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बाबा रामदेव को सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस, फरवरी के पहले सप्ताह में होगी सुनवाई

रामदेव को हाई कोर्ट ने दी थी राहत, जानें क्या है पूरा मामला

Why Supreme Court issued notice to Baba Ramdev

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बाबा रामदेव को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस दिल्ली के एक प्रकाशक की याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किए गए हैं। प्रकाशक का कहना है कि उसकी एक किताब "गॉडमैन टू टाइकून" पर बाबा रामदेव ने आपत्ति जताते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके चलते हाई कोर्ट ने किताब के प्रकाशन और बिक्री पर रोक लगा दी थी। प्रकाशक ने सुप्रीम कोर्ट से किताब के प्रकाशन पर लगी रोक हटाने की अपील की है। 

 

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा 
न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की एक खंडपीठ ने कहा, "हम उत्तरदायी 1 (रामदेव) को नोटिस जारी करेंगे।"। सुप्रीम कोर्ट ने अगले साल फरवरी के पहले सप्ताह में इस मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। 

 

क्यों लगाई गई रोक 
इससे पहले, रामदेव ने "गॉडमैन टू टाइकून" नामक पुस्तक के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इस किताब में बाबा रामदेव की अनकही कहानी कही गई है। बाबा रामदेव की याचिका में कहा गया था कि इस किताब में उनके जीवन पर आधारित कुछ ऐसी सामग्री प्रकाशित की जा रही है, जो अपमानजनक है और उनके (बाबा रामदेव) आर्थिक हितों और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाती है। 


कपिल सिब्बल ने क्या कहा 
शुक्रवार को प्रकाशक की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि इस मामले में "कुछ महत्वपूर्ण" और "बहुत ही रोचक मुद्दे" है। इसलिए इस मामले की सुनवाई होनी चाहिए। 

 

किसने लिखी किताब 
यह किताब पत्रकार प्रियंका पाठक नारायण द्वारा लिखी गई है। किताब 29 जुलाई, 2017 को लॉन्च की गई थी और रामदेव ने इस किताब पर रोक के लिए 4 अगस्त को अदालत से संपर्क किया। अदालत ने प्रकाशक को आगे के आदेश तक पुस्तक को प्रकाशित और बेचने से रोक दिया था। इसने अमेजॉन इंडिया और फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड को ऑनलाइन बेचने से रोक दिया और डिलीवरी भी रोक दी।

 

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