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नोटबंदी की वजह से टैक्‍सपेयर्स बढ़े, ये हैं इकोनॉमिक सर्वे 2017-18 की 10 प्रमुख बातें

नई दिल्‍ली। फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली ने सोमवार को बजट सत्र के पहले दिन इकोनॉमिक सर्वे 2017-18 पेश किया। सर्वे में टैक्‍स कलेक्‍शन में वृद्धि को प्रमुखता दी गई है। साथ ही, रेडीमेड गारमेंट के एक्‍सपोर्ट में वृद्धि पर भी फोकस किया गया है। इकोनॉमिक सर्वे में सुझाव दिया गया है कि बचत को बढ़ावा देने की बजाय इन्‍वेस्‍टमेंट बढ़ाने पर ध्‍यान दिया जाना चाहिए। 

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आइए जानते हैं कि इकोनॉमिक सर्वे 2017-18 की दस प्रमुख बातें क्‍या रहीं - 


1. 2017-18 में डायरेक्‍ट और इनडायरेक्‍ट टैक्‍स पेयर्स के रजिस्‍ट्रेशन में भारी वृद्धि हुई। 
2. फॉर्मल गैर कृषि क्षेत्र में काम करने वालों की संख्‍या अनुमान से कहीं ज्‍यादा बढ़ी। 
3. इंटर स्‍टेट और इंटरनेशनल ट्रेड में वृद्धि की वजह से राज्‍यों की सम्‍पन्‍नता में बढ़ोतरी हुई 
4. भारत का सुदृढ़ एक्‍सपोर्ट स्‍ट्रक्‍चर दूसरे देशों के मुकाबले काफी अधिक समतावादी रहा। 
5. सरकार द्वारा दिए गए टैक्‍सटाइल इन्‍सेंटिव पैकेज की वजह से रेडीमेड गारमेंट के एक्‍सपोर्ट में बूस्‍ट आया है। 
6. भारतीय मां-बाप में बेटे की चाहत बहुत अधिक है। 
7. टैक्‍स सेक्‍टर में मुकदमेबाजी में कमी लाकर सरकारी कार्रवाई में कमी लाई जा सकती है। 
8. देश में ग्रोथ बढ़ाने के लिए बचत की बजाय इन्‍वेस्‍टमेंट में नई जान फूंकनी चाहिए और इन्‍वेस्‍टमेंट को बढ़ावा देना चाहिए। 
9. दूसरे देशों के मुकाबले भारत के राज्‍यों और लोकल गर्वनमेंट का टैक्‍स कलेक्‍शन काफी कम है। 
10. अत्‍यंत खराब मौसम में खेती और फसल पर बुरा प्रभाव पड़ता रहता है। 

 

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