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11 हजार की आबादी वाले इस शहर में ठहरे हैं 100 देशों के महारथी, आजकल है सुर्खियों में 

बिल गेट्स, अंबानी जैसे दुनिया के ताकतवर लोगों का ठिकाना बना दावोस 

Where is Davos and what is the function of world economic forum


नई दिल्ली. मात्र 11 हजार की आबादी वाले शहर दावोस इन दिनों सुर्खियों में हैं। इस शहर में दुनिया के ताकतवर लोग इकट्‌ठा हुए हैं, जो तय करेंगे कि दुनिया की अगली इकोनॉमिक पॉलिसी क्या होगी? स्विट्जरलैंड का शहर दावोस यूरोप का सबसे ऊंचा शहर है।  आइए, जानते हैं, दावोस से जुड़ी कुछ खास बातें -


दूर हो जाती है टीबी की बीमारी 
स्विटजरलैंड का यह शहर समुद्रतल से 5100 फीट ऊपर स्थित है। 19वीं सदी में टीबी के मरीज यहां आ कर रहने लगे। यहां की हवा में टीबी का बैक्टीरिया जिंदा नहीं रह पाता। 

 

प्रदूषण की समस्या नहीं 
किसी भी शहर में जब कोई अंतरराष्ट्रीय बैठक होती है तो वहां भीड़ के साथ साथ प्रदूषण भी बढ़ जाता है लेकिन दावोस में इसके विपरीत इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल के कारण हवा में CO2 की मात्रा तीस फीसदी घट जाती है। 

 

5 दिन में 320 करोड़ रुपए का फायदा 
दावोस में हर साल जनवरी माह में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की पांच दिन की बैठक होती है। इस सालाना बैठक से दावोस की अर्थव्यवस्था को 4.5 करोड़ स्विस फ्रैंक (लगभग 321 करोड़ रुपए) और स्विट्जरलैंड को सात करोड़ स्विस फ्रैंक (500 करोड़ रुपए) का फायदा पहुंचता है। इसका आयोजन स्विट्जरलैंड की सरकार और दावोस की नगरपालिका मिल कर करते हैं। 

 

100 देशों के लोग पहुंचे 
2019 की बैठक में 100 देशों के लोग हिस्सा ले रहे हैं। इसमें राष्ट्राध्यक्षों की बड़ी संख्या मौजूद है। 

 

भारत से पहुंचे ये बड़े नाम 
भारत से लगभग 100 बड़ी कंपनियों के सीइओ और अधिकारी इस बैठक में पहुंचे हैं। इनमें मुकेश अंबानी अपने परिवार के साथ दावोस पहुंचे हैं। उनके अलावा गौतम अदाणी, संजीव बजाज, एन चंद्रशेखरन, सज्जन जिंदल, आनंद महिंद्रा, सुनील मित्तल, नंदन नीलेकणि, सलिल पारेख, अजीम प्रेमजी और उनके पुत्र ऋषद, रवि रुइया तथा अजय सिंह शामिल हैं। 

 

बिल गेट्स, जैक मा भी 

इस बैठक में माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स, सीइओ सत्या नडेला, गूगल के सीईओ सुंदर पिचई, अलीबाबा के फाउंडर जैक मा जैसी हस्तियां भी पहुंची हैं। 

 

 

1971 में हुई थी शुरुआत 
जर्मनी के बिजनसमैन प्रफेसर क्लौस श्वाब ने 1971 में स्विटजरलैंड के शहर दावोस में वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के सम्मेलन की शुरुआत की थी। इसका मकसद यूरोपीय देशों के बड़े उद्योगपतियों को अमेरिकी उद्योगपतियों से कुछ सीख देने का था। इसका मुख्यालय स्विटजरलैंड के जिनेवा में है। स्विस अधिकारियों द्वारा इसे अंतरराष्ट्रीय संस्था के रूप में मान्यता मिली हुई है। इनका मिशन विश्व के व्यवसाय, राजनीति, शैक्षिक और अन्य क्षेत्रों मेंअग्रणी लोगों को एक साथ लाकर वैश्विक, क्षेत्रीय और औद्योगिक विकास को बढ़ाना है।
 

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