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मोदी सरकार की इन नीतियों से नाराज हैं व्यापारी, 19 दिसंबर को करेंगे दिल्ली में रैली

विदेशी कंपनियों के खिलाफ व्यापारियों ने खोला बड़ा मोर्चा

Issues of traders with Modi Govt


नई दिल्ली. रिटेल व्यापार में एफडीआई को अनुमति न देने और दिल्ली में सीलिंग को रोकने के लिए एक अध्यादेश लाने , सील हुई बंद दुकानों को खोलने  की मांग को लेकर कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के नेतृत्व में आगामी 19 दिसम्बर को दिल्ली में जंतर मंतर पर व्यापारियों की एक विराट रैली होगी। रैली में दिल्ली के व्यापारियों के अलावा देश के विभिन्न राज्यों के व्यापारी भी भाग लेंगे। 

 

रिटेल में FDI से नाराज 
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल एवं दिल्ली प्रदेश महामंत्री देवराज बवेजा ने कहा कि रिटेल व्यापार में एफडीआई देश भर के व्यापारियों के लिए एक बड़ा मुद्दा है। विदेशी कंपनियों के रिटेल व्यापार में आने से छोटे व्यापारियों को व्यापार का बड़ा नुकसान हो रहा है। विदेशी कंपनियां और बड़े कॉर्पोरेट घरानों की सांठ-गांठ से रिटेल व्यापार पर कब्जा जमाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह कंपनियां लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचना, बड़े डिस्काउंट देकर उपभोक्ता को लुभाने जैसी सभी कोशिशें कर रही है।  प्रत्यक्ष रिटेल के साथ साथ ई कॉमर्स के जरिये भी रिटेल व्यापार पर किसी तरह कब्ज़ा जमाने की विदेशी कंपनियों की नियत है। देश में लगभग 7 करोड़ व्यापारी हैं जो वर्ष भर में लगभग 42 लाख करोड़ रुपये का व्यापार करते हैं । कृषि के बाद रिटेल व्यापार रोजगार का सबसे बड़ा साधन है !

 

दिल्ली में सीलिंग का विरोध 
खंडेलवाल ने कहा कि दूसरा बड़ा मुद्दा दिल्ली में सीलिंग का है। दिल्ली में सीलिंग के कारण गत एक वर्ष से व्यापार पूरी तरह चौपट हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा मास्टर प्लान में संशोधन करने के बावजूद भी मॉनिटरिंग कमेटी के अड़ियल रवैये के कारण सील हुई एक भी दूकान की सील नहीं खोली गई है। लाखों लोगों पर अब रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उच्चतम न्यायालय में मामले की सुनवाई एक लम्बे समय से चल रही है और कोई भी फैसला हो नहीं पा रहा है। ऐसे में अब केवल केंद्र सरकार की ओर सबकी निगाहें टिकी हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले पर अब केंद्र सरकार को या तो संसद के चालू सत्र में एक विधेयक पारित कर सीलिंग पर रोक लगानी चाहिए अथवा संसद के सत्र के तुरंत बाद एक अध्यादेश लाया जाना चाहिए जिसमें सीलिंग पर रोक लगे तथा सील की हुई दुकानों को तुरंत खोला जाए। 

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