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किसान कर्ज माफी और जीएसटी से राज्‍यों का राजकोषीय घाटा बढ़ा: RBI

वित्‍त वर्ष 2017-18 में राज्‍यों का सकल राजकोषीय घाटे का लक्ष्‍य जीडीपी का 3.1 फीसदी था।

state facing fiscal pressure due to loan waiver and gst

नई दिल्‍ली. सकल राजकोषीय घाटे के मोर्चे पर राज्‍यों का प्रदर्शन काफी खराब रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार वित्‍त वर्ष 2017-18 में राज्‍यों का सकल राजकोषीय घाटा लक्ष्‍य से 0.35 फीसदी अधिक रहा है। ऐसा सैलरी पर खर्च बढ़ने, किसानों की कर्ज माफी, जीएसटी लागू होने से राजस्‍व में आई कमी के कारण हुआ है।

 

वित्‍त वर्ष 2017-18 में राज्‍यों का सकल राजकोषीय घाटे का लक्ष्‍य जीडीपी का 3.1 फीसदी था। रिजर्व बैंक का कहना है कि यह लगातार तीसरा साल है जब राज्‍य अपने सकल राजकोषीय घाटे के लक्ष्‍य को पाने में असफल रहे हैं। ऐसा तब हो रहा है जब केंद्र अब राज्‍यों को टैक्‍स में से ज्‍यादा हिस्‍सा दे रहा है। 

 

किसान कर्ज माफी से बढ़ा राजकोषीय घाटा 

रिजर्व बैंक ने स्‍टेट फाइनेंसेज बेस्‍ड ऑन स्‍टेट बजट पर अपनी स्‍टडी में कहा है कि देश के स्‍तर पर किसान कर्ज माफी ने ही राजकोषीय घाटा बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया है। रिजर्व बैंक ने किसानों की कर्ज माफी पर चिंता जताते हुए कहा है कि इससे खेती की उत्‍पादकता बढी है ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसके अलावा स्‍टडी से पता चलता है कि किसान की कर्ज माफी की वजह से किसान कर्ज के लिए बैंकों की बजाए असंगठित क्षेत्र की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा भी है। राज्‍यों में किसानों की कर्ज माफी 2014 में आंध्र प्रदेश में शुरू हुई थी और इसके बाद तमिलनाडु, महाराष्‍ट्र, उत्‍तर प्रदेश, पंजाब और अब कर्नाटक ने भी कर्ज माफ किया। 

 

 

राज्‍यों में घटा पूंजीगत खर्च 

रिजर्व बैंक के मुताबिक जिन राज्‍यों ने अपने यहां किसानों का कर्ज माफ किया है वहां पूंजीगत खर्च में कमी आई है। यानी इसकी कीमत राज्‍यों को विकास के मोर्चे पर चुकानी पड़ी और विकास से जुड़े काम के लिए उन्‍होंने कम पैसा खर्च किया। स्‍टडी में कहा गया है कि किसानों की कर्ज माफी से समय पर कर्ज चुकाने की भावना पर असर पड़ता है। और इससे समय पर कर्ज चुकाने वाले लोग हतोत्‍साहित होते हैं। 

 

 

जीएसटी की स्थिरता से बढ़ेगा राज्‍यों का राजस्‍व 

 

हालांकि रिजर्व बैंक के एग्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर मिशेल पात्रा ने कहा कि समय के साथ जीएसटी स्थिर हो रहा हे। इससे राज्‍यों का राजस्‍व बढ़ेगा और राजकोषीय मोर्चे पर मजबूती आएगी। उन्‍होंने राज्‍यों से खर्च प्रबंधन के मोर्चे पर ज्‍यादा सतर्क रहने को कहा है। उन्‍होंने कहा कि कई राज्‍यों में सातवां वेतन आयोग लागू हुआ है। इसके अलावा ब्‍याज का भुगतान ओर किसानों की कर्ज माफी से राजकोषीय दबाव बढ़ रहा है। 

 

 

 

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