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26 जनवरी को मोदी सरकार लांच करेगी अमेजन-फ्लिपकार्ट जैसा पोर्टल, सरकारी खरीद में बाबुओं का दखल होगा कम

मोदी सरकार सरकारी खरीद में करप्शन को रोकने के लिए जेम पोर्टल को अपना हथियार बनाने जा रही है।

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नई दिल्ली. मोदी सरकार सरकारी खरीद में करप्शन को रोकने के लिए जेम पोर्टल को अपना हथियार बनाने जा रही है। इसके लिए 26 जनवरी 2018 को जेम पोर्टल का अपडेटेड वर्जन पूरी तरह से लांच करने का प्लान है। जिसके जरिए सरकारी खरीद के प्रोसेस को ट्रांसपैरेंट करने का प्लान है। यहीं नहीं सरकार की इसके जरिए कोशिश है कि देश के छोटे से छोटे कस्बे और शहर में बैठे कारोबारी को सरकार के साथ बिजनेस करने का मौका मिल सके।

 
क्या है प्लान?
 
कॉमर्स मिनिस्ट्री से मिली जानकारी के अनुसार जेम पोर्टल जो पायलट वर्जन के रुप में चलाया जा रहा था, उसे अब एडवांस स्टेज में लांच किया जाएगा। इसके तहत पोर्टल का अपेडेटेड 3.0 वर्जन सरकार लांच करेगी। पुराने पोर्टल से माइग्रेशन का काम भी शुरू हो गया है। सरकार की प्लानिंग है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर यानी 26 जनवरी 2018 को उसे पूरी तरह से एक्टिव कर दिया जाय। 
 
 
2000 करोड़ से ज्यादा का हो चुका कारोबार
 
एक साल के अंदर जेम पोर्टल के जरिए 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा का ट्रांजैक्शन हो चुका है। जिसके जरिए एक लाख से ज्यादा के ऑर्डर दिए जा चुके हैं। अभी तक पोर्टल से 50 हजार से ज्यादा सेलर जुड़ चुके हैं। जबकि 19000 से ज्यादा आर्गनाइजेशन इन सेलर के जरिए करीब 3.5 लाख प्रोडक्ट की खरीदारी कर रहे हैं।
 
 
 
रजिस्टर्ड ओईएम अपडेट करें डाटा
 
मिनिस्ट्री ने पोर्टल के साथ रजिस्टर्ड ऑरिजनल इक्वीपमेंट मैन्युफैक्चर्स से कहा है कि वह माइग्रेशन मे सपोर्ट के लिए अपने मास्टर डाटा जल्द से जल्द अपडेट करे। इसके तहत उन्हें अपने प्रोडक्ट के मास्टर डाटा, स्पेसिफिकेशन सहित दूसरी डिटेल अपडेट करनी होगी।
 
 
क्या है Gem पोर्टल? 
 
केंद्र सरकार ने ई-पोर्टल के जरिए Gem (गवर्नमेंट ई-मार्केट) को तैयार किया है। जिसके जरिए सभी तरह की खरीदारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इसके जरिए खरीद प्रॉसेस में बाबुओं और मिडिलमैन का दखल खत्म किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि Gem के जरिए वह करीब 4 लाख करोड़ रुपए का मार्केट प्लेस उपलब्ध करा सकेगी। जिसके जरिए हर साल 40-50 हजार करोड़ रुपए की सेविंग उसे होगी।
 
 
 
देश के हर कोने से जुड़ सकेंगे कारोबारी    
 
GeM को कॉमर्स मिनिस्ट्री के तहत आने वाले डिपार्टमेंट डायरक्टरेट जनरल ऑफ सप्‍लाइज एंड डिस्पोजल्स ने डेवलप किया है। डिपॉर्टमेंट के एक सीनियर अफसर ने बताया GeM के जरिए हम सरकार की सभी बड़ी खरीदारियों को ऑनलाइन कर रहे हैं। इसके जरिए न केवल ट्रांसपरेंसी आएंगी बल्कि देश के छोटे-छोटे शहर बैठे बिजनेसमैन को भी सरकार के साथ बिजनेस कर सकेगा।
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