उच्च शिक्षा के लिए विदेश जा रहे हैं? तो अपने सपनों काे साकार करने के लिए करा लें बीमा 

निखिल आप्टे निखिल आप्टे

विदेशों में शिक्षा पाना लाखों भारतीय विद्यार्थियों को सपना होता है। एक अच्छे विश्वविद्यालय में प्रवेश पा लेना मात्रा शुरुआत है। यूनिवर्सिटी जाने से पहले जो बहुत सारी औपचारिकताएं होती हैं वे विद्यार्थी व उसके माता-पिता को अत्यंत व्यस्त रखती हैं।

Money Bhaskar

Mar 23,2019 04:08:00 PM IST

नई दिल्ली। विदेशों में शिक्षा पाना लाखों भारतीय विद्यार्थियों को सपना होता है। एक अच्छे विश्वविद्यालय में प्रवेश पा लेना मात्रा शुरुआत है। यूनिवर्सिटी जाने से पहले जो बहुत सारी औपचारिकताएं होती हैं वे विद्यार्थी व उसके माता-पिता को अत्यंत व्यस्त रखती हैं।

स्वास्थ्य बीमा पाॅलिसी अनिवार्य होती है

प्रत्येक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में खासकर यूके, यूएसए और आॅस्ट्रेलिया में हर एक विद्यार्थी के लिए उसके पूर्व-नामित बीमाकर्ता की ओर से स्वास्थ्य बीमा पाॅलिसी अनिवार्य होती है। इसकी वजह यह है की घर से दूर, दूसरे देश में अगर किसी विद्यार्थी को बीमार पड़ने पर अस्पताल में भर्ती होना पड़ा तो उसका खर्च विद्यार्थी के पूरे शिक्षा बजट से भी अधिक हो सकता है। भारतीय विद्यार्थियों के लिए यह ज्यादा महत्वपूर्ण है जो इतना खर्च करके विदेश पढ़ने जाते हैं। विदेशी मुद्रा व भारतीय मुद्रा में अंतर के चलते विदेशों में बचाया गया पैसा भारत में बहुत मायने रखता है।

जानिए निखिल आप्टे से कुछ उपयोगी बातें जिनकी मदद से आप अपने लिए सबसे उपयुक्त इंश्योरेंस प्लान खरीद पाएंगे।

- विदेशी सरकार और विश्वविद्यालय की बीमा आवश्यकता को समझना

सबसे पहले उस देश की सरकार की शर्तों को समझें जहां आप पढ़ाई करने जा रहे हैं। उसके बाद विश्वविद्यालय की बीमा योजना विवरणों को पढ़ें और फिर भारत में बीमा कंपनियों के समकक्ष उत्पादों की खोज करें जो विश्वविद्यालय की बीमा संबंधी शर्तों को पूरा करते हों। अगर आपके विश्वविद्यालय की कोई अनिवार्य बीमा योजना है तो उसे माफ करने के विकल्प होंगे - आपको एक ’वेवर फाॅर्म’ या कवरेज दस्तावेज़ की पुष्टि दाखिल करनी होगी जिसमें यह जिक्र होगा की आपके पास पर्याप्त स्वास्थ्य बीमा है।

- बीमा की लागत - फाॅरन स्टूडेंट हैल्थ इंश्योरेंस पाॅलिसी बनाम भारत से खरीदी स्टूडेंट ओवरसीज़ ट्रैवल इंश्योरेंस पाॅलिसी विदेशी विश्वविद्यालय विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हैं कि ’काॅस्ट आॅफ अटेंडेंस’ सैक्शन के तहत वे एक अच्छा हैल्थ इंश्योरेंस कवर ले लें जिसका प्रीमियम रु. 1.4 लाख से लेकर रु. 2.8 लाख ($2ए000 से $4ए000) प्रति वर्ष के बीच हो सकता है। जबकि भारत में एक संपूर्ण स्टूडेंट ओवरसीज़ ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान केवल रु. 20,000 से रु. 30,000 ($300 से $430) में खरीदा जा सकता है। दूसरे देश के बजाय भारत से स्टूडेंट ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान खरीदने पर रु. 1.2 लाख से लेकर रु. 2.5 लाख ($1ए700 से $3ए500) के लगभग बचत होगी, इतने पैसों में तो भारतीय विद्यार्थी विभिन्न छुट्टियों के दौरान 2-3 बार भारत आ सकता है।

- लाभ की तुलना- फाॅरन स्टूडेंट हैल्थ इंश्योरेंस पाॅलिसी बनाम स्टूडेंट ओवरसीज़ ट्रैवल इंश्योरेंस पाॅलिसी फाॅरन स्टूडेंट हैल्थ इंश्योरेंस पाॅलिसीज़ बहुत ज्यादा कटौती योग्य राशि के साथ आती हैं यह राशि 500 डाॅलर के लगभग होती है जबकि भारतीय स्टूडेंट ओवरसीज़ ट्रैवल इंश्योरेंस पाॅलिसी में बहुत, 100 डाॅलर के लगभग कटौती योग्य रकम होती है। इसलिए अगर आपके पास विदेशी पाॅलिसी हो तो मुमकिन है की अस्पताल में भर्ती होने पर उच्च कटौती योग्य रकम के चलते आपका काफी नुकसान हो जाए। इसके अलावा भारत से खरीदा गया स्टूडेंट ओवरसीज़ ट्रैवल इंश्योरेंस न केवल बहुत कम प्रीमियम पर मिलेगा बल्कि उसमें समकक्ष या अतिरिक्त लाभ भी होंगे जैसे मेडिकल निकासी, स्पान्सर प्रोटेक्शन, पासपोर्ट खोना, बैगेज खोना, दयापूर्ण यात्रा, लैपटाॅप खोना आदि। ये लाभ विदेशी विश्वविद्यालय के हैल्थ इंश्योरेंस प्लान में कभी नहीं दिए जाते।

अक्सर भारतीय अभिभावकों और विद्यार्थियों को यह मालूम नहीं होता की फाॅरन स्टूडेंट हैल्थ इंश्योरेंस प्लान के मुकाबले भरतीय विद्यार्थियों के ओवरसीज़ ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान के कितने फायदे होते हैं और यह कितना किफायती होता है जिसके चलते वे लोग बहुत ज्यादा खर्च कर बैठते हैं।

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