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पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के लिए लोकल टैक्‍स भी जिम्‍मेदार, राहत की दिशा में काम कर रही है सरकार

पेट्रोलि‍यम मंत्री ने बुधवार को कहा कि‍ पेट्रोल और डीजल को आम आदमी की पहुंच से बाहर नहीं जाने दि‍या जाएगा।

Pradhan says petrol, diesel will not be allowed to go out of reach of common man
 
नई दि‍ल्‍ली. पेट्रोलि‍यम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को कहा कि‍ पेट्रोल और डीजल को आम आदमी की पहुंच से बाहर नहीं जाने दि‍या जाएगा। उनके पेट्रोल और डीजल पर लोकल टैक्‍सों के रिकॉर्ड हाई पर होने को भी इसके बढ़ते दामों के लिए जिम्‍मेदार ठहराया। हालांकि उन्‍होंने कहा कि सरकार पेट्रोल और डीजल की अस्‍थाई कीमतों में सुधार को लेकर समाधान की दि‍शा में काम कर रही है।
 
लोकल टैक्‍स रिकॉर्ड हाई पर
उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों के लि‍ए डॉलर की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव और लोकल टैक्‍स का रिकॉर्ड स्‍तर पर होना जि‍म्‍मेदार हैं। लेकि‍न सरकार गरीब और मि‍डि‍ल क्‍लास को लेकर संवेदनशील है। ऐसे में सरकार की ओर से यह सुनिश्चित कि‍या जा रहा है कि‍ आमलोगाें को कि‍सी तरह की परेशानी न हो।  
 
गिनाईं 4 साल की उपलब्धियां
यह बातें पेट्रोलि‍यम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सरकार की चार साल की उपलब्‍धि‍यों को बताने के लि‍ए बुलाई गई प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहींं। उन्‍होंने कहा कि‍ हम इस मुद्दे से नि‍पट लेंगे। सरकार स्थिति का जायजा ले रही है। ऐसे में सरकार की ओर से जो भी संभव होगा वह कि‍या जाएगा।
 
सुधार पर रोल‍बैक नहीं
वहीं, जब उनसे पूछा गया कि‍ क्‍या विचाराधीन समाधानों में पेट्रोल के दामों को रोजाना बढ़ाए जाने वाले नि‍यम को आंशि‍क रूप से वापस लि‍या जा सकता है, तो उन्‍होंने कहा कि‍ नहीं ऐसा नहीं होने वाला है। उन्‍होंने कहा कि‍ यह सरकार सुधारों पर वि‍श्‍वास रखने वाली सरकार है। ऐसे में सवाल ही नहीं उठता कि‍ जो सुधार कि‍या गया है उसे वापस लि‍या जाए।
 
कई कारणों से बढ़ी हैं कीमतें
बता दें कि‍, पेट्रोल की कीमतें 2010 से ही सरकार के नियंत्रण से बाहर हैं। वहीं, डीजल की कीमतें अक्‍टूबर 2014 से। वहीं, सरकार पि‍छले साल जून में एक और आदेश दि‍या कि‍ बदले हुए रेट को तुरंत प्रभाव से लागू कि‍या जाएगा। बता दें कि‍, 29 मई को पेट्रोल 78.43 रुपए लीटर और 69.31 रुपए लीटर था जो कि‍ अभी तक की सबसे ज्‍यादा कीमत है। लेकि‍न इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों के कम होने और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती के चलते कीमतों में कमी की गई है।
 
 

 

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