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पहले साल GST ने इकोनॉमी की थामी रफ्तार, 2 से 3 साल में इकोनॉमी पर दिखेगा अच्‍छा असर

जीएसटी लागू होने का सबसे बड़ा फायदा लॉजिटिक्‍स सेक्‍टर को मिला है।

gst tamed speed of economy in fist year

नई दिल्‍ली। आज जीएसटी को लागू हुए एक साल पूरे हो चुके हैं।पिछले एक साल की अवधि में जीएसटी की वजह से इकोनॉमी को कम अवधि में नुकसान उठाना पड़ा है। इस अवधि में इकोनॉमी की ग्रोथ कम हुई। जीएसटी की वजह से इकोनॉ‍मी का एक बड़ा हिस्‍सा जो फार्मल सेक्‍टर से बाहर था अब फार्मल सेक्‍टर में आ रहा है। ऐसे में इकोनॉमी पर इसका सकारात्‍मक असर अगले दो तीन साल में दिखाई देगा। 

 

 

जीएसटी लागू होने का सबसे बड़ा फायदा लॉजिटिक्‍स सेक्‍टर को मिला है। इसके अलावा पहले माना रहा था कि जीएसटी लागू होने से महंगाई बढ़ेगी। लेकिन पिछले एक साल में ऐसा कोई असर नहीं दिखा है। महंगाई तेल की कीमतों सहित दूसरे फैक्‍टर की वजह से बढ़ रही है। इसके अलावा जीएसटी की वजह से टैक्‍स कलेक्‍शन के मोर्च पर भी सुधार दिख रहा है। अगले दो से तीन साल में जीएसटी का अर्थव्‍यवस्‍था पर सकारात्‍मक असर दिखाई देगा।  

 

आगे दिखेगा अर्थव्‍यवस्‍था पर सकारात्‍मक असर 

 

जीएसटी लागू होने से कम अवधि में अर्थव्‍यवस्‍था को झटका लगा हैं लेकिन इसकी वजह से बड़े पैमाने पर छोटे कारोबारी संगठित क्षेत्र में आए हैं। इसकी वजह से इनडायरेक्‍ट और डायरेक्‍ट दोनों तरह का टैक्‍स कलेक्‍शन बढ़ रहा है। आने वाले सालों में अर्थव्‍यवस्‍था पर इसका सकारत्‍मक असर दिखाई देगा। संगठित क्षेत्र का दायरा बढ़ने से इसमें काम करने वालों को भी फायदा मिलेगा। खास कर संगठित क्षेत्र में काम करने वालों को पीएफ और दूसरे सोशल सिक्‍योरिटी बेनेफिट मिलेंगे। 

 

कम हो रही हैं जीएसटी से जुड़ी दिककतें 

 

क्रिसिल के चीफ इकोनॉमिस्‍ट डीके जोशी ने moneybhaskar.com को बताया कि जीएसटी लागू करने में मुश्किलें आईं। खास कर एक्‍सपोर्टर्स  को ज्‍यादा दिक्‍कतों का सामना करना पड़ा। जीएसटी रिफंड में देरी होने से एक्‍सपोर्र्ट्स को पूंजी की कमी का सामना करना पड़ा। हालांकि अब यह दिक्‍कतें कम हो रही हैं। सरकार भी कारोबारियों की दिक्‍कतों को दूर करने के लिए कदम उठा रही है। 

 

लॉजिस्टिक्‍स सेक्‍टर को मिला फायदा 

 

जीएसटी लागू होने का सबसे बड़ा फायदा लॉजिटिक्‍स सेक्‍टर को मिला है। माल लेकर एक राज्‍य से दूसरे राज्‍य जाने वाले ट्रकों को कम समय लग रहा है इससे पैसों की बचत हो रही है। लागत कम होने लॉजिटिक्‍स सेक्‍टर को बड़ा फायदा मिला है। पहले एक राज्‍य से दूसरे राज्‍य में माल का ट्रांसपोर्टेशन ज्‍यादा समय लेता था इससे लागत बढ़ जाती थी। 

 

नहीं बढ़ी महंगाई 

 

डीके जोशी का कहना है कि जीएसटी लागू होने के समय यह कहा जा रहा था कि जीएसटी की वजह से महंगाई बढ़ सकती है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है। जीएसटी का महंगाई पर कोई असर नहीं पड़ा है। पिछले एक वर्ष की अवधि में महंगाई बढ़ी है लेकिन यह टैक्‍स की वजह से नहीं बल्कि तेल की कीमतों और दूसरी वजहों से बढ़ी है। 

 

 

जीएसटी की वजह से गईं लोगों की नौकरियां 

 

जीएसटी लागू होने से तमाम कारोबारी और इंडस्‍ट्री जीएसटी के दायरे में आ गए। पहले ये लोग कैश में कारोबार करते थे और सिस्‍टम से बाहर थे। लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद ऐसे लोग सिस्‍टम में आ गए हैं। अब इनको जीएसटी देना पड़ रहा है। इसकी वजह से कम अवधि में छोटे कारोबारियों को झटका लगा है। मझोली इंडस्‍ट्री पर भी इसका असर पड़ा है। इसकी वजह से बड़े पैमाने पर लोगों की नौकरियां भी गईं है। इकोनॉमिस्‍ट पई पनिंदकरण कहना है कि हालांकि अब जीएसटी का नकारात्‍मक असर कम हो रहा है और आने वाले समय में नौकरियों के मोर्च पर सुधार होगा। 

 

 

 

 

 

 

 

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