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डाटा पर मोबाइल कंपनियों का नहीं यूजर्स का अधिकार, सीक्रेसी के लिए सिस्‍टम बनाए सरकारः TRAI

TRAI ने कहा है कि इंटरनेट यूजर्स को उनके पूरे अधिकार मिलने चाहिए

TRAI to DOT, Users Should Have Control of Their Data Not Mobile Companies

नई दिल्ली. टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी (TRAI) ने कहा है कि इंटरनेट यूजर्स को उनके पूरे अधिकार मिलने चाहिए। यूजर्स अपने डाटा के खुद मालिक हैं और उनके डाटा पर कंपनियों को कोई अधिकार नहीं है। कंपनियां केवल कस्‍टोडियन हैं। ट्राई ने दूरसंचार विभाग से मौजूदा टेलीकॉम नियमों में सुधार करने को कहा है। साथ ही, यह स्‍पष्‍ट किया है कि जो नियम लागू हैं, वे काफी नहीं हैं। 

 

 

कंपनियों को दी नसीहत 
TRAI के मुताबिक सरकार को डाटा के अधिकार, सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़ीं शिकायतें दूर करने के लिए एक सिस्‍टम तैयार करना चाहिए। इसमें डिजिटल सेवाएं लेने वाले कस्‍टमर्स को उनकी सहमति का विकल्प दिया जाए। साथ ही, डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर और कंपनियां अपनी वेबसाइट पर बताएं कि डाटा प्राइवेसी में सेंधमारी रोकने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए। 

 

 

क्‍यों महत्‍वपूर्ण हैं सुझाव 
दिलचस्‍प यह है कि TRAI के सुझाव ऐसे वक्त आए हैं, जब देश में मोबाइल ऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए डाटा सुरक्षा पर चिंता जताई जा रही है। 

 

 

फेसबुक ने लीक किए थे डाटा 
गौरतलब है कि फेसबुक ने अप्रैल में यह स्वीकार किया था कि भारत में करीब 5.62 लाख लोग डाटा चोरी के घोटाले से प्रभावित हुए हैं और यह काम ब्रिटिश कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका ने बिना किसी की सहमति लिये किया गया है। इस घोटाले पर फेसबुक ने भारत को सरकार को दिए जवाब में कहा है कि भारत में केवल 335 लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। ऐसा उनके एक एप्लीकेशन को इंस्टाल करने के दौरान हुआ है। जबकि 5,62,120 लोग संभवत: उन यूजर्स के फ्रेंड होने के कारण प्रभावित हुए हैं। भारत में फेसबुक के 20 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं।

 

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