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UPA सरकार से 20% सस्‍ती है हमारी Rafale डील, कांग्रेस कर रही है गुमराह: जेटली

बेसिक एयरक्राफ्ट की तुलना लोडेड एयरक्राफ्ट के साथ करके लोगों को गुमराह कर रही है कांग्रेस

what is the facts of Rafle Deal : Govt favours rafle deal

नई दिल्‍ली. फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली ने कहा है कि Rafale (राफेल) डील की तुलना यदि 2007 की कीमतों से की जाए तो साल 2016 में हुई डील 20 फीसदी कम कीमत पर की गई। न्‍यूज एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्‍यू में जेटली ने कहा कि एनडीए सरकार ने जो डील की है, वह लोडेड एयरक्राफ्ट की है, जो हथियारों से लैस हैं। वहीं कांग्रेस बेसिक एयरक्राफ्ट की तुलना लोडेड एयरक्राफ्ट के साथ करके लोगों को गुमराह कर रही है।


 

बेसिक एयरक्राफ्ट की तुलना लोडेड क्राफ्ट से

अपने इंटरव्‍यू में जेटली ने कहा कि क्‍या एक बेसिक एयरक्राफ्ट की पूरी तरह से लोडेड एयरक्राफ्ट से करना ठीक है। हालांकि 2007 के मुकाबले कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। बावजूद इसके, यदि 2007 के बेसिक एयरक्राफ्ट का मुकाबला 2016 के एयरक्राफ्ट से की जाए तो वर्तमान सरकार ने 9 फीसदी कम कीमत पर यह समझौता किया है, जबकि 2007 के लोडेड एयरक्राफ्ट की तुलना 2016 के लोडेड एयरक्राफ्ट से की जाए तो सरकार ने लगभग 20 फीसदी पैसा बचाया है।


 

गलत आंकड़ें जारी कर रही है कांग्रेस

फाइनेंस मिनिस्‍टर ने कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी द्वारा लगातार Rafle डील पर उठाए जा रहे सवालों के बारे में बताया कि राहुल लगातार गलत आंकड़ें जारी कर रहे हैं। राहुल ने अपने पिछले सात भाषणों में एयरक्राफ्ट की 7 अलग-अलग कीमत बता चुके हैं। इस पर बात करना प्राइमरी स्कूल की बहस जैसा है। वे सवाल उठा रहे हैं कि (Rafle का) 2007 का दाम 500 करोड़ था और भाजपा इसे 1600 करोड़ रुपए में खरीद रही है। वे बेसिक एयरक्राफ्ट की कीमतों की तुलना हथियारों से लैस एयरक्राफ्ट की कीमतों से कर रहे हैं। यूपीए के समय में हुए समझौते के मुताबिक, एयरक्राफ्ट को हथियारों से लैस करने के लिए अलग से भुगतान करना था


 

कांग्रेस ने राफेल डील को ठंडे बस्ते में डाले रखा :

जेटली ने कहा कि कारगिल युद्ध के बाद हमारी फौज को लगा कि उन्हें हथियारों से लैस एयरक्राफ्ट की जरूरत है। हमारे पड़ोसी देशों के पास ये पहले से मौजूद थे। 2003 में वाजपेयी सरकार में इसे खरीदने के लिए मंजूरी मिली। 2004 से 2012 तक यूपीए सरकार ने राफेल को लेकर दो पार्टियों से बात भी की, फिर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। राहुल को हमसे सवाल पूछने से पहले जवाब देना चाहिए कि कांग्रेस ने यह डील क्यों रोके रखी।"

 

 

राफेल डील भारत-फ्रांस सरकार के बीच

जेटली ने बताया, "ऑफसेट के मामले में डिफेंस सौदे दो प्रकार से होते हैं। राफेल डील सरकार और सरकार के बीच में हुई है। हम उनसे 36 राफेल विमान खरीदेंगे। हम उन्हें पेमेंट देंगे। इसमें तीसरी पार्टी का कोई रोल नहीं है। दूसरा यूपीए सरकार में ऑफसेट पॉलिसी बनी। इसके मुताबिक, जिससे हम खरीदते हैं, उसे 30% तक माल भारतीय सोर्सेज से खरीदना पड़ेगा। इसके पीछे तथ्य है कि इससे हमारी उत्पादन क्षमता और डिफेंस इंडस्ट्री बढ़ेगी। इसे मैं गलत नहीं मानता। लेकिन इसमें विदेशी कंपनी की भूमिका होती है कि वह किससे खरीदना चाहती है। इसमें सरकार का कोई रोल नहीं होता। पॉलिसी के मुताबिक, विदेशी कंपनी निजी या पब्लिक कंपनी से भी खरीद सकती है। यह उनका अधिकार है।

 

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