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खास खबर: डाटा की डकैती, क्‍या बीजेपी-कांग्रेस हैं इस डर्टी गेम में शामि‍ल

पि‍छले साल प्रधानमंत्री नरेंद्रा मोदी ने कहा था कि‍ 2019 का चुनाव सोशल मीडि‍या पर लड़ा जाएगा।

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नई दि‍ल्‍ली। पि‍छले साल प्रधानमंत्री नरेंद्रा मोदी ने कहा था कि‍ 2019 का चुनाव सोशल मीडि‍या पर लड़ा जाएगा। बीजेपी और कांग्रेस के ऑफि‍शि‍यल मोबाइल ऐप के यूजर्स का डाटा थर्ड पार्टी को भेजने की रि‍पोर्ट जिस तरह से सामने आ रही है, उसे देखते हुए मोदी की यह बात सच लग रही है। राजनीति‍क पार्टि‍यां जि‍न डि‍जि‍टल हथि‍यारों का इस्‍तेमाल ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लि‍ए कर रही हैं वही अब लोगों के लि‍ए खतरा बनते जा रहे हैं।

 

अमेरि‍की चुनाव से उड़ी डाटा चोरी की आंधी अब भारत की राजनीति‍क तक पहुंच गई है। देश की दो सबसे बड़ी पार्टि‍यां एक-दूसरे पर यह आरोप लगा रही हैं कि‍ वह जनता को बि‍ना बताए उनका डाटा कंपनि‍यों को बेच रही हैं। मामला तब गर्म हुआ जब कैम्‍ब्रि‍ज एनालि‍टि‍का द्वारा अमेरि‍का में चुनाव और लोगों के डाटा के साथ छेड़छाड़ करने की घटना सामने आई। इसके बाद अब भारत की बड़ी राजनीति‍क पार्टि‍यों - बीजेपी और कांग्रेस पर डाटा चोरी करने के आरोप लग रहा है।

 

एक ट्वीट से शुरू हुआ मामला

 

23 मार्च 2018 को फ्रांस के एक सि‍क्‍योरि‍टी रि‍सर्चर, जि‍से एलिएट एल्‍डरसन के तौर पर जाना जाता है, उसने कहा कि‍ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मोबाइल ऐप बि‍ना लोगों की अनुमति‍ लि‍ए अमेरि‍का स्‍थि‍त थर्ड पार्टी कंपनी को यूजर्स का डाटा भेज रही है। ट्वीट की एक सीरि‍ज में एल्‍डरसन ने कहा कि‍ थोड़ी छानबीन करने के बाद पाया कि‍ इस डाटा ट्रांसफर का फायदा मोबाइल मार्केटिंग प्‍लेटफॉर्म क्‍लेवरटेप को पहुंच रहा है। आपको बता दें कि‍ एल्‍डरसन वही शख्‍स है जि‍सने भारत के सबसे बड़े नेशनल आईडेंटि‍डी कार्ड प्रोजेक्‍ट आधार में खामि‍यों का खुलासा कि‍या था।

 

कैमरे से लेकर ऑडि‍यो तक में झांक रहा है मोदी का ऐप

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑफि‍शि‍यल ऐप - Namo ऐप यूजर्स से स्‍मार्टफोन में इंस्‍टॉल होने के लि‍ए 22 तरह के परमि‍शन को हासि‍ल कर रहा है। इतनी परमि‍शन दूसरे कि‍सी भी ऐप के लि‍ए नहीं मांगी जाती है। इसमें अगर आप लि‍स्‍ट देखें तो इसमें -

 

1 टेक पि‍क्‍स/वीडि‍यो

2 आपके कॉन्‍टेक्‍ट को पढ़ने

3 आपके डीवाइज पर अकाउंट ढूंढने

4 एक्‍सेस लोकेशन

5 रि‍कॉर्ड ऑडि‍यो

6 फोन स्‍टेटस पढ़ने

7 डायरेक्‍टली कॉल नंबर्स

8 कंटेट ऑफ एसडी कार्ड पढ़ने

9 मोडि‍फाइ या डि‍लि‍ट कंटेंट ऑफ एसडी कार्ड

10 व्‍यू वाईफाई कनेक्‍शन

11 व्‍यू नेटवर्क कनेक्‍शन

12 फुल नेटवर्क एक्‍सेस

13 इंटरनेट से डाटा लेना

14 दूसरे ऐप्‍स

15 फोन स्‍लि‍पिंग से रोकना

16 गूगल सर्वि‍स कॉन्‍फि‍ग्रेशन पढ़ने

17 कंट्रोल वाइब्रेशन

18 कंट्रोल फ्लैशलाइट

19 गूगल प्‍ले लाइसेंस चेक

20 स्‍टीकी ब्रॉडकास्‍ट भेजना

21 ब्‍ल्‍यूटूथ डि‍वाइस से जुड़ना

22 चेंज ऑडि‍यो सेटिंग

 

आखि‍र क्‍या हैं ये राजनीति‍क ऐप

 

गूगल प्‍ले स्‍टोर डि‍स्‍क्रि‍प्‍शन में लि‍खा है कि इस ऐप के जरि‍ए प्रधानमंत्री से सीधे मैसेज और ईमेल आएगा। इसके अलावा, यूजर्स प्रधानमंत्री के ब्‍लॉग्‍स को पढ़ सकते हैं और रेडि‍यो शो - मन की बात को सुन सकते हैं। एंड्रॉयड पर इसके 50 लाख डाउनलोड्स हैं।

 

एंड्रॉयड प्‍ले स्‍टार डिस्‍क्रि‍प्‍शन में पढ़ा जा सकता है कि‍ यह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑफि‍शि‍यल ऐप है, यह सरकार से जुड़ा नहीं है और यह मोदी द्वारा ओन्‍ड है। ऐप का रजि‍स्‍टर्ड डेवलपर एड्रेस बीजेपी का दि‍ल्‍ली हेडक्‍वार्टर - भारतीय जनता पार्टी, 11 अशोका रोड, नई दि‍ल्‍ली- 110001 है।

 

वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस (INC) का ऑफि‍शि‍यल ऐप यूजर्स को कांग्रेस के साथ कनेक्‍ट करता है। वह यूजर्स को वि‍भि‍न्‍न सोशल मीडि‍या और न्‍यूज चैनल्‍स के जरि‍ए नि‍यमि‍त रूप से अपटेड देता है। हालांकि‍, इससे पहले की ज्‍यादा जानकारी मि‍लती, कांग्रेस ने अपना ऑफि‍शि‍यल ऐप गूगल के प्‍ले स्‍टोर से हटा दि‍या है।

 

भारत में आपकी सोच से भी ज्‍यादा खतरनाक हैं ऐप्‍स

 

जि‍तना आप सोचते हैं उससे भी ज्‍यादा खतरनाक हैं भारतीय ऐप। डाटा प्राइवेसी कंसलटेंसी Arrka की एक रि‍पोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि‍ भारत के ऐप्‍स यूजर्स से 7.9 'खतरनाक परमि‍शन' मांगते हैं, जोकि‍ अमेरि‍का के ऐप्‍स से भी ज्‍यादा हैं। खतरनाक परमि‍शन में कैलेंडर, एसएमएस, कॉल लॉग्‍स और स्‍टोरज (माइक्रोफोन से लेकर रि‍कॉर्ड ऑडि‍यो का इस्‍तेमाल), शेयरिंग लोकेशन इंफॉर्मेशन के अलावा ईमेल और सोशल मीडि‍या अकाउंट्स के बारे में डि‍टेल जुटाने तक एक्‍सेस शामि‍ल है।

 

इस तहत के एक्‍सेस यूजर्स की डाटा प्राइवेसी और सि‍क्‍योरि‍टी के लि‍ए खतरा हो सकते हैं। इस रि‍पोर्ट में 100 इंडि‍यन ऐप्‍स का एनालि‍सि‍स कि‍या गया, जि‍समें से 90 फीसदी ऐप्स में 10 लाख से ज्‍यादा डाउनलोड्स हैं और यह फाइनेंस, ट्रैवल, एंटरटेनमेंट और कम्‍युनि‍केशंस जैसी कैटेगरीज में हैं।

 

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पहले बीजेपी फि‍र कांग्रेस पर डाटा चोरी का आरोप

 

कांग्रेस पार्टी के प्रेसि‍डेंट राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया था कि‍ NaMo ऐप के जरि‍ए यूजर्स की डि‍टेल अमेरि‍की कंपनि‍यों को पहुंचाई जा रही हैं। राहुल गांधी ने ट्वीट कर लि‍खा, 'हाय! मेरा नाम नरेंद्र मोदी है। मैं भारत का प्रधानमंत्री हूं। जब आप मेरे ऑफि‍शि‍यल ऐप के लि‍ए साइन अप करते हैं, तो मैं आपका डाटा अमेरि‍कन कंपनि‍यों में अपने दोस्‍तों को दूंगा।'

 

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के आईटी सेल हेड अमि‍त मालवीय ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि‍ उनकी पार्टी के ऑफि‍शि‍यल ऐप का डाटा सिंगापुर की कंपनी को पहुंचाया जा रहा है।

 

मालवीय ने अपने ट्वि‍टर हैंडल के जरि‍ए साइट के डि‍स्‍क्‍लेमरा की तस्‍वीर शेयर की और कांग्रेस पार्टी पर नि‍शान साधा कि‍ वह थर्ड पार्टी के साथ डाटा शेयर करने की मंजूरी मांग रहे हैं। मालवीय ने ट्वीट में लि‍खा, 'हाय! मेरा नाम राहुल गांधी है। मैं भारत की सबसे पुरानी राजनीति‍क पार्टी का प्रेसि‍टेंड हूं। जब आप हमारे ऑफि‍शि‍यल ऐप पर साइन अप करते हैं तो मैं आपका डाटा सिंगापुर में अपने दोस्‍तों को दूंगा।'

 

कहां यूज हो रहा है आपका डाटा?

 

साइबर एक्‍सपर्ट पवन दुग्‍गल के मुताबिक, डाटा मार्केट का डाटा ज्‍यादातर कंपनियां और रिसर्च फर्म या बड़ी पीआर एजेंसियां यूज करती हैं। हालांकि डाटा का सोर्स ज्‍यादातर टेक कंपनियां होती हैं। फेसबुक को पता है कि आप क्‍या शेयर कर रहे हैं, गूगल को पता है कि आप क्‍या सर्च कर रहे हैं, अमेजन को पता है कि आप क्‍या खरीदते हैं। यहां से डाटा खरीदने वाले को पता होता है कि आप क्‍या सोचते हैं, आप क्‍या खरीदना चाहते हैं, किस राजनीतिक विचारधारा को फॉलो करते हैं। इसी के आधार पर आपसे ट्रीट किया जाता है।

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