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बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Policyफिक्‍स्ड टर्म की नौकरी के विरोध में लामबंद हुए ट्रेड यूनियन, कल सरकार के सामने सुनवाई

फिक्‍स्ड टर्म की नौकरी के विरोध में लामबंद हुए ट्रेड यूनियन, कल सरकार के सामने सुनवाई

नई दिल्‍ली। 2 019 आम चुनाव से पहले फिक्‍स्ड टर्म के लिए नौकरी की अनुमति देने का प्रस्‍ताव केंद्र सरकार के लिए महंगा पड़ सकता है। ट्रेड यूनियनों ने मौजूदा कांट्रैक्‍ट लेबर एक्‍ट में ऐसे किसी भी बदलाव का विरोध करने का फैसला किया है जिससे वर्कर की जॉब सिक्‍योरिटी प्रभावित होती है। ट्रेड यूनियनों का कहना है कि वे 19 तारीख को श्रम मंत्रालय के साथ बैठक में कांट्रैक्‍ट लेबर एक्‍ट में ऐसे किसी भी संशोधन का विरोध करेंगे जो वर्कर के हितों के खिलाफ हो। श्रम मंत्रालय ने आगामी 19 जनवरी को कांट्रैक्‍ट लेबर एक्‍ट में संशोधन पर विचार के लिए श्रिपक्षीय बैठक बुलाई है। 


क्‍या है बैठक का एजेंडा 

 

केंद्र सरकार फिक्‍स्ड टर्म के लिए नौकरी के प्रस्‍ताव पर विचार कर रही है। इसके तहत सरकार कंपनियों को यह अनुमति देना चाहती है कि वे तय समय के लिए किसी को नौकरी पर रख सकें और समय पूरा होने पर उसे नौकरी से हटा सकें। इसके लिए मौजूदा कांट्रैक्‍ट लेबर एक्‍ट में संशोधन का प्रस्‍ताव है। सरकार का मानना है कि बदलते समय में नौकरी के नियमों को लचीला बनाए जाने की जरूरत है। इससे कंपनियों की उत्‍पादकता भी बढ़ेगी। 

 

कांट्रैक्‍ट लेबर एक्‍ट में संशोधन करना चाहती है सरकार 

 

मौजूदा कांट्रैक्‍ट लेबर एक्‍ट में इस बात का प्रावधान है कि परमानेंट नेचर की जॉब में कांट्रैक्‍ट के आधार पर लोगों को नौकरी पर नहीं रखा जा सकता है। सरकार इस प्रावधान को हटा कर नौकरियों को कोर और नॉन कोर सेगमेंट में बांटना चाहती है। ट्रेड यूनियनों का कहना है कि सभी तरह की परमानेंट नेचर की नौकरियों को कांट्रैक्‍ट लेबर के दायरे से बाहर रख जाना चाहिए। 

 

ट्रेड यूनियन क्‍यों कर रहीं है विरोध 

 

वहीं देश की अग्रणी ट्रेड यूनियन आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस और भारतीय मजदूर संघ ने फिक्‍स्ड टर्म के लिए नौकरी को अनुमति देने के प्रस्‍ताव का विरोध किया है। आल  इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के प्रेसीडेंट डॉ संजीव रेड्डी ने moneybhaskar.com को बताया कि हम फिक्‍स्ड टर्म के लिए नौकरी की अनुमति देने के प्रस्‍ताव के खिलाफ है। हम आगामी 19 तारीख को होने वाली बैठक में इस प्रस्‍ताव का विरोध करेंगे। संजीव रेड्डी का कहना है कि सरकार वर्कर्स के हितों की कीमत पर इंडस्‍ट्री की मदद करना चाहती है। हम ऐसा नहीं होने देंगे। 

 

जॉब सिक्‍योरिटी हो जाएगी खत्‍म 

 

भारतीय मजदूर संघ के महासचिव विरजेश उपाध्‍याय का कहना है कि सरकार कांट्रैक्‍ट लेबर एक्‍ट में संशोधन कर जॉब सिक्‍योरिटी खत्‍म करना चाहती है। वहीं मौजूदा कांट्रैक्‍ट लेबर एक्‍ट वर्कर्स को जॉब सिक्‍योरिटी का अधिकार देता है। विरजेश उपाध्‍याय का कहना है कि 25 साल पहले तक ट्रेड सभी नौकरियों को परमानेंट बनाने का था। वहीं मौजूदा समय में सभी नौकरियों को टेंपरेरी बनाने का ट्रेंड है। भारतीय मजदूर संघ इस ट्रेंड का पुरजोर विरोध करेगी। 

 

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