह यह टैक्स फ्री इनवेस्टमेंट है। रिटायरमेंट प्लान करने  वाले लोगों के लिे VPF एक अच्छा विकल्प है। आपको बता दें कि VPF में निवेश की कोई सीमा तय नहीं है। कोई भी कर्मचारी मूल वेतन और डीए का 100 प्रतिशत योगदान वीपीएफ में कर सकता है।

इतनी मिलती है ब्याज दर

VPF में ब्याज दर पीपीएफ के बराबर ही मिलती है। इस समय ईपीएफ के साथ ही वीपीएफ पर ब्याज दर बढ़कर 8.65 प्रतिशत है। क्योंकि वीपीएफ की राशि ईपीएफ अकाउंट में ही जमा होती है, इस कारण दोनों की ब्याज दर भी एक समान रहती है। दूसरी तरफ मौजूदा समय में पीपीएफ पर 8 प्रतिशत की ब्याज दर है।

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