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NCLT से सायरस मिस्‍त्री को राहत नहीं, टाटा संस बोर्ड के फैसले को बताया सही

सायरस मिस्‍ट्री ने चेयरमैन पद से हटाए जाने के बाद एनसीएलटी के पास याचिका दाखिल की थी।

nclt uphold tata sons decision on Cyrus mistry

नई दिल्‍ली। नेशनल कंपनी ला ट्रिब्‍यूनल एनसीएलटी ने सोमवार को टाटा संस के बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स के उस फैसले को बरकरार रखा है जिसके तहत चेयरमैन सायरस मिस्‍त्री को उनके पद से हटा दिया गया था। कंपनी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी थी। एनसीएलटी ने अपने फैसले में कहा है कि टाटा संस के बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स एग्‍जीक्‍यूटिव चेयरमैन को हटाने में सक्षम हैं क्‍योंकि बोर्ड के सदस्‍यों को उन पर विश्‍वास नहीं रहा। 

 

 

 

सायरस मिस्‍ट्री ने चेयरमैन पद से हटाए जाने के बाद एनसीएलटी के पास याचिका दाखिल की थी। सायरस मिस्‍ट्री ने बाद में टाटा ग्रुप की छह अन्‍य कंपनियों के बोर्ड से इस्‍तीफा दे दिया था। लेकिन उन्‍होंने खुद को चेयरमैन पद से हटाए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। 

 

एनसीएलटी ने मिस्‍त्री के आरोपों को किया खारिज 

 

जस्टिस बीएसवी प्रकाश कुमार ओर वी नल्लासेनपैथी की अगुवाई वाली पीठ के मुताबिक एनसीएलटी ने मिस्‍त्री के ऑपरेशनल कुप्रबंधन और माइनॉरिटी शेयरहोल्‍डर्स के उत्‍पीड़न के आरोपों को खारिज कर दिया। इसके अलावा एनसीएलटी को मिस्‍त्री के उस तर्क में भी कोई तथ्‍य नहीं मिला जिसमें कहा गया था कि रतन टाटा और टाटा संस के ट्रस्‍टी एनए सोनावाला ने टाटा संस के काम काज में दखल दिया था। पीठ ने अक्‍टूबर और फरवरी के बीच लगभग चार माह में दोनों पक्षों को सुना। 

 

सायरस मिस्‍त्री ने फैसले को बताया दुर्भाग्‍यपूर्ण 

 

सायरस मिस्‍त्री ने एक बयान में मिस्‍ट्री के फैसले को दुर्भाग्‍यपूर्ण बताया है लेकिन उन्‍होंने कहा कि यह फैसला चौंकाने वाला नहीं है।

 

मिस्‍त्री की दो कंपनियों ने टाटा के खिलाफ फाइल किया था केस 

 

दिसंबर 2016 में सायरय मिस्‍त्री की फैमिली के स्‍वामित्‍व वाली दो कंपनियों ने टाटा संस और रतन टाटा सहित 20 अन्‍य लोगों के खिलाफ उत्‍पीड़न ओर खराब प्रबंधन का केस फाइल किया था। यह विवाद सायरस मिस्‍त्री को अक्‍टूबर 2016 में टाटा संस के चेयरमैन और बाद में डायरेक्‍टर के पद से हटाए जाने के बाद शुरू हुआ था। मार्च, 2017 में एनसीएलटी ने फैसला दिया कि मिस्‍त्री की कंपनियां इन आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए योग्‍य नहीं हैं। 

 

 

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